यूपी के इस जिले में 17 साल से एक सड़क के लिए बुजुर्ग लगाते रहे चक्कर, एसडीएम ने किया यह काम
परंतु इस बार कुछ अलग हुआ. एक अफसर की संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई ने बृजेंद्र पाल के 17 सालों के इंतजार को सिर्फ 17 मिनट में समाप्त कर दिया. बीते सप्ताह समाधान दिवस में जब बृजेंद्र पाल एक बार फिर अपनी समस्या लेकर पहुंचे, तो उनकी मुलाकात अपर जिला अधिकारी प्रतिपाल सिंह चौहान से हुई. बृजेंद्र पाल ने हाथ जोड़कर अपनी पीड़ा सुनाई और बताया कि वे सालों से इस सड़क के लिए प्रशासन के सामने गिड़गिड़ा रहे हैं. उन्होंने कहा कि यह केवल सड़क नहीं, बल्कि पूरे गांव की जरूरत है. एडीएम चौहान ने उनकी बात ध्यान से सुनी और औपचारिकता में समय गंवाए बिना तुरंत मौके पर कार्यवाही के आदेश दे दिए. उन्होंने एसडीएम और जिला पंचायत विभाग को निर्देशित किया कि वे तत्काल स्थल निरीक्षण करें और आवश्यक कार्रवाई शुरू करें.
एडीएम के आदेश के कुछ ही घंटों के भीतर प्रशासन की टीम गांव पहुंच गई. सड़क की नपाई करवाई गई, और जल्द से जल्द निर्माण कार्य शुरू करने के लिए एस्टीमेट भी तैयार कर लिया गया. बृजेंद्र पाल की आंखों में आंसू थे, परंतु इस बार वे खुशी के थे. उन्होंने कहा कि जो कार्य सत्रह साल में नहीं हुआ, वह आज कुछ ही मिनटों में हो गया. यह सड़क अब न सिर्फ उनके लिए, बल्कि पूरे गांव के लिए राहत बनेगी. एडीएम प्रतिपाल सिंह चौहान ने स्पष्ट किया कि जब उन्हें इस लंबी प्रतीक्षा की जानकारी मिली, तो उन्होंने बिना देर किए कार्यवाही की और वादा किया कि सड़क को निर्मित कराने का कार्य जल्द ही पूरा होगा.
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शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।