इकोनॉमिक सर्वे 2026 में फिर उठा गोरखपुर मेट्रो का मुद्दा
शहर के लोग वर्षों से मेट्रो परियोजना का इंतजार कर रहे हैं. पहले भी कई बार योजना की घोषणा हुई, बजट में राशि रखी गई, लेकिन जमीन पर काम शुरू नहीं हो सका. अब सर्वे रिपोर्ट में दोबारा जिक्र होने से सवाल भी उठ रहे हैं और उम्मीद भी जागी है.
क्या है गोरखपुर मेट्रो परियोजना
गोरखपुर मेट्रो को हल्की तीव्र परिवहन प्रणाली के रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई थी. यह परियोजना उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के माध्यम से तैयार की जानी है.
यह भी पढ़ें: यूपी बजट 2026-27: चुनाव से पहले 9.12 लाख करोड़ का मास्टरस्ट्रोक, विकास और रोजगार पर बड़ा फोकसप्रस्ताव के अनुसार कुल 28 किलोमीटर लंबा नेटवर्क तैयार किया जाना है, जिसमें 27 स्टेशन होंगे. दोनों कॉरिडोर एलिवेटेड यानी ऊंचाई पर बनाए जाने थे. अनुमानित लागत लगभग 4600 करोड़ रुपये आंकी गई थी.
यह भी पढ़ें: यूपी बजट 2026-27: 9.12 लाख करोड़ का रिकॉर्ड बजट, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और आईटी पर बड़ा फोकससाल 2017 में राज्य सरकार ने यूपीएमआरसीएल को परियोजना का समन्वयक नियुक्त किया था. इसके बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी रेल इंडिया टेक्निकल एंड इकोनॉमिक सर्विस को दी गई. मार्च 2019 में रिपोर्ट प्रस्तुत की गई और अक्तूबर 2020 में राज्य मंत्रिमंडल से मंजूरी भी मिली. दिसंबर 2021 में सार्वजनिक निवेश बोर्ड ने पहले चरण को हरी झंडी दी थी.
यह भी पढ़ें: कानपुर मेट्रो प्रोजेक्ट ने पकड़ी रफ्तार: मेट्रो टनल तैयार, यात्रियों को जल्द मिलेगी सुविधाउस समय मुख्यमंत्री ने स्वयं इस परियोजना की जानकारी सार्वजनिक की थी और बजट में गोरखपुर व वाराणसी मेट्रो के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया गया था. हालांकि इसके बाद काम की रफ्तार थम सी गई.
पहला कॉरिडोर कहां से कहां तक
प्रस्तावित पहली लाइन श्याम नगर से सूबा बाजार तक जाएगी. इस रूट की लंबाई करीब 16.95 किलोमीटर तय की गई है और इसमें 16 स्टेशन प्रस्तावित हैं.
यह लाइन श्याम नगर, बगरदगवा, शास्त्रीनगर, गोरखनाथ मंदिर, हजारीपुर, धर्मशाला, गोरखपुर रेलवे स्टेशन, विश्वविद्यालय, मोहद्दीपुर, रामगढ़ झील, एग्स, मालवीय नगर, एमएमएम इंजीनियरिंग कॉलेज, दिव्यनगर और सूबा बाजार जैसे प्रमुख इलाकों को जोड़ेगी. धर्मशाला स्टेशन को इंटरचेंज के रूप में विकसित करने की योजना है.
दूसरा कॉरिडोर किन इलाकों को जोड़ेगा
दूसरी लाइन गुलरिहा से कचहरी चौराहा तक प्रस्तावित है. इसकी लंबाई लगभग 10.46 किलोमीटर होगी और इसमें 11 स्टेशन बनाए जाने की योजना है.
इस मार्ग पर गुलरिहा, बीआरडी मेडिकल कॉलेज, मुगलहा, खजांची बाजार, बशारतपुर, अशोकनगर, विष्णुनगर, असुरन चौक, धर्मशाला, गोलघर और कचहरी चौराहा जैसे क्षेत्र शामिल हैं. यह रूट शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों को कवर करेगा और यातायात दबाव कम करने में सहायक माना जा रहा है.
अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल
घोषणाएं पहले भी हुईं, स्वीकृतियां भी मिल चुकी हैं और बजट में राशि भी रखी जा चुकी है. इसके बावजूद अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है. अब इकोनॉमिक सर्वे 2026 में दोबारा नाम आने से यह साफ जरूर हो गया है कि परियोजना पूरी तरह बंद नहीं हुई है. लेकिन असली परीक्षा अब जमीन पर काम शुरू होने की है.
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शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।