यूपी के इस जिले में बनेंगे सोलह नए बिजली उपकेन्द्र, देखें लिस्ट
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नए बिजली उपकेंद्रों के लाभ
वाराणसी में बिजली की बढ़ती मांग और बढ़ते जनसंख्या दबाव के कारण उपकेंद्रों की संख्या बढ़ाने की जरूरत महसूस की गई है. वर्तमान में शहर में बिजली आपूर्ति में कभी.कभी समस्याएं उत्पन्न होती हैं. खासकर जब गर्मी का मौसम आता है और बिजली की खपत में अत्यधिक वृद्धि होती है. ऐसे में नए बिजली उपकेंद्रों के निर्माण से इन समस्याओं का समाधान होगा और शहर में बिजली की आपूर्ति को सुदृढ़ किया जा सकेगा. पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम की ओर से 16 नए उपकेंद्र खोले जाएंगे। पीएम का 11 से 13 अप्रैल के बीच वाराणसी दौरा प्रस्तावित है। प्रधानमंत्री उपकेंद्रों का शिलान्यास करेंगे।
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वाराणसी में बनेंगे 16 नए बिजली उपकेंद्र
जिले में इस समय 100 उपकेंद्रों से बिजली आपूर्ति की जाती है. इनकी अलग-अलग क्षमता है। सर्वाधिक 33/11 केवी के 85 उपकेंद्र हैं. इसके अलावा 132 केवी वाले 10 और 220 केवी के चार उपकेंद्रों के साथ ही एक उपकेंद्र 400 केवी की क्षमता का है. इनसे वर्तमान समय में 737078 उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति होती है. जिले में 16 नए उपकेंद्रों का निर्माण कराया जाएगा. इनके लिए जगह फाइनल कर ली गई है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आगामी वाराणसी दौरे के दौरान इन उपकेंद्रों की नींव रखेंगे. नए उपकेंद्रों के निर्माण से बिजली आपूर्ति सुचारू होगी. बिजली निगम की ओर से नए उपकेंद्रों के शिलान्यास की तैयारी शुरू कर दी गई है.
साकेतनगर में एक ई हाउस, दशाश्वमेध, गणेशपुर में जीआईएस आधारित उपकेंद्र आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा. इसके साथ ही बाकी 13 उपकेंद्र का भी रास्ता साफ हो गया है. वाराणसी के ग्रामीण और उपनगरों में भी बिजली की आपूर्ति बेहतर होगी. नए उपकेंद्र इन इलाकों में ऊर्जा की स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित करेंगे. जिससे स्थानीय विकास में मदद मिलेगी. नए उपकेंद्रों में नवीनतम प्रौद्योगिकी का उपयोग किया जाएगा. जिससे बिजली वितरण प्रणाली अधिक स्मार्ट और सक्षम बन सकेगी. जब बिजली आपूर्ति मजबूत होगी. तो चोरी की घटनाओं को रोकने में भी मदद मिलेगी. क्योंकि उपकेंद्रों के पास अधिक निगरानी और नियंत्रण होगा.