योगी सरकार का चुनावी साल का बजट पेश, क्या बदलेगी विकास की रफ्तार?
उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 का बजट विधानसभा में पेश कर दिया है. वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने सदन में सरकार के दूसरे कार्यकाल का अंतिम पूर्ण बजट रखा. अगले साल प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं, इसलिए इस बजट को राजनीतिक और आर्थिक दोनों दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
बजट पेश होने से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक हुई, जिसमें प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. इसके बाद वित्त मंत्री ने करीब 2 घंटे तक बजट भाषण पढ़ा और सरकार की प्राथमिकताओं को विस्तार से रखा.
सरकार ने इस बजट को विकास, सुशासन और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की दिशा में बड़ा कदम बताया है. दावा किया गया कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार देने के साथ रोजगार और निवेश के अवसर बढ़ाए जाएंगे.
विकास, निवेश और बुनियादी ढांचे पर जोर
बजट में सड़क, एक्सप्रेसवे, मेट्रो, शहरी विकास और औद्योगिक परियोजनाओं के लिए बड़े प्रावधान किए गए हैं. सरकार का कहना है कि आधारभूत ढांचा मजबूत होने से उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार होंगे. कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक, सिंचाई सुविधाओं और ग्रामीण विकास योजनाओं पर भी विशेष ध्यान देने की बात कही गई है.
शिक्षा क्षेत्र में कार्यरत शिक्षामित्रों और अनुदेशकों से जुड़े मुद्दों को भी बजट में शामिल किया गया है. सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद मानदेय और बकाया भुगतान को लेकर सरकार ने वित्तीय प्रावधान किया है.
बजट के सबसे बड़े और महत्वपूर्ण ऐलान:-
- 2017 से पहले सुरक्षा का माहौल नहीं था: सीएम का बयान
- 50 हजार नए होम स्टे की योजना
- महिला सुरक्षा बल 13% से 36% होने का दावा
- 18 कमिश्नरी में स्पोर्ट्स कॉलेज
- हर ग्राम पंचायत में ओपन जिम और मिनी स्टेडियम
- 4 चीनी मिलों की क्षमता बढ़ाने का प्रावधान
- किसानों को उद्यमी बनाने की दिशा
- बड़े गोदामों पर सब्सिडी
- पशु बीमा पर 50% प्रीमियम सरकार देगी
- 8 डाटा सेंटर पार्क और 900 मेगावॉट लक्ष्य
- एआई मिशन, एआई लैब, साइबर सुरक्षा केंद्र
- 2815 मेगावॉट सौर ऊर्जा परियोजनाएं
- कानून व्यवस्था के प्रतिशत आंकड़े (डकैती 89%, लूट 85% आदि में कमी)
- मजदूरों के लिए लेबर अड्डे
- ई-श्रम पंजीकृत श्रमिकों को मुआवजा
- छात्रवृत्ति 3060 करोड़
- न्याय विभाग 9845 करोड़
- 22167 करोड़ माध्यमिक शिक्षा
- 6195 करोड़ उच्च शिक्षा
- 70 करोड़ अटल आवासीय विद्यालय
- 14,297 करोड़ चिकित्सा शिक्षा
- कैंसर संस्थान 315 करोड़
- असाध्य रोगों के लिए 130 करोड़
योगी सरकार का चुनावी साल का बजट पेश, क्या बदलेगी विकास की रफ्तार?
उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 का बजट विधानसभा में पेश कर दिया है. वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने सदन में सरकार के दूसरे कार्यकाल का अंतिम पूर्ण बजट रखा. अगले साल प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं, इसलिए इस बजट को राजनीतिक और आर्थिक दोनों दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
बजट पेश होने से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक हुई, जिसमें प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. इसके बाद वित्त मंत्री ने करीब 2 घंटे तक बजट भाषण पढ़ा और सरकार की प्राथमिकताओं को विस्तार से रखा.
सरकार ने इस बजट को विकास, सुशासन और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की दिशा में बड़ा कदम बताया है. दावा किया गया कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार देने के साथ रोजगार और निवेश के अवसर बढ़ाए जाएंगे.
विकास, निवेश और बुनियादी ढांचे पर जोर
बजट में सड़क, एक्सप्रेसवे, मेट्रो, शहरी विकास और औद्योगिक परियोजनाओं के लिए बड़े प्रावधान किए गए हैं. सरकार का कहना है कि आधारभूत ढांचा मजबूत होने से उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार होंगे. कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक, सिंचाई सुविधाओं और ग्रामीण विकास योजनाओं पर भी विशेष ध्यान देने की बात कही गई है.
शिक्षा क्षेत्र में कार्यरत शिक्षामित्रों और अनुदेशकों से जुड़े मुद्दों को भी बजट में शामिल किया गया है. सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद मानदेय और बकाया भुगतान को लेकर सरकार ने वित्तीय प्रावधान किया है.
बजट के सबसे बड़े और महत्वपूर्ण ऐलान:-
- 2017 से पहले सुरक्षा का माहौल नहीं था: सीएम का बयान
- 50 हजार नए होम स्टे की योजना
- महिला सुरक्षा बल 13% से 36% होने का दावा
- 18 कमिश्नरी में स्पोर्ट्स कॉलेज
- हर ग्राम पंचायत में ओपन जिम और मिनी स्टेडियम
- 4 चीनी मिलों की क्षमता बढ़ाने का प्रावधान
- किसानों को उद्यमी बनाने की दिशा
- बड़े गोदामों पर सब्सिडी
- पशु बीमा पर 50% प्रीमियम सरकार देगी
- 8 डाटा सेंटर पार्क और 900 मेगावॉट लक्ष्य
- एआई मिशन, एआई लैब, साइबर सुरक्षा केंद्र
- 2815 मेगावॉट सौर ऊर्जा परियोजनाएं
- कानून व्यवस्था के प्रतिशत आंकड़े (डकैती 89%, लूट 85% आदि में कमी)
- मजदूरों के लिए लेबर अड्डे
- ई-श्रम पंजीकृत श्रमिकों को मुआवजा
- छात्रवृत्ति 3060 करोड़
- न्याय विभाग 9845 करोड़
- 22167 करोड़ माध्यमिक शिक्षा
- 6195 करोड़ उच्च शिक्षा
- 70 करोड़ अटल आवासीय विद्यालय
- 14,297 करोड़ चिकित्सा शिक्षा
- कैंसर संस्थान 315 करोड़
- असाध्य रोगों के लिए 130 करोड़
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About The Author
शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।