यूपी में इन दो जिलो की दूरी होगी कम! इन जिलो को भी होगा फायदा

यूपी में इन दो जिलो की दूरी होगी कम! इन जिलो को भी होगा फायदा
यूपी में इन दो जिलो की दूरी होगी कम! इन जिलो को भी होगा फायदा

उत्तर प्रदेश: अब यूपी में बरेली से लेकर मथुरा और आगरा तक का सफर करने वाले यात्रियों के लिए सफर और भी आसान व सुगम हो जाएगा. नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने एक अत्यंत महत्वाकांक्षी परियोजना की शुरुआत की है, जिसके तहत 228 किलोमीटर लंबे "आगरा-बरेली कॉरिडोर" का निर्माण किया जा रहा है. इस मेगा प्रोजेक्ट पर लगभग ₹7,700 करोड़ की लागत आएगी और इसके निर्माण से राज्य के 15 से अधिक जिलों को सीधा लाभ मिलेगा.

इस परियोजना के पूरा हो जाने के बाद बरेली से मथुरा और आगरा का सफर मात्र 4 घंटे में तय किया जा सकेगा, जो कि फिलहाल लगभग 5 घंटे का समय लेता है. लेकिन नया मार्ग तैयार हो जाने के पश्चात यह यात्रा 2.5 घंटे में पूरी की जा सकेगी. इस 228 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर के अंतर्गत मथुरा से बरेली तक की दूरी को 4 हिस्सों में विभाजित किया गया है:-

  • मथुरा से हाथरस: 66 किमी
  • हाथरस से कासगंज: 57 किमी
  • कासगंज से बदायूं: 46 किमी
  • बदायूं से बरेली: 59 किमी

इन चारों खंडों में निर्माण कार्य जोरों पर चल रहा है. हाथरस तक की 66 किलोमीटर सड़क में से 58 किमी का कार्य पूर्ण हो चुका है, और उम्मीद की जा रही है कि जून 2025 से इस मार्ग पर यातायात शुरू हो जाएगा. कॉरिडोर पर यात्रा को पूरी तरह सुगम बनाने के लिए परियोजना के तहत कुल 20 फ्लाईओवर, 26 अंडरपास, 6 रेलवे ओवरब्रिज निर्मित किया जा रहा हैं. इसके साथ ही 5 बड़े पुलों का निर्माण भी प्रस्तावित है. इनमें से यमुना नदी पर ब्राह्मण घाट (मथुरा) में एक पुल बनकर तैयार हो चुका है, वहीं गंगा नदी पर सोरों (कासगंज) में एक और पुल निर्माणाधीन है. इस निर्माण से न सिर्फ सड़क यात्रा में सुधार आएगा, बल्कि आसपास के गांवों तक आवागमन भी पहले से कहीं अधिक आसान हो जाएगा.

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मथुरा जिले का राया क्षेत्र, जो अक्सर जाम की समस्या से जूझता रहा है, अब इस नए कॉरिडोर की वजह से राहत की सांस ले सकेगा. साथ ही, NH-734B कॉरिडोर पर्यटन को भी एक नई दिशा देगा. एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर संजय वर्मा ने इस विषय पर जानकारी दी है कि इस मार्ग के माध्यम से आसपास के जिलों से बरेली होते हुए नैनीताल तक की यात्रा भी आसान हो जाएगी. वहीं, हाथरस-बरेली की ओर से मथुरा की यात्रा भी बिना किसी रुकावट के पूरी की जा सकेगी. संजय वर्मा के अनुसार, इस परियोजना को 4 पैकेजों में विभाजित किया गया है और 4 अलग-अलग कंपनियों को निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई है. सरकार का लक्ष्य है कि यह कॉरिडोर वर्ष 2027 तक पूरी तरह बनकर तैयार हो जाए. इस राजमार्ग से आगरा, मथुरा, टूंडला, एटा, हाथरस, कासगंज, बदायूं और बरेली जैसे कई जिले आपस में जोड़ दिए जाएंगे.

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शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।