यूपी के इस शहर में शुरू हुआ रिंग रोड परियोजना, खर्च होंगे अरबो रुपए
शहर को जाम से राहत, रिंग रोड निर्माण कार्य प्रारंभ
यूपी के कानपुर जिले में शहर की सीमा विस्तार करने के लिए उचित कदम उठाया गया है. रिंग रोड का मुख्य उद्देश्य भरी और लंबी दूरी वाहनों को शहर के अंदर प्रवेश करने के लिए बाहर का रास्ता देना अति आवश्यक है जिससे सड़क का लोड और जाम की समस्या का निस्तारण हो पाएगा. इस रिंग रोड परियोजना को चार पैकेज में निर्माण करवाया जा रहा है 93 किलोमीटर लंबे रिंग रोड का पैकेज टू-ए तकनीक के चलते और विभिन्न तृतीय के कारण निर्माणाधीन रहा. इसके फलस्वरुप रिटेंडरिंग की प्रक्रिया शुरू हुई थी. एनएचआई विभाग के अधिकारी ने बताया कि टू-ए पैकेज अगले कुछ महीने में फाइनल करने के लिए और साथ ही निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा.
पैकेज में मंधना से ट्रांसगंगा शहर के निर्माण कार्य के लिए प्रारंभ होना है. 8 किलोमीटर लंबे चार माह में इस पैकेज का फाइनल नहीं हो पाया. शहरों में जनसंख्या और वाहन लगातार बढ़ोतरी हो रही है. पुराने समय की बात की जाए सड़कों पर इतना बोझ नहीं होता था अब सड़कों का बोझ संभालना मुश्किल का बेड़ा है. इस रिंग रोड परियोजना से सड़कों का बोझ आम नागरिकों को सहूलियत मिलेगी और यातायात व्यवस्था सम रूप से व्यवस्थित की जाएगी. इस रिंग रोड के निर्माण के लिए 700 हैक्टेयर भूमि अधिकृत एनएचआई विभाग की टीम ने किया. पैकेज टूर ए की जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया कार्रवाई पूरी होने के बाद इस टेंडर को निकाला गया था. इस योजना निर्माण के तहत केंद्र सरकार द्वारा 40 अरब 77 करोड रुपए खर्च की गई है. एनएचआई के विशेषज्ञ इंजीनियरों इस बात को साफ किया वर्ष 2027 में रिंग रोड परियोजना के कार्य पूर्ण होंगे.
यह भी पढ़ें: UP SI भर्ती परीक्षा के विवादित सवाल पर अखिलेश यादव की पहली प्रतिक्रिया, सरकार से की ये मांगरिंग रोड परियोजना से खुलेगा विकास का नया रास्ता
एनएचआई ने शहर के चारों तरफ 93.20 किलोमीटर निर्माण होने की प्रक्रिया तेज हो चुकी है पैकेज वन में सचेंडी से महाराजपुर व पैकेज फोर जरकला से पकरी वाया डिफेंस कॉरिडोर मार्ग पर बनाने की रणनीति तैयार की गई है. इस पैकेज के दौरान टू-बी में ट्रांसगंगा सिटी से उन्नाव शुक्लागंज मार्ग होते हुए 19 किलोमीटर तक लखनऊ एक्सप्रेसवे तक निर्माण कार्य की तैयारी जारी है. रिंग रोड का निर्माण किसी भी बड़े और विकसित शहरों के लिए महत्वपूर्ण योजना है. इससे न केवल यातायात व्यवस्था सुधरे की अपितु शहर का विकास भी तीव्र गति से होगा. इस योजना को समय से पहले करने का सरकार ने भी दिशा निर्देश तय किया है. ताकि आने वाली पीढियां के लिए फायदेमंद हो सके.
यह भी पढ़ें: अराजकता का तांडव था, गरीबों को नहीं मिल पाता था लाभ- पहले की सरकारों पर सीएम योगी का जुबानी हमलाजिस शहर के अंदर ट्राफिक कम होगा लंबी दूरी तय करने वाले सीधे बाहर से निकल जाएंगे दुआ और शोर सराव घटेगा रिंग रोड के आसपास नए व्यवसाय कालोनियां और बाजार दिखाई पड़ेंगे. इंजीनियर एक्सपर्ट का कहना है एक माह में पैकेज का टेंडर फाइनल करने के साथ-साथ निर्माण कार्य को और बेहतर बनाया जाएगा. इस पैकेज के निर्माण में कुल लागत 972 करोड रुपए का बजट आवंटित किया गया है इसमें 98 करोड़ 54 लाख रुपए खर्च होंगे. इसके लिए एनएचआई विभाग टीम जमीन खरीद कर खर्च कर रहा है. फरवरी माह में टेंडर निर्माण के लिए इस पैकेज को निकल गए थे. लेकिन कुछ त्रुटियां के कारण और तकनीकी खामियों के चलते टेंडर को निरस्त करने की अवधारणा बनाई गई. इसके साथ-साथ एनएचआई विभाग की टीम काफी परेशान और निराश हो गई लेकिन मार्च में इस पैकेज के लिए रीटेंडरिंग कार्य शुरू हो गई थी जो अब इधर कई दिनों से फाइनल होने की उम्मीद जताई जा रही है.
ताजा खबरें
About The Author
शम्भूनाथ गुप्ता पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। 'मीडिया दस्तक' और 'बस्ती चेतना' जैसे प्लेटफॉर्म पर न्यूज़ और वीडियो एडिटिंग टीम में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। न्यूज़ प्रोडक्शन और डिजिटल कंटेंट निर्माण में गहरा अनुभव रखते हैं। वर्तमान में वे 'भारतीय बस्ती' की उत्तर प्रदेश टीम में कार्यरत हैं, जहां वे राज्य से जुड़ी खबरों की गंभीर और सटीक कवरेज में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।