लखनऊ मेट्रो के दूसरे फेज के निर्माण को लेकर अपडेट, इस रूट पर बिना जाम होगा सफर

लखनऊ मेट्रो के दूसरे फेज के निर्माण को लेकर अपडेट, इस रूट पर बिना जाम होगा सफर
Kanpur metro

लखनऊ मेट्रो फेज.2 की तैयारियां तेज़ हो गई हैं. जिससे शहरवासियों को बेहतर और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन सेवा मिलने की उम्मीद है. उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने इस परियोजना के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट को मंजूरी दे दी है. और निर्माण कार्य जल्द ही शुरू होने की संभावना है.

मेट्रो डिपो और कनेक्टिविटी, निर्माण कार्य की स्थिति

लखनऊ में मेट्रो रेल परियोजना के दूसरे चरण की तैयारियों ने रफ्तार पकड़ ली है. राज्य सरकार पहले ही इस परियोजना को मंजूरी दे चुकी है. अब केंद्र सरकार से बजट स्वीकृति दिलाने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है. इसी सिलसिले में इस महीने के अंत तक पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड की बैठक प्रस्तावित है, जिसमें लखनऊ मेट्रो के फेज-2 को सैद्धांतिक मंजूरी मिलने की संभावना है. लखनऊ मेट्रो फेज.2 के निर्माण कार्य की शुरुआत आगामी कुछ महीनों में होने की संभावना है. उत्तर प्रदेश सरकार ने इस परियोजना के लिए आगामी बजट में करोड़ रुपये आवंटित किए हैं. जिससे कार्य की गति में और तेजी आएगी ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट को मंजूरी मिल चुकी है. नेटवर्क प्लानिंग ग्रुप (छच्ळ) पहले ही इस परियोजना को हरी झंडी दे चुका है. अब केवल च्प्ठ और केंद्रीय कैबिनेट की स्वीकृति बाकी है.

उत्तर प्रदेश कैबिनेट द्वारा फेज-2 के प्रस्ताव को पहले ही मंजूरी देकर केंद्र सरकार को भेजा जा चुका है. समीक्षा के दौरान जो आपत्तियाँ उठाई गई थीं, उन्हें न्च्डत्ब् ने दूर कर दिया है. अब अधिकारियों को उम्मीद है कि इस महीने के अंतिम सप्ताह तक च्प्ठ से परियोजना को सैद्धांतिक मंजूरी मिल जाएगी. वहीं चारबाग से वसंत कुंज तक लखनऊ मेट्रो का ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर पुराने लखनऊ के अमीनाबाद, चौक जैसी जगहों को कनेक्ट करेगा. यह अपने मार्ग के साथ अन्य भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों को भी जोड़ेगा. यूपी मेट्रो के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने कहा कि मेट्रो के ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर को मंजूरी एक बड़ी उपलब्धि है. लखनऊ की शहरी आबादी के लिए यह प्रोजेक्ट बेहद अहम है. पतंगबाजी के कारण आए दिन बंद होने वाली मेट्रो से सबक लेते हुए यूपीएमआरसी सेकेंड फेज में ओवरहेड वायर की जगह थर्ड रेल लाइन बिछाएगा. इसमें ट्रेन के ठीक बगल में एक पटरी चलती है, जिससे करंट जाता है. इससे कोई भी वायर ट्रेन के ऊपर नहीं रहता. इससे ट्रिप होने की समस्या से छुटकारा मिलेगा.

परियोजना का विवरण, वसंतकुंज से चारबाग तक दौड़ेगी मेट्रो

बसंत कुंज में एक मेट्रो डिपो भी निर्मित किया जाएगा. जो मेट्रो संचालन को सुगम बनाएगा. इस विस्तार से पुराने लखनऊ के निवासियों के लिए मेट्रो यात्रा का अवसर उपलब्ध होगा. जिससे शहर के विभिन्न हिस्सों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी. 11.165 किमी लंबे कॉरिडोर के निर्माण पर लगभग 5,801 करोड़ रुपए खर्च होगा. ईस्ट वेस्ट कॉरिडोर अमीनाबाद, पांडेय गंज, मेडिकल कालेज व चौक जैसे व्यस्त इलाकों को जोड़ेगा. इसे ब्लू लाइन नाम दिया गया है. 23 जून 2026 तक इसका निर्माण पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. यूपीएमआरसी के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, दिल्ली में इसी महीने की बैठक होनी है, जिसमें ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर का प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाएगा.

माना जा रहा है कि इसे मंजूरी मिल जाएगी, जिसके बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी. इसके लिए यूपीएमआरसी ने पहले से आवश्यक तैयारियाँ शुरू कर दी हैं. चारबाग से वसंत कुंज रूट पर एलिवेटेड रूट की लंबाई 4.286 किमी होगी. भूमिगत लंबाई 6.879 किमी होगी। जिसमें 7 भूमिगत और 5 एलिवेटेड स्टेशन होंगे. ये कॉरिडोर मौजूदा नार्थ-साउथ कॉरिडोर के चारबाग मेट्रो स्टेशन से जुड़ेगा. चारबाग मेट्रो स्टेशन इंटरचेंज स्टेशन के तौर पर काम करेगा. यह लखनऊ मेट्रो का फेज-2 प्रोजेक्ट है. इसकी कुल लंबाई 11.165 किमी है। इसमें कुल 12 स्टेशन होंगे. यह रूट चारबाग से वसंतकुंज तक बनेगा. इसमें 7 भूमिगत मेट्रो स्टेशन होंगे. 6.8 किमी मेट्रो लाइन अंडरग्राउंड बनाई जाएगी. लखनऊ मेट्रो फेज.2 के इस विस्तार से शहरवासियों को यातायात की भीड़.भाड़ से राहत मिलेगी और सार्वजनिक परिवहन प्रणाली में सुधार होगा.

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Shambhunath Gupta Picture

शम्भूनाथ गुप्ता पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। 'मीडिया दस्तक' और 'बस्ती चेतना' जैसे प्लेटफॉर्म पर न्यूज़ और वीडियो एडिटिंग टीम में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। न्यूज़ प्रोडक्शन और डिजिटल कंटेंट निर्माण में गहरा अनुभव रखते हैं। वर्तमान में वे 'भारतीय बस्ती' की उत्तर प्रदेश टीम में कार्यरत हैं, जहां वे राज्य से जुड़ी खबरों की गंभीर और सटीक कवरेज में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।