बस्ती फोरलेन अटका: अमहट से प्लास्टिक कॉम्प्लेक्स तक सड़क प्रस्ताव लंबित, भदेश्वर नाथ मंदिर को भी मिलेगा लाभ

बस्ती फोरलेन अटका: अमहट से प्लास्टिक कॉम्प्लेक्स तक सड़क प्रस्ताव लंबित, भदेश्वर नाथ मंदिर को भी मिलेगा लाभ
बस्ती फोरलेन अटका: अमहट से प्लास्टिक कॉम्प्लेक्स तक सड़क प्रस्ताव लंबित, भदेश्वर नाथ मंदिर को भी मिलेगा लाभ

उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में स्थित बस्ती जिले में बढ़ते ट्रैफिक और रोज लगने वाले जाम से लोग परेशान हैं. अमहट से प्लास्टिक कॉम्प्लेक्स तक फोरलेन सड़क बनाने की मांग लंबे समय से उठ रही है, लेकिन यह प्रस्ताव अभी शासन स्तर पर लंबित पड़ा है. लोक निर्माण विभाग ने सात विकास कार्यों की योजना बनाकर सरकार को भेजी थी. इनमें सबसे अहम परियोजना इसी सड़क के चौड़ीकरण की है, जिसे अब तक मंजूरी नहीं मिल सकी है.

इस देरी से स्थानीय लोगों और व्यापारियों में निराशा बढ़ रही है. उनका कहना है कि जब तक यह सड़क चौड़ी नहीं होगी, शहर को जाम की समस्या से राहत नहीं मिलेगी.

114 करोड़ की परियोजना, 26 किलोमीटर तक होगा विस्तार

वर्ष 2025-26 की कार्ययोजना में इस सड़क को शामिल किया गया था. योजना के अंतर्गत करीब 26.20 किलोमीटर लंबे हिस्से का निर्माण और चौड़ीकरण लगभग 114.15 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित है.

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अमहट से कंपनीबाग, गांधीनगर, रोडवेज, अस्पताल चौराहा होते हुए प्लास्टिक कॉम्प्लेक्स तक सड़क को लगभग 21 मीटर चौड़ा बनाया जाना है. इसमें 18 मीटर चौड़ी मुख्य सड़क, बीच में डिवाइडर और दोनों ओर जल निकासी की पक्की व्यवस्था शामिल होगी.

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प्लास्टिक कॉम्प्लेक्स से आगे कांटे तक करीब 16 किलोमीटर मार्ग को टू-लेन के रूप में विकसित करने की योजना है. इससे गोरखपुर और खलीलाबाद की ओर जाने वाले वाहनों को भी बेहतर रास्ता मिलेगा.

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शहर के बीचोंबीच जाम की बड़ी वजह

यह मार्ग बस्ती शहर की पुरानी आबादी से होकर गुजरता है. यहां जिला अस्पताल, महिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, बस स्टेशन, प्रशासनिक कार्यालय और प्लास्टिक इंडस्ट्रियल एरिया स्थित हैं. साथ ही मुंडेरवा चीनी मिल जैसे बड़े प्रतिष्ठान भी इसी रास्ते पर पड़ते हैं.

किलोमीटर 1 से 9 तक का हिस्सा शहर का सबसे व्यस्त इलाका है. दिनभर यहां भारी ट्रैफिक दबाव रहता है. ऐसे में सड़क चौड़ीकरण को शहर के विकास के लिए जरूरी माना जा रहा है.

विभागों से मांगी गई रिपोर्ट, सर्वे पूरा

लोक निर्माण विभाग ने अपना प्रारंभिक सर्वे पूरा कर लिया है. बिजली विभाग को खंभे, तार और ट्रांसफार्मर हटाने के लिए पत्र भेजा गया है. वन विभाग सड़क किनारे आने वाले पेड़ों का आकलन कर रहा है और नई पौधरोपण योजना भी तैयार की जा रही है.

जल निगम पुरानी पाइपलाइन को शिफ्ट करने की योजना बना रहा है. इन सभी विभागों से मिलने वाले खर्च के आंकड़े को सड़क परियोजना के बजट में जोड़ा जाएगा. निर्माण का पूरा खर्च पीडब्ल्यूडी वहन करेगा.

कमिश्नर और जनप्रतिनिधियों की पहल

मंडलायुक्त ने प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग को पत्र लिखकर इस सड़क की अहमियत बताई है. उन्होंने कहा है कि यह मार्ग पहले लखनऊ-गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग का हिस्सा था. बाइपास बनने के बाद इसे जिला मार्ग बना दिया गया, लेकिन आज भी यह शहर की मुख्य धुरी है.

विधान परिषद सदस्य सुभाष यदुवंश ने भी इस परियोजना को बेहद जरूरी बताया है. इसके फोरलेन बनने से बस्ती का स्वरूप बदलेगा और विकास की रफ्तार तेज होगी.

क्यों जरूरी है यह फोरलेन

शहर में अभी बड़ेवन से कंपनीबाग तक ही फोरलेन तैयार है. वहां यातायात सुचारु रूप से चल रहा है. लेकिन अमहट से प्लास्टिक कॉम्प्लेक्स तक का हिस्सा संकरा होने के कारण रोज जाम लगता है.

फोरलेन के निर्मित हो जाने से जिला अस्पताल पहुंचना आसान होगा, व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और बाहर से आने वाले वाहनों को राहत मिलेगी.

भदेश्वर नाथ मंदिर को भी मिलेगा लाभ

विधान परिषद सदस्य सुभाष यदुवंश ने इस विषय पर जानकारी देते हुए बताया कि उनके प्रस्ताव पर भदेश्वर नाथ मंदिर को धर्मार्थ योजना में शामिल किया गया है. गायघाट प्रतापपुर से भदेश्वर नाथ मंदिर तक सड़क चौड़ीकरण का कार्य कराया जा रहा है.

इसके अलावा बस्ती-कांटे मार्ग से डारीडीहा होते हुए भदेश्वर नाथ मंदिर तक सड़क निर्माण को भी स्वीकृति मिल चुकी है. इससे मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा मिलेगी और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा. उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 तक जिले की सभी प्रमुख सड़कों को बेहतर और सुगम बनाने का लक्ष्य रखा गया है.

अब बस मंजूरी बाकी

अधिकारियों का कहना है कि सरकार से मंजूरी मिलते ही निर्माण प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी. जनप्रतिनिधियों को भरोसा है कि प्रस्ताव को जल्द मंजूरी मिलेगी.

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शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।