यूपी में स्कूलों की टाइमिंग में बदलाव, डीएम को मिले निर्देश
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जिलाधिकारियों को मिले सख्त निर्देश
राज्य सरकार ने गर्मी के मौसम में बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए स्कूलों के समय को बदलने का फैसला लिया है. अब सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में समय 7ः00 बजे से 1ः00 बजे तक रहेगा। यह समय दिन के सबसे गर्म हिस्से से पहले और बाद में है. जिससे बच्चों को अत्यधिक गर्मी और उमस से बचाया जा सके. राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव पी गुरुप्रसाद ने गर्मी बढ़ने पर विद्यार्थियों को हीटवेव से बचाने के लिए स्कूलों का समय बदलने के निर्देश दिए हैं. साथ ही कहा है कि गर्मी में स्कूलों में प्रात कालीन सत्र की व्यवस्था की जाए। उन्होंने बुंदेलखंड व विंध्य क्षेत्र में टैंकरों से पेयजल की आपूर्ति करने करने को कहा है. उन्होंने जिलाधिकारियों को गर्मी व लू के कारण होने वाली बीमारियों के उपचार के लिए अस्पतालों में दवाइयों की उपलब्धता कराने के भी निर्देश दिए हैं. राहत आयुक्त ने अग्निशमन विभाग को अलर्ट रहने को कहा है.
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यूपी के स्कूलों की बदली टाइमिंग
यह कदम खासतौर पर जून और जुलाई महीने के दौरान लागू होगा. जब उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में पारा अधिक रहता है. यह बदलाव बच्चों की सेहत के साथ.साथ उनकी पढ़ाई में भी किसी प्रकार की रुकावट को कम करेगा. गुरुवार को लाल बहादुर शास्त्री भवन (एनेक्सी) में वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि गर्मी के मद्देनजर बचाव के सभी उपाय समय रहते पूरे कर लिए जाएं. बुंदेलखंड व विंध्य क्षेत्र के जिलों में पेजयल की आपूर्ति करने वाले टैंकरों की मानिटरिंग जीपीएस ट्रैैकर डिवाइस से की जाए. उत्तर प्रदेश सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे स्कूलों में समय के बदलाव को प्रभावी तरीके से लागू कराएं.
जिलाधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि स्कूलों में समय में बदलाव के आदेश का पालन सख्ती से हो. ताकि बच्चों को गर्मी और लू के प्रभाव से बचाया जा सके.इसके अलावा जिलाधिकारी यह भी देखेंगे कि स्कूलों में पर्याप्त पानी की व्यवस्था हो और बच्चों को धूप से बचाने के लिए छायादार स्थानों की व्यवस्था की जाए. इसके अलावा जिलाधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि स्कूलों में बच्चों को गर्मी से बचाने के लिए सभी आवश्यक स्वास्थ्य सुरक्षा उपाय लागू किए जाएं. जैसे कि पानी के स्टेशनों का पर्याप्त इंतजाम हवादार कक्षाओं का होना और बच्चों के लिए ठंडी जगहों की उपलब्धता