यूपी में इंस्पेक्टर लाइन हाजिर, अतिक्रमण को लेकर गिरी गाज

बैठक में सभी थाना प्रभारियों के लिए मानक निर्धारित किए गए, ताकि पुलिस की कार्यप्रणाली में सुधार किया जा सके। आयुक्त ने कहा कि जो थाना प्रभारी इन मानकों पर खरे नहीं उतरेंगे, उन्हें अपनी थानेदारी छोड़नी पड़ेगी। यह निर्णय व्यापारियों के हितों की रक्षा और पुलिस की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है।
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आयुक्त मोहित ने हाल ही में थाना प्रभारी के साथ एक बैठक की, जिसमें उन्होंने थाने में तैनात पुलिसकर्मियों की समस्याओं के समाधान के लिए कुछ महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हर महीने थाना स्तर पर सैनिक-सम्मेलन आयोजित किया जाए, ताकि पुलिसकर्मियों की समस्याओं को सुना जा सके और उनका समाधान किया जा सके।
इसके अलावा, आयुक्त ने यह भी बताया कि वाराणसी कमिश्नरेट को जनवरी माह में सीएम डैसबोर्ड में शीर्ष 10 में स्थान प्राप्त करने के लिए सभी आवश्यक प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया, खासकर हत्या, लूट, चोरी और छिनैती के मामलों में।
आयुक्त ने निर्देश दिया कि ऐसे अपराधियों के खिलाफ गैंगस्टर अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही, अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए हिस्ट्रीशीट खोली जाए, ताकि समय-समय पर उनकी निगरानी की जा सके। महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी उन्होंने विशेष ध्यान देने की बात की, जिससे समाज में सुरक्षा का माहौल बना रहे। यह सभी कदम पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए उठाए जा रहे हैं।
पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने हाल ही में अपराध, कानून-व्यवस्था, यातायात व्यवस्था और महाकुंभ की तैयारियों की व्यापक समीक्षा की। उन्होंने इस दौरान कहा कि सुगम यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाने की आवश्यकता है। इसके साथ ही, उन्होंने अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात कही, ताकि सड़कें और सार्वजनिक स्थानों पर अव्यवस्था न फैले।
आयुक्त ने यह भी निर्देशित किया कि यातायात में बाधा डालने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, बाजार, माल, महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों, संवेदनशील स्थानों और भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने का आश्वासन दिया। सीसी कैमरों और ड्रोन कैमरों के माध्यम से निगरानी का कार्य किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण निगरानी प्रक्रिया के समय, संयुक्त पुलिस आयुक्त मुख्यालय, डॉ. के. एजिलरसन, और अपर पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था, एस. चन्नप्पा भी उपस्थित रहे।
पुलिस विभाग ने सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए इस तकनीकी उपाय को अपनाने का निर्णय लिया है। सीसी कैमरे और ड्रोन कैमरे मिलकर अपराधों की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। अधिकारियों का मानना है कि इस प्रकार की निगरानी से अपराधियों में डर पैदा होगा और नागरिकों की सुरक्षा में वृद्धि होगी। इस पहल के तहत, पुलिस ने विभिन्न स्थानों पर कैमरों की स्थापना की है, जिससे संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा सकेगी।
यहां थानेदारी के मानकों पर एक समाचार रिपोर्ट की तरह जानकारी प्रस्तुत की जा रही है:
- थानेदारी के मानकों के तहत यातायात को सुचारू रूप से चलाना और अतिक्रमण को हटाना प्राथमिकता है।
- जनता की शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि दुर्व्यवहार की कोई शिकायत न हो।
- सीयूजी (कम्युनिकेशन यूजर्स ग्रुप) का नियमित अटेंडेंस अनिवार्य है। बाजारों में रात की गश्त बढ़ाई जाएगी और चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
- तीन सवारी और बिना हेलमेट की चेकिंग को सख्ती से लागू किया जाएगा। इसके अलावा, बैंक और वित्तीय संस्थानों के आसपास सुरक्षा चेकिंग भी की जाएगी।
- फूट पेट्रोलिंग का कार्य बढ़ाया जाएगा, विवेचनाओं का त्वरित निस्तारण किया जाएगा, और माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उनकी अवैध संपत्तियों को तोड़ने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
इस प्रकार, थानेदारी के मानकों का पालन कर अपराधों पर नियंत्रण पाने के लिए सभी जरूरी उपाय किए जाएंगे।