यूपी में यहां चलेगा बुलडोजर, घरों को भेजा गया नोटिस
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इस कार्रवाई के तहत, प्रशासन ने प्रत्येक अवैध कब्जेदार पर 10,500 रुपये का जुर्माना भी लगाया है. यह कदम सरकारी संपत्ति की सुरक्षा और अवैध कब्जों के खिलाफ प्रशासन की दृढ़ता को दर्शाता है. स्थानीय निवासियों के लिए यह एक महत्वपूर्ण चेतावनी है कि वे सरकारी भूमि का सम्मान करें और किसी भी प्रकार के अवैध निर्माण से बचें.
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बुधवार को, उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में, तहसील प्रशासन गांव पहुंचा. वहां उन्होंने 19 मकान मालिकों को नोटिस जारी किए. एक हालिया नोटिस में यह स्पष्ट किया गया है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर अतिक्रमित मकान नहीं हटाए जाते हैं, तो प्रशासन स्वयं अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करेगा.
इस प्रक्रिया के दौरान जो भी खर्च आएगा, उसकी भरपाई कब्जेदारों से की जाएगी. प्रशासन की इस कार्रवाई से गांव में हलचल मच गई है. लोग इस मुद्दे को लेकर चिंतित हैं और चर्चा कर रहे हैं कि यदि प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाती है, तो इससे कई परिवारों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा.
नोटिस प्राप्त करने के बाद कई ग्रामीणों ने इसे अन्याय मानते हुए उच्च न्यायालय में अपील करने का निर्णय लिया है. तहसीलदार शारा अशरफ ने जानकारी दी कि उच्च न्यायालय से मिले आदेश के आधार पर गांव में एक व्यापक जांच की गई थी. इस जांच के परिणामस्वरूप 15 व्यक्तियों को नोटिस जारी किया गया है. उन्होंने यह भी बताया कि अन्य अवैध निर्माणों को हटाने की प्रक्रिया अदालत के निर्णय के बाद शीघ्र ही शुरू की जाएगी.