UP में क्लास 6 से पढ़ाया जाएगा AI! बच्चों को मिल सकेंगी हाई पैकेज वाली नौकरियां
CM योगी को लिखा पत्र, स्कूलों में AI, कोडिंग और साइबर सिक्योरिटी पढ़ाने का दिया सुझाव
उत्तर प्रदेश के स्कूलों में जल्द ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल लिटरेसी और साइबर सिक्योरिटी जैसे विषय पढ़ाए जाने की शुरुआत हो सकती है. इस संबंध में सरोजिनी नगर से विधायक राजेश्वर सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव दिया है. विधायक ने अपने पत्र में कहा कि बदलती तकनीकी दुनिया में छात्रों को आधुनिक ज्ञान देना बेहद जरूरी हो गया है, ताकि वे भविष्य की अर्थव्यवस्था और नई तरह की नौकरियों के लिए तैयार हो सकें.
कक्षा 6 से शुरू हो AI और कोडिंग की पढ़ाई
डॉ. राजेश्वर सिंह ने सुझाव दिया कि स्कूलों में कक्षा 6 से ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कोडिंग और डिजिटल स्किल्स की पढ़ाई शुरू की जानी चाहिए. उनका मानना है कि अगर बच्चों को शुरुआती स्तर से ही नई तकनीकों की जानकारी मिलेगी तो वे आगे चलकर टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में बेहतर करियर बना सकेंगे.
साइबर सिक्योरिटी की जानकारी भी जरूरी
विधायक ने अपने पत्र में यह भी कहा कि इंटरनेट और डिजिटल प्लेटफॉर्म के बढ़ते उपयोग के कारण साइबर सिक्योरिटी की जानकारी भी छात्रों के लिए जरूरी हो गई है. स्कूलों में अगर साइबर सुरक्षा से जुड़ी शिक्षा दी जाएगी तो बच्चे ऑनलाइन धोखाधड़ी, साइबर अपराध और डिजिटल खतरों से बचना सीख सकेंगे.
भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए जरूरी कदम
डॉ. राजेश्वर सिंह का कहना है कि दुनिया तेजी से डिजिटल और तकनीकी युग की ओर बढ़ रही है. ऐसे में शिक्षा व्यवस्था को भी उसी दिशा में आगे बढ़ाना होगा. उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि राज्य के स्कूलों में आधुनिक तकनीकी शिक्षा को पाठ्यक्रम में शामिल करने पर विचार किया जाए, ताकि उत्तर प्रदेश के छात्र भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के लिए पूरी तरह तैयार हो सकें.
UP में क्लास 6 से पढ़ाया जाएगा AI! बच्चों को मिल सकेंगी हाई पैकेज वाली नौकरियां
CM योगी को लिखा पत्र, स्कूलों में AI, कोडिंग और साइबर सिक्योरिटी पढ़ाने का दिया सुझाव
उत्तर प्रदेश के स्कूलों में जल्द ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल लिटरेसी और साइबर सिक्योरिटी जैसे विषय पढ़ाए जाने की शुरुआत हो सकती है. इस संबंध में सरोजिनी नगर से विधायक राजेश्वर सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव दिया है. विधायक ने अपने पत्र में कहा कि बदलती तकनीकी दुनिया में छात्रों को आधुनिक ज्ञान देना बेहद जरूरी हो गया है, ताकि वे भविष्य की अर्थव्यवस्था और नई तरह की नौकरियों के लिए तैयार हो सकें.
कक्षा 6 से शुरू हो AI और कोडिंग की पढ़ाई
डॉ. राजेश्वर सिंह ने सुझाव दिया कि स्कूलों में कक्षा 6 से ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कोडिंग और डिजिटल स्किल्स की पढ़ाई शुरू की जानी चाहिए. उनका मानना है कि अगर बच्चों को शुरुआती स्तर से ही नई तकनीकों की जानकारी मिलेगी तो वे आगे चलकर टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में बेहतर करियर बना सकेंगे.
साइबर सिक्योरिटी की जानकारी भी जरूरी
विधायक ने अपने पत्र में यह भी कहा कि इंटरनेट और डिजिटल प्लेटफॉर्म के बढ़ते उपयोग के कारण साइबर सिक्योरिटी की जानकारी भी छात्रों के लिए जरूरी हो गई है. स्कूलों में अगर साइबर सुरक्षा से जुड़ी शिक्षा दी जाएगी तो बच्चे ऑनलाइन धोखाधड़ी, साइबर अपराध और डिजिटल खतरों से बचना सीख सकेंगे.
भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए जरूरी कदम
डॉ. राजेश्वर सिंह का कहना है कि दुनिया तेजी से डिजिटल और तकनीकी युग की ओर बढ़ रही है. ऐसे में शिक्षा व्यवस्था को भी उसी दिशा में आगे बढ़ाना होगा. उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि राज्य के स्कूलों में आधुनिक तकनीकी शिक्षा को पाठ्यक्रम में शामिल करने पर विचार किया जाए, ताकि उत्तर प्रदेश के छात्र भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के लिए पूरी तरह तैयार हो सकें.
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About The Author
विकास कुमार पिछले 20 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। उत्तर प्रदेश की राजनीति पर इनकी मजबूत पकड़ है, विधानसभा, प्रशासन और स्थानीय निकायों की गतिविधियों पर ये वर्षों से लगातार रिपोर्टिंग कर रहे हैं। विकास कुमार लंबे समय से भारतीय बस्ती से जुड़े हुए हैं और अपनी जमीनी समझ व राजनीतिक विश्लेषण के लिए पहचाने जाते हैं। राज्य की राजनीति पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक भरोसेमंद पत्रकार की पहचान देती है