प्रदेश में अब विकास को नई गति मिलने जा रही है. राज्य सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों में सुधार और विकास के लिए कई नई योजनाओं की शुरुआत की है. जो न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि समग्र रूप से प्रदेश की आर्थिक और सामाजिक स्थिति को मजबूत करेंगी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने ये योजनाएं प्रदेश के समग्र विकास को तेज़ी से आगे बढ़ाने के लिए बनाई हैं.
विकास को मिलेगी नई गति
प्रदेश में सड़क और परिवहन नेटवर्क को बेहतर बनाने के लिए कई परियोजनाएं शुरू की गई हैं. प्रमुख शहरों को दूसरे जिलों से जोड़ने के लिए नए राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जा रहा है. इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क नेटवर्क को मजबूत करने के लिए भी कार्य किए जा रहे हैं. इससे लोगों को बेहतर यातायात की सुविधा मिलेगी और व्यवसायिक गतिविधियों में तेजी आएगी. पूर्वाेत्तर रेलवे की महत्वाकांक्षी खलीलाबाद.बहराइच नई रेल लाइन परियोजना संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती और बहराइच समेत पांच जनपद को जोड़ेगी। 1148 हेक्टेयर भूमि पर 241.6 किमी लंबी बिछने वाली यह नई रेल लाइन न सिर्फ यातायात की दृष्टि से पिछड़े क्षेत्र के लोगों का आवागमन सुगम बनाएगी, बल्कि रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के साथ क्षेत्र का विकास भी करेगी. केंद्र सरकार की कैबिनेट ने अक्टूबर 2018 में खलीलाबाद-बहराइच नई रेल लाइन की मंजूरी दी थी. साथ ही निर्माण कार्य के लिए 4940 करोड़ रुपये का बजट भी प्रस्तावित कर दिया था. तत्कालीन रेलमंत्री पीयूष गोयल ने दो मार्च 2019 को खलीलाबाद में नई रेल लाइन का शिलान्यास किया था. आनंदनगर-महराजगंज-घुघली हो या सहजनवां-दोहरीघाट और खलीलाबाद-बहराइच नई रेल लाइन. रेल लाइन बिछने के साथ विद्युतीकरण भी होता रहेगा. यह सभी रेल लाइनें 160 किमी प्रति घंटे ट्रेन चलने लायक बिछाई जा रही हैं. ताकि भविष्य में इन नई रेल लाइनों पर भी वंदे भारत समेत अन्य गतिमान ट्रेनें भी चलाई जा सकें. पूर्वाेत्तर रेलवे के मुख्य लाइन बाराबंकी-गोरखपुर-छपरा 425 किमी को 160 किमी की गति के लायक तैयार किया जा रहा है. पूर्वाेत्तर रेलवे में अधिकतम 110 किमी की गति से ट्रेनें चल रही हैं.
सड़क और परिवहन नेटवर्क का विस्तार
बहराइच नई रेल लाइन में कुल 32 स्टेशन बनाए जाएंगे, जिसमें चार जंक्शन, 16 क्रासिंग और 12 हाल्ट स्टेशन होंगे। स्टेशनों में बहराइच, आजातपुर, धुंसवा बरडेहरा, हरिहरपुर, भिनगा, बिशुनपुर रामनगर, लक्ष्मनपुर, एकौना, श्रावस्ती, हसुवाडोल, झारखंडी, बलरामपुर, खगई जोत, महेशबारी, श्रीदत्त गंज, कपऊशेरपुर, ऊतरौला, चिरकुटिहा परिमनिहा, बंजरहा, धनखरपुर, डुमरियागंज, टिकरिया, भागोभार, रमवापुर दूबे, बांसी, खेसरहा, पसाई, मेंहदावल, बखिरा, बघौली बाजार और खलीलाबाद शामिल हैं। इसके अलावा दो महत्वपूर्ण बड़े पुल, 32 बड़े और 86 छोटे पुल बनाए जाएंगे. साथ ही इस रेल लाइन पर नौ ओवर ब्रिज तथा 132 अंडरपास बनाए जाएंगे. इस रेल लाइन का निर्माण कार्य तीन चरण में पूरा होगा. प्रथम चरण में खलीलाबाद से बांसी तक 54.40 किमी रेल लाइन का निर्माण कार्य आरंभ हो चुका है. वर्ष 2027 तक प्रथम चरण का निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित है. तीसरे चरण में श्रावास्ती से बहराइच तक 72.20 किमी रेल लाइन निर्माण के लिए 342 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है. बहराइच जिले के सभी गांवों की भूमि के 20 ई का प्रकाशन हो चुका है. श्रावस्ती जनपद के इकौना व जमुनहा तहसील के अंतर्गत आने वाले गांवों के 20 ए का प्रकाशन हो चुका है. रेलवे के स्पेशल प्रोजेक्ट में शामिल इस रेल लाइन के निर्माण की भी प्रक्रिया तेज हो गई है. निर्माण कार्यों के साथ भूमि का अधिग्रहण भी तेजी के साथ की जा रही है. प्रथम चरण में खलीलाबाद से बांसी तक रेल लाइन निर्माण के लिए 237 हेक्टेयर भूमि चिन्हित किया गया है. इसमें 203 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण हो चुका है, अधिग्रहीत भूमि पर निर्माण कार्य चल रहा है. शेष 34 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण अंतिम चरण में है। इसके लिए 20 ए और ई का प्रकाशन हो चुका है. दूसरे चरण में बांसी से श्रावस्ती तक 115 किमी रेल लाइन के लिए 569 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है. अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है. इन योजनाओं के जरिए बुनियादी ढांचे में सुधार रोजगार के अवसर और सामाजिक कल्याण को प्राथमिकता दी जाएगी.