यूपी के इस जिले में आयुष विश्वविद्यालय का लोकार्पण, रोजगार का खुला रास्ता
30 जून को गोरखपुर के लिए ऐतिहासिक दिन
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में लगभग लगभग 4 साल पहले गोरक्षनगरी की नगरी के भहटहट इलाके में प्रदेश के पूर्व आयुष विश्वविद्यालय की तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के कर कमलों द्वारा आधारशिला रखी गई थी. इस दौरान द्रौपदी मुर्मू आगामी 30 जून 2025 को इसका लोकार्पण इनके कर कमलों द्वारा करवाया जाएगा. जोकी गोरखपुर का पहला ऐसा विश्वविद्यालय स्थापित हो जाएगा जिसके नींव भी राष्ट्रपति ने रखी तथा लोकार्पण भी राष्ट्रपति के हाथों किया जाएगा.
अब दोनों अयोजनों में राष्ट्रपति को बुलाने का श्रेय उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नाम लिया जा रहा है इस दौरान राज्यपाल आनंदीबेन पटेल तथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के मौजूदगी में आयोजित होने वाला यह लोकार्पण समारोह को लेकर प्रशासनिक अमला तैयारी में जुड़ चुका है. गोरखपुर में अब विश्वविद्यालय के निर्माण कार्य तीव्र गति से करवाया जा रहा है जिसका अंतिम रूप दिया जा चुका है. आगे बताया गया है कि राष्ट्रपति के संभावित कार्यक्रम को देखते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर के अपने अगले दौर में आयुष विश्वविद्यालय का भी निरीक्षण कर सकते हैं वहां इसके लिए पहले भी कई बार विश्वविद्यालय के निर्माण कार्यों का आवश्यक निरीक्षण भी किया जा चुका है.
यह भी पढ़ें: यूपी में CM योगी के आदेश के बाद भी नहीं पहुंची सैलरी, होली से पहले लाखों कर्मचारियों की बढ़ी चिंताआयुष विश्वविद्यालय का महत्व, राष्ट्रपति का संदेश
भटहट इलाके के पिपरी में 52 एकड़ लगभग क्षेत्रफल में निर्माणाधीन इस विश्वविद्यालय की लागत 26750 करोड रुपए की राशि तय की गई है उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल किया है इसका शिलान्यास 28 अगस्त 2021 को तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के कर कमलों द्वारा संपन्न हुआ था. आयुष विश्वविद्यालय में आयुष ओपीडी का उद्घाटन समारोह 15 फरवरी 2023 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों हुआ था तब से प्रतिदिन यहां होम्योपैथिक, आयुर्वेद और यूनानी की ओपीडी मैं औसतन 300 मरीज परामर्श लिया करते थे.
इस ओपीडी का उद्घाटन समारोह के बाद अब तक करीब करीब एक लाख से अधिक लोग आयुष चिकित्सा से परामर्श ले चुके हैं. अब जल्द से जल्द आयुष अस्पताल प्रारंभ होने से प्राकृतिक चिकित्सा आयुर्वेद, होम्योपैथिक, योग, यूनानी समेत उपचार की कई बेहतरीन सुविधा भी उपलब्ध करवाई जाएगी. आगे बताया गया है कि आयुष विश्वविद्यालय पूरी तरह क्रियाशील होने के बाद किसानों की तरक्की और नौजवानों के लिए नौकरी और रोजगार की रहा बनाने में कारगर साबित होगा यहां आस-पास उगने वाली जड़ी बूटियों को संग्रह करके उनसे दवाइयां बनाई जाएगी किसानों को औषधि खेतों से ज्यादा फायदा मिल सकता है आयुष चिकित्सालय व्यापक पैमाने पर सकारात्मक तथा रोजगार परिवर्तन का कारक भी बन सकता है.
ताजा खबरें
About The Author
शम्भूनाथ गुप्ता पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। 'मीडिया दस्तक' और 'बस्ती चेतना' जैसे प्लेटफॉर्म पर न्यूज़ और वीडियो एडिटिंग टीम में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। न्यूज़ प्रोडक्शन और डिजिटल कंटेंट निर्माण में गहरा अनुभव रखते हैं। वर्तमान में वे 'भारतीय बस्ती' की उत्तर प्रदेश टीम में कार्यरत हैं, जहां वे राज्य से जुड़ी खबरों की गंभीर और सटीक कवरेज में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।