यूपी में 1007 ई-रिक्शा सीज, मुख्यमंत्री के निर्देश पर इन जिलों में एक्शन
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जिलों में सबसे ज्यादा एक्शन
ई.रिक्शा जो आमतौर पर शहरों और कस्बों में सस्ती और पर्यावरण परिवहन के रूप में लोकप्रिय हैं. अक्सर अवैध रूप से चलाए जाते हैं. ये ई.रिक्शा कई बार बिना किसी लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन के चलाए जाते हैं. जिससे सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों का उल्लंघन होता है. इसके अलावा इन रिक्शाओं की अव्यवस्था के कारण दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है. नागरिकों को सुगम यातायात की सुविधा मिले और कानून व्यवस्था सुदृढ़ रहे, इसके लिए प्रदेश में दूसरे दिन बुधवार को भी अवैध ई-रिक्शा और ऑटो के खिलाफ कार्रवाई की गई.
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सरकार ने लिया सख्त कदम
ई.रिक्शा की संख्या में बढ़ोतरी और उनका अनियंत्रित संचालन बड़े शहरों के साथ.साथ छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में भी एक गंभीर समस्या बन गई है. कई मामलों में ई.रिक्शा सड़क पर बिना किसी उचित दिशा.निर्देश के चलते हैं. जिससे ट्रैफिक जाम और अन्य दुर्घटनाएं होती हैं. अभियान के नोडल अधिकारी अपर परिवहन आयुक्त (प्रवर्तन) संजय सिंह ने बताया कि बुधवार को आगरा संभाग में 444, लखनऊ संभाग में 377, कानपुर में 277, गाजियाबाद संभाग में 257, झांसी में 216, वाराणसी में 161, अलीगढ़ संभाग में 140, अयोध्या में 135 और मुरादाबाद संभाग में 120 अवैध ई-रिक्शा पर कार्रवाई हुई. अभियान के पहले ही दिन 915 ई-रिक्शा सीज किए गए,
जबकि 3035 का चालान हुआ था. परिवहन आयुक्त ब्रजेश नारायण सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर अभियान मंगलवार से प्रारंभ हुआ था. अभियान के दूसरे दिन 1007 ई-रिक्शा सीज और 3093 का चालान हुआ. वहीं मंगलवार को 915 ई रिक्शा सीज किया गया था, जबकि 3035 का चालान हुआ था. यह कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी. सिंह ने बताया कि इस दौरान जागरूकता अभियान भी चलाया गया. योगी आदित्यनाथ ने अब इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए एक अभियान की शुरुआत की है. जिसमें प्रमुख जिलों में अवैध और बिना लाइसेंस वाले ई.रिक्शाओं को सीज किया जा रहा है. राज्य सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि केवल उन ई.रिक्शाओं को चलाने की अनुमति दी जाएगी. जो नियमों के अनुसार पंजीकृत और लाइसेंस प्राप्त हों.