यूपी में बन रहे इस नये रेलवे रूट पर होंगे यह 16 स्टेशन

यूपी में बन रहे इस नये रेलवे रूट पर होंगे यह 16 स्टेशन
16 Stations (1)

देश की कनेक्टिविटी को विस्तार देने के लिए भारत सरकार विभिन्न मोर्चों पर काम कर रही है। इस परियोजना के माध्यम से लोगों का काफी समय बच सकेगा। यह वर्ष राज्य के विकास के लिए एक मजबूत नींव रखने वाला साबित हुआ है। आज भाजपा की डबल इंजन की सरकारें सुशासन का प्रतीक बन रही हैं। 

विकास की नींव मजबूत, सड़क समेत कई परियोजनाओं का उद्घाटन

देश में इस बार भले ही बजट ने रेलवे को निराश किया, लेकिन इसके बाद भी रेल नेटवर्क का विकास तेजी से जारी है, यात्रियों को और अधिक सुविधाएं देने के लिए रेलवे कई बड़े कदम उठाने जा रहा है, कई नई ट्रेनों के साथ ही रेल नेटवर्क के विकास का भी काम किया जाएगा। खलीलाबाद-बहराइच वाया बलरामपुर-श्रावस्ती नई रेलवे लाइन पर  करीब 240 किलोमीटर रेल लाइन बिछाई जानी है। इसके लिए खलीलाबाद-बांसी सेक्टर के लिए 263 हेक्टेयर और पूरी रेल लाइन बिछाने के लिए कुल 1174 हेक्टेयर भूमि की जरूरत है। इसमें श्रावस्ती और बहराइच क्षेत्रों में भी रेलवे लाइन के लिए आवश्यक भूमि शामिल हैं। वर्ष 2026 तक खलीलाबाद, मेंहदावल, डुमरियागंज, उत्तरौला, श्रावस्ती, भिनगा, और बहराइच तक 240.26 किमी लंबी रेलवे लाइन पूरी करने का लक्ष्य तय किया गया था। लेकिन बीच में ही रेलवे द्वारा एलाईमेंट बदल दिए जाने के कारण इस परियोजना में देरी हुई है। इस महत्वपूर्ण परियोजना को अक्तूबर 2018 में ही मंजूरी प्राप्त हुई थी। रेलवे सभी वर्ग के यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने की प्लानिंग कर रहा हैण् इसके लिए रेलवे का मुख्य फोकस कम आय वाले यात्रियों पर होगा, जनरल कोचों के निर्माण को बढ़ाया जा रहा हैण् आने वाले चार से पांच साल के भीतर नई रेल लाइन बिछाने, स्टेशनों का डेवलेपमेंट करने फ्लाईओवर.अंडरपास का निर्माण जैसे अन्य कामों के लिए 4.6 लाख करोड़ रुपये का फंड बनाया गया है। इंडियन रेलवे आने वाले दो से तीन सालों के अंदर कई नई ट्रेनों की शुरुआत करने वाली है, इसमें 200 वंदे भारत ट्रेनें 100 अमृत भारत ट्रेनें और 50 नमो भारत ट्रेनें शामिल हैंण् इन नई ट्रेनों की शुरुआत करके रेल कनेक्टिविटी को और ज्यादा बेहतर बनाया जाएगा।

पूरा रेल नेटवर्क होगा इलेक्ट्रिक

रेलवे का विकास पूरी गति से हो रहा है, इस साल के अंत तक पूरा रेल नेटवर्क इलेक्ट्रिक हो जाएगा। इसके विकास के साथ ही निवेश बढ़ाने पर भी फोकस किया जा रहा हैण् ऐसा माना जा रहा है कि 31 मार्च 2025 तक भारतीय रेलवे दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी कार्गो.कैरिंग रेलवे बनने की उपलब्धि हासिल कर सकता है, जिसकी क्षमता 1.6 बिलियन हो जाएगी। खलीलाबाद से बहराइच तक नई रेल लाइन बिछाई जानी है। इसके लिए प्रथम चरण में खलीलाबाद से बांसी तक रेल लाइन बिछाई जाएगी। इसके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। प्रथम फेज में खलीलाबाद से लेकर बांसी तक 54 किलोमीटर दूरी तक कार्य कराया जाना है। इनमें संतकबीरनगर जिले के खलीलाबाद तहसील क्षेत्र के 29 गांवों के किसानों की 75.128 हेक्टेयर जमीन और मेंहदावल तहसील क्षेत्र के 25 गांवों की 66.862 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहीत की जानी है। इस तरह कुल 54 गांवों के किसानों की 142 हेक्टेयर जमीन ली जानी है। खलीलाबाद डिग्री कॉलेज से आगे सरैया गांव के पश्चिम से रेलवे लाइन बनेगी और बघौली होते हुए बखिरा, मेंहदावल, पसाई, सिद्धार्थनगर के खेसरहा से बांसी तक जाएगी। इनमें बखिरा और पसाई में दो जगह हॉल्ट बनेगा, जबकि बघौली, मेंहदावल, खेसरहा और बांसी में स्टेशन बनेगा। पूरे क्षेत्र की बात करें तो बरदेहरा, भिनगा, लक्ष्मनपुर, गोडपुरवा, इकौना, श्रावस्ती, खगईजोत, श्रीदातगंज, उतरौला, बंजरहा, डुमरियागंज, भग्गोभार, बांसी, खेसरहा, मेंहदावल और भगौली बाजार में स्टेशनों का निर्माण होगा। इसके अलावा 12 स्थानों पर हॉल्ट बनाया जाएगा।

Uttar Pradesh Panchayat Chunav: चुनाव पर सस्पेंस जारी, योगी सरकार के मंत्री बोले- कोर्ट के आदेश का इंतजार यह भी पढ़ें: Uttar Pradesh Panchayat Chunav: चुनाव पर सस्पेंस जारी, योगी सरकार के मंत्री बोले- कोर्ट के आदेश का इंतजार

भारतीय बस्ती
bhartiyabasti.com
07 Feb 2025 By Shambhunath Gupta

यूपी में बन रहे इस नये रेलवे रूट पर होंगे यह 16 स्टेशन

देश की कनेक्टिविटी को विस्तार देने के लिए भारत सरकार विभिन्न मोर्चों पर काम कर रही है। इस परियोजना के माध्यम से लोगों का काफी समय बच सकेगा। यह वर्ष राज्य के विकास के लिए एक मजबूत नींव रखने वाला साबित हुआ है। आज भाजपा की डबल इंजन की सरकारें सुशासन का प्रतीक बन रही हैं। 

विकास की नींव मजबूत, सड़क समेत कई परियोजनाओं का उद्घाटन

देश में इस बार भले ही बजट ने रेलवे को निराश किया, लेकिन इसके बाद भी रेल नेटवर्क का विकास तेजी से जारी है, यात्रियों को और अधिक सुविधाएं देने के लिए रेलवे कई बड़े कदम उठाने जा रहा है, कई नई ट्रेनों के साथ ही रेल नेटवर्क के विकास का भी काम किया जाएगा। खलीलाबाद-बहराइच वाया बलरामपुर-श्रावस्ती नई रेलवे लाइन पर  करीब 240 किलोमीटर रेल लाइन बिछाई जानी है। इसके लिए खलीलाबाद-बांसी सेक्टर के लिए 263 हेक्टेयर और पूरी रेल लाइन बिछाने के लिए कुल 1174 हेक्टेयर भूमि की जरूरत है। इसमें श्रावस्ती और बहराइच क्षेत्रों में भी रेलवे लाइन के लिए आवश्यक भूमि शामिल हैं। वर्ष 2026 तक खलीलाबाद, मेंहदावल, डुमरियागंज, उत्तरौला, श्रावस्ती, भिनगा, और बहराइच तक 240.26 किमी लंबी रेलवे लाइन पूरी करने का लक्ष्य तय किया गया था। लेकिन बीच में ही रेलवे द्वारा एलाईमेंट बदल दिए जाने के कारण इस परियोजना में देरी हुई है। इस महत्वपूर्ण परियोजना को अक्तूबर 2018 में ही मंजूरी प्राप्त हुई थी। रेलवे सभी वर्ग के यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने की प्लानिंग कर रहा हैण् इसके लिए रेलवे का मुख्य फोकस कम आय वाले यात्रियों पर होगा, जनरल कोचों के निर्माण को बढ़ाया जा रहा हैण् आने वाले चार से पांच साल के भीतर नई रेल लाइन बिछाने, स्टेशनों का डेवलेपमेंट करने फ्लाईओवर.अंडरपास का निर्माण जैसे अन्य कामों के लिए 4.6 लाख करोड़ रुपये का फंड बनाया गया है। इंडियन रेलवे आने वाले दो से तीन सालों के अंदर कई नई ट्रेनों की शुरुआत करने वाली है, इसमें 200 वंदे भारत ट्रेनें 100 अमृत भारत ट्रेनें और 50 नमो भारत ट्रेनें शामिल हैंण् इन नई ट्रेनों की शुरुआत करके रेल कनेक्टिविटी को और ज्यादा बेहतर बनाया जाएगा।

पूरा रेल नेटवर्क होगा इलेक्ट्रिक

रेलवे का विकास पूरी गति से हो रहा है, इस साल के अंत तक पूरा रेल नेटवर्क इलेक्ट्रिक हो जाएगा। इसके विकास के साथ ही निवेश बढ़ाने पर भी फोकस किया जा रहा हैण् ऐसा माना जा रहा है कि 31 मार्च 2025 तक भारतीय रेलवे दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी कार्गो.कैरिंग रेलवे बनने की उपलब्धि हासिल कर सकता है, जिसकी क्षमता 1.6 बिलियन हो जाएगी। खलीलाबाद से बहराइच तक नई रेल लाइन बिछाई जानी है। इसके लिए प्रथम चरण में खलीलाबाद से बांसी तक रेल लाइन बिछाई जाएगी। इसके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। प्रथम फेज में खलीलाबाद से लेकर बांसी तक 54 किलोमीटर दूरी तक कार्य कराया जाना है। इनमें संतकबीरनगर जिले के खलीलाबाद तहसील क्षेत्र के 29 गांवों के किसानों की 75.128 हेक्टेयर जमीन और मेंहदावल तहसील क्षेत्र के 25 गांवों की 66.862 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहीत की जानी है। इस तरह कुल 54 गांवों के किसानों की 142 हेक्टेयर जमीन ली जानी है। खलीलाबाद डिग्री कॉलेज से आगे सरैया गांव के पश्चिम से रेलवे लाइन बनेगी और बघौली होते हुए बखिरा, मेंहदावल, पसाई, सिद्धार्थनगर के खेसरहा से बांसी तक जाएगी। इनमें बखिरा और पसाई में दो जगह हॉल्ट बनेगा, जबकि बघौली, मेंहदावल, खेसरहा और बांसी में स्टेशन बनेगा। पूरे क्षेत्र की बात करें तो बरदेहरा, भिनगा, लक्ष्मनपुर, गोडपुरवा, इकौना, श्रावस्ती, खगईजोत, श्रीदातगंज, उतरौला, बंजरहा, डुमरियागंज, भग्गोभार, बांसी, खेसरहा, मेंहदावल और भगौली बाजार में स्टेशनों का निर्माण होगा। इसके अलावा 12 स्थानों पर हॉल्ट बनाया जाएगा।

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शम्भूनाथ गुप्ता पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। 'मीडिया दस्तक' और 'बस्ती चेतना' जैसे प्लेटफॉर्म पर न्यूज़ और वीडियो एडिटिंग टीम में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। न्यूज़ प्रोडक्शन और डिजिटल कंटेंट निर्माण में गहरा अनुभव रखते हैं। वर्तमान में वे 'भारतीय बस्ती' की उत्तर प्रदेश टीम में कार्यरत हैं, जहां वे राज्य से जुड़ी खबरों की गंभीर और सटीक कवरेज में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।