बस्ती . शनिवार को समाजवादी पार्टी कार्यालय पर निषादों के राजा गुह्य, महर्षि कश्यप और सम्राट अशोक को उनकी जयंती पर याद किया गया. सपा जिलाध्यक्ष एवं बस्ती सदर विधायक के संयोजन में आयोजित कार्यक्रम और पार्टी की मासिक बैठक में महेन्द्रनाथ यादव कहा कि निषाद वंश के ऋंगवेरपुर के राजा गुह्य ने वनवासकाल में श्रीराम राम,सीता तथा लक्ष्मण को अपने नगर में रात्रि विश्राम का आश्रय देने के साथ ही केवटराज से गंगा पार करवाया था. वहीं ऋषि कश्यप का समाज निर्माण में विशेष योगदान रहा. कहा कि अपनी शिक्षाओं और अपने काम को व्यापक प्रचार दिलाने के लिए अशोक ने मौखिक घोषणाओं के माध्यम से और अनेक स्थानों पर चट्टानों और स्तंभों पर उत्कीर्णन के माध्यम से उन्हें प्रचारित किया. शिलालेख और स्तंभ शिलालेख (जैसे, सारनाथ में पाए गए स्तंभ का सिंह शीर्ष , जो भारत का राष्ट्रीय प्रतीक बन गया है), जो अधिकतर उनके शासनकाल के विभिन्न वर्षों में दिनांकित हैं - उनके विचारों और कार्यों के बारे में कथन हैं और उनके जीवन और कार्यों के बारे में जानकारी प्रदान करते हैं. उनके कथनों में स्पष्टता और ईमानदारी झलकती थी.
कहा कि हमें अपने महापुरूषों से प्रेरणा लेनी चाहिये. बूथ स्तर पर पार्टी की मजबूती और सपा के नीति कार्यक्रम को पहुचाने के लिये निरन्तर कार्य हो और पात्रोें को मदद, अन्याय के मुखर विरोध का सिलसिला जारी रहे. हमें जन भावनाओें पर खरा उतरना होगा.
कार्यक्रम में विधायक राजेन्द्र प्रसाद चौधरी, कविन्द्र चौधरी अतुल’ पूर्व विधायक राजमणि पाण्डेय, समाजवादी चिन्तक चन्द्रभूषण मिश्र, समीर चौधरी, मो. स्वालेह, जमील अहमद, गीता भारती, अंकुर गौतम, विपिन त्रिपाठी, अजय यादव, कल्लू मोदनवाल, महेश चौधरी,मो. सलीम आदि ने कहा कि निषादराज निषादों के राजा का उपनाम है. वे ऋंगवेरपुर (वर्तमान-प्रयागराज) के महाराजा थे, उनका नाम महाराज गुहराज निषादराज था. वे निषाद समाज के थे और उन्होंने ही वनवासकाल में राम, सीता तथा लक्ष्मण को अपने सेवकों के द्वारा गंगा पार करवाया था . वहीं सृष्टि के सृजक सप्तऋषि महर्षि कश्यप ब्रह्मा जी के मानस-पुत्र और मरीची ऋषि के महातेजस्वी पुत्र थे. इन्हें अरिष्टनेमी के नाम से भी जाना जाता था. महर्षि कश्यप ऋषि-मुनियों में श्रेष्ठ माने जाते थे. वक्ताआंें ने कहा कि सम्राट अशोक के संरक्षण का ही परिणाम है कि बौद्ध धर्म, जो तब तक एक छोटा सा संप्रदाय था जो विशेष इलाकों तक सीमित था, पूरे भारत में फैल गया और बाद में देश की सीमाओं से परे भी फैल गया. महापुरूष हमें निरन्तर आगे बढने की प्रेरणा देते हैं.
कार्यक्रम में मुख्य रूप से राजेन्द्र यादव, जावेद पिण्डारी, अरविन्द सोनकर, जमील अहमद, गुलाम गौस, अरविन्द यादव, राजेन्द्र चौधरी, विजय लक्ष्मी, चन्द्र प्रकाश चौधरी, रन बहादुर यादव, जर्सी यादव, देवनाथ यादव, अजय यदव, मुरली पाण्डेय, देवेन्द्रनाथ श्रीवास्तव, नितराम चौधरी, राजदेव, वीरेन्द्र चौधरी, घनश्याम यादव, मो. युनुस आलम, रजनीश यादव, सुशील यादव, मो. सलीम, रजवन्त यादव, तूफानी यादव, मधुबन यादव, दिलीप कुमार, रहमान सिद्दीकी, जोखू लाल यादव, गौरीशंकर यादव, जहीर अंसारी, अजीत यादव के साथ ही अनेक नेता, कार्यकर्ता शामिल रहे. अंत में सपा के सेक्टर अध्यक्ष राम सूरत चौधरी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुये श्रद्धा सुमन अर्पित किया गया.