यूपी में इस गाँव तक पहली बार पहुँची बिजली
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आज़ादी के बाद बिजली का इंतजार
आज़ादी 15 अगस्त 1947 को मिली, और इसके बाद देशभर में विकास की दिशा में कई कदम उठाए गए. हालांकि कुछ गांव और क्षेत्र आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित थे. ऐसे ही एक छोटे से गांव में बिजली की आवश्यकता वर्षों से महसूस की जा रही थी. यह गांव एक तरह से उस पूरे भारत की तस्वीर था जहां विकास के प्रमुख लाभ अब तक नहीं पहुंचे थे. योगी सरकार ने एक बार फिर साबित किया है कि उसकी प्राथमिकता गांव, गरीब और वंचित हैं. जिले के छपिया ब्लॉक स्थित मनीपुर ग्रांट वनटांगिया गांव में पहली बार बिजली पहुंचने का सपना अब साकार हुआ है. सरकार की नीतियों और निर्णयों के चलते इस सुदूर वनवासी गांव में भी अब विकास की रोशनी पहुंच चुकी है.
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गांव में बिजली आने से जीवन में बदलाव
गांव के बच्चे अब अच्छे से पढ़ाई कर सकेंगे. क्योंकि बिजली आने से स्कूलों में भी पढ़ाई के लिए उपयुक्त वातावरण मिलेगा. साथ ही घरों में भी स्टडी लाइट्स की मदद से बच्चे अपनी पढ़ाई में ज्यादा समय दे पाएंगे. आजादी के बाद से अंधेरे में डूबे इस गांव में बदलाव की शुरुआत 2018 में हुई. योगी आदित्यनाथ ने वनटांगिया गांवों के विकास के लिए विशेष पहल की। पहले चरण में सोलर लाइट्स लगाई गईं. जिससे ग्रामीणों को रात के अंधेरे से कुछ राहत मिली। अब विद्युत विभाग द्वारा बिजली कनेक्शन देने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है.
बिजली की आपूर्ति से गांव के स्वास्थ्य केंद्रों में जरूरी उपकरण चलाने में मदद मिलेगी जिससे मरीजों को बेहतर इलाज मिल सकेगा। इसके अलावा आधुनिक चिकित्सा सेवाओं की शुरुआत हो सकती है. सरकार की योजनाओं का सीधा लाभ अब ग्रामीणों को मिलने लगा है. गांव के बुजुर्ग संतराम कहते हैं। हमने कभी नहीं सोचा था कि हमारे गांव तक बिजली पहुंचेगी. अब जिंदगी में रोशनी आई है. संजय, जिन्हें मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत पक्का घर मिला है. उन्होंने कहा कि अब बच्चों की पढ़ाई भी ठीक से हो पाएगी. शनिवार को गांव में एक विशेष शिविर का आयोजन किया जाएगा. जिसमें औपचारिक रूप से ग्रामीणों को बिजली कनेक्शन दिए जाएंगे. इससे न केवल घरों में रोशनी आएगी. बल्कि गांव विकास की मुख्यधारा से भी जुड़ सकेगा.