यूपी में इस रूट पर बनेगा नया हाईवे, खर्च होंगे 3700 करोड़ रुपए
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कानपुर.कबरई परियोजना को मिली हरी झंडी
ग्रीन हाईवे परियोजना का विचार एक ऐसे हाईवे का निर्माण करना है. जो न केवल यातायात को सरल और तेज़ बनाता है. बल्कि पर्यावरणीय दृष्टिकोण से भी मजबूत होता है. इसमें हरित तकनीकों का इस्तेमाल करते हुए सड़क निर्माण किया जाएगा. ताकि हवा की गुणवत्ता पर असर न पड़े और प्राकृतिक संसाधनों का अधिकतम संरक्षण हो सके। इसमें पौधारोपण हरियाली के विकास और प्रदूषण नियंत्रण के उपाय शामिल हैं. कानपुर-कबरई ग्रीन हाईवे का डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) बनाने की स्वीकृति केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय की कमेटी ने प्रदान कर दी है. इससे पहले एनपीजी (नेशनल प्लानिंग ग्रुप) से अलाइमेंट को स्वीकृति प्रदान की गई थी.
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विकसित सड़क संरचना. विकास की गति
इस ग्रीन हाईवे में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण किया जाएगा. जो सड़क के किनारे हरियाली का संचार करेगा. इससे न केवल हवा की गुणवत्ता बेहतर होगी. बल्कि यह प्रजनन और स्थानीय जैव विविधता को भी बढ़ावा देगा. हाईवे के आसपास प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए विभिन्न उपाय किए जाएंगे. इन उपायों में ध्वनि प्रदूषण को कम करने के लिए शहरी क्षेत्र से लेकर गांवों तक हरियाली की दीवारें बनाई जाएंगी. जिससे ट्रैफिक की आवाज और ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सके. इसके साथ ही सड़क हादसों में कमी आएगी. करीब एक माह पूर्व कानपुर-कबरई ग्रीन हाईवे का अलाइमेंट स्वीकृति के लिए प्रस्ताव मंत्रालय भेजा गया था, मंत्रालय ने स्वीकृति देने से पूर्व एनपीजी (नेशनल प्लानिंग ग्रुप) से अनापत्ति ली थी. गुरूवार को केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय की कमेटी ने हाईवे निर्माण के डीपीआर बनाने की मंजूरी प्रदान कर दी.
केंद्रीय परिवहन सड़क एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के निर्देशों के बाद इस कानपुर-कबरई ग्रीन हाईवे निर्माण की रूपरेखा तैयार होने लगी है. ग्रीन हाईवे कानपुर नगर, फतेहपुर, हमीरपुर व महोबा जिले के 96 गांव की सीमाओं से होकर गुजरेगा. इस हाईवे के बनने से कानपुर-सागर मार्ग पर वाहनों को बोझ भी कम हो जाएगा. सड़क निर्माण में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा. ताकि यह उच्चतम गुणवत्ता और लंबी उम्र वाली सड़क बने. साथ ही यह दुर्घटनाओं को कम करने के लिए सुरक्षित और संरचित होगा.यह परियोजना केवल पर्यावरण के लिए नहींए बल्कि आर्थिक विकास के लिए भी महत्वपूर्ण है. यह हाईवे मार्ग क्षेत्र के विकास को गति देगा. स्थानीय व्यवसायों को बढ़ावा मिलेगा और पर्यटन क्षेत्र में भी बढ़ोतरी होगी.