यूपी के इस जिले में आठ नए रूटो पर दौड़ेगी मेट्रो, सरकार को भेजा गया प्रस्ताव
मेट्रो यात्रियों के लिए खुशखबरी
उत्तर प्रदेश के राजधानी लखनऊ में दिल्ली के तर्ज पर मेट्रो की कनेक्टिविटी का रूप देने के लिए यह निर्माण कार्य टी प्रगति से करवाया जा रहा है इस दौरान 8 रूटो पर संचालन का प्रस्ताव बनाया गया है. यूपीएमआरसी अब पूरे शहर में कनेक्टिविटी का योजना तैयार करके सरकार को भेजने का कार्य करवाया जा रहा है शासन स्तर पर हरी झंडी मिलते ही मेट्रो के अगले रूट को तैयार करवाने की कवायद प्रारंभ की जाएगी. एक सर्वे के मुताबिक कहा गया है कि चारबाग से बसंतकुंज तक दूसरे चरण में अगला रूट निर्धारित किया जाएगा.
इसके साथ-साथ बाराबंकी तक संचालन की योजना बनाई जा चुकी है. इस दौरान ईस्ट वेस्ट कॉरिडोर वसंत कुंज से चारबाग तक दूसरे चरण में जल्द ही मेट्रो स्टेशन का निर्माण प्रारंभ शुरू करवाया जाएगा. इस निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए 5 साल का समय निर्धारित किया गया है. अब दूसरे चरण में कार्य होने के बाद तीसरे चरण में मेट्रो को संचालित करवाने का निर्णय लिया जाएगा. हालांकि इस रूट पर मेट्रो का संचालन हाई कोर्ट ने भी सरकार को निर्देश दिया है.
यह भी पढ़ें: केंद्र सरकार ने TRP की बंद, अब अखिलेश यादव ने कसा तंज, कहा- पहले दाना बंद किया, अब खाना…जानिए क्या है सरकार का नया लक्ष्य
विभाग के अधिकारियों ने एक सर्वे के मुताबिक बताया है कि जाम को देखते हुए रूट को तीसरे चरण में शामिल करने का इतिहास रचा जाएगा कानपुर जिले में पांच अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशनों का आगामी 30 में को केंद्र की मोदी सरकार के कर कमल से उद्घाटन होना तय हो चुका है आसपास में यह चर्चा का विषय बन चुका है कि इस दौरान पीएम मोदी चारबाग से बसंत कुंज तक मेट्रो ट्रेन के सेकंड चरण में काम शुरू होने का भी ऐलान कर दिया है इसके बावजूद यूपीएमआरसी को राजधानी लखनऊ में मेट्रो संचालन को लेकर कई सेवाएं मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.
यह भी पढ़ें: यूपी के 12 हजार गांवों को बड़ी सौगात! बस सेवा से लेकर डेयरी प्लांट और नई योजनाओं पर आज कैबिनेट का फैसलामेट्रो का संचालन मुंशी पुलिया से जानकीपुरम, राजाजीपुरम से आईआईएम, सीजी सिटी से एयरपोर्ट, चारबाग से कल्ली पश्चिमी कल्ली पश्चिम से मोहनलालगंज, इंदिरा नगर से सीजी सिटी, इंदिरा से अनौरा कला, अनौरा कला से बाराबंकी तक संचालित करवाया जाएगा. शासन स्तर पर प्रस्ताव भेजने के बाद यूपीएमआरसी के अधिकारियों ने कहा है कि जिन नए रूटों का प्लान शासन स्तर पर भेजा गया है उनमें से ज्यादातर इलाके में लगभग लगभग आबादी कम है ऐसे में एलिवेटेड रूट ही बनवाना होगा जिससे लागत कम लगेगी और सरकार के करोड़ों रुपए भी सरकार के खाते में बचेंगे बसावट अधिक होने पर अंडरग्राउंड रूट के साथ ही मेट्रो स्टेशन बनाने होंगे जिसमें लागत करीब बढ़ ही जाएगी.
ताजा खबरें
About The Author
शम्भूनाथ गुप्ता पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। 'मीडिया दस्तक' और 'बस्ती चेतना' जैसे प्लेटफॉर्म पर न्यूज़ और वीडियो एडिटिंग टीम में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। न्यूज़ प्रोडक्शन और डिजिटल कंटेंट निर्माण में गहरा अनुभव रखते हैं। वर्तमान में वे 'भारतीय बस्ती' की उत्तर प्रदेश टीम में कार्यरत हैं, जहां वे राज्य से जुड़ी खबरों की गंभीर और सटीक कवरेज में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।