यूपी बजट 2026-27: 9.12 लाख करोड़ का रिकॉर्ड बजट, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और आईटी पर बड़ा फोकस
सीएम योगी ने कहा कि लगातार 10वां बजट पेश करना अपने आप में ऐतिहासिक है. उन्होंने दावा किया कि इन 9 वर्षों में प्रदेश में कोई नया टैक्स नहीं लगाया गया, फिर भी विकास की रफ्तार लगातार बढ़ी है.
उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश देश की 3 सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और बीमारू राज्य की छवि से बाहर निकलकर रेवेन्यू प्लस राज्य बना है.
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सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में सुरक्षा का माहौल नहीं था, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदली है. सरकार के अनुसार वर्ष 2016 के मुकाबले डकैती में 89%, लूट में 85%, हत्या में 47%, बलवा में 70% और फिरौती के लिए अपहरण में 62% कमी आई है.
महिला अपराधों में भी कमी दर्ज की गई है. महिला सुरक्षा बल की भागीदारी 13% से बढ़कर 36% हो गई है. मिशन शक्ति के तहत महिला बीट पुलिस के लिए 25 करोड़ रुपये से वाहन खरीदे जाएंगे.
पुलिस भवनों के निर्माण के लिए 1374 करोड़ और आवासीय भवनों के लिए 1243 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं. अग्निशमन केंद्रों के लिए भी 200 करोड़ रुपये रखे गए हैं.
शिक्षा और छात्राओं के लिए बड़ी घोषणाएं
शिक्षा क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया गया है. माध्यमिक शिक्षा के लिए 22,167 करोड़ और उच्च शिक्षा के लिए 6,195 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं. छात्राओं को 400 करोड़ रुपये की लागत से स्कूटी दी जाएगी. अटल आवासीय विद्यालयों के लिए 70 करोड़ रुपये रखे गए हैं. दशमोत्तर छात्रवृत्ति के लिए 3,060 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं. शिक्षकों को कैशलेस इलाज की सुविधा दी जाएगी.
चिकित्सा क्षेत्र में बड़ा निवेश
चिकित्सा शिक्षा के लिए लगभग 14,297 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं. 14 नए मेडिकल कॉलेजों के लिए 1,023 करोड़ रुपये रखे गए हैं. प्रदेश में अब 81 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं. एमबीबीएस सीटें 4,540 से बढ़ाकर 12,800 और पीजी सीटें 1,221 से बढ़ाकर 4,995 कर दी गई हैं. लखनऊ कैंसर संस्थान के लिए 315 करोड़ और असाध्य रोगों के मुफ्त इलाज के लिए 130 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं.
किसानों को उद्यमी बनाने की योजना
सीएम ने कहा कि अन्नदाता केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि विकास की धुरी हैं. किसानों को उद्यमी बनाने की दिशा में कदम बढ़ाए जाएंगे. ट्यूबवेल पर मुफ्त बिजली, कुसुम योजना, एग्री-एक्सपोर्ट हब और बड़े गोदामों पर सब्सिडी की व्यवस्था की गई है.
प्रदेश में 44 चीनी मिलों का आधुनिकीकरण किया गया है. चार और मिलों की क्षमता बढ़ाई जाएगी. पशु बीमा योजना में 50% प्रीमियम सरकार देगी.
युवाओं और रोजगार पर फोकस
सरकार का कहना है कि यूपी रोजगार जनरेटर के रूप में उभर रहा है. कौशल विकास केंद्रों की क्षमता बढ़ाई जाएगी. डिजिटल इंटरप्रेन्योरशिप योजना शुरू होगी. 18 कमिश्नरी में स्पोर्ट्स कॉलेज बनाए जाएंगे. हर ग्राम पंचायत में ओपन जिम और मिनी स्टेडियम विकसित किए जाएंगे. एमएसएमई को बढ़ावा देने और निवेशकों को सिंगल विंडो सुविधा देने की बात कही गई है.
आईटी, एआई और डाटा सेंटर पर बड़ा दांव
आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए 2,059 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं. एआई मिशन के लिए 225 करोड़ रुपये रखे गए हैं. प्रदेश में 30 हजार करोड़ रुपये के निवेश से 8 डाटा सेंटर पार्क स्थापित किए जाएंगे. 900 मेगावॉट क्षमता का लक्ष्य तय किया गया है. साइबर सुरक्षा संचालन केंद्र के लिए 95 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं.
आधारभूत संरचना और ऊर्जा
एक्सप्रेसवे और फ्लाईओवर के लिए 1,500 करोड़ रुपये तथा सड़क चौड़ीकरण के लिए 1,000 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं. नोएडा एयरपोर्ट पर पांच रनवे बनाए जाएंगे. बस अड्डों पर 50 करोड़ रुपये से ईवी चार्जिंग प्वाइंट लगाए जाएंगे. प्रदेश में 2,815 मेगावॉट सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित हो चुकी हैं.
मजदूरों और महिलाओं के लिए योजनाएं
शहरों में काम करने वाले श्रमिकों के लिए लेबर अड्डे बनाए जाएंगे. ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत श्रमिकों को दुर्घटना की स्थिति में 2 लाख रुपये तक की सहायता दी जाएगी.
महिलाओं के लिए ब्याजमुक्त क्रेडिट कार्ड योजना लाई जाएगी जिससे उन्हें छोटे काम के लिए कर्ज न लेना पड़े.
आर्थिक स्थिति और आंकड़े
प्रदेश की जीएसडीपी 30.25 लाख करोड़ रुपये आंकी गई है. प्रति व्यक्ति आय 1.20 लाख रुपये होने का अनुमान है. बेरोजगारी दर घटकर 2.24 प्रतिशत रह गई है. राजकोषीय घाटा 3% की सीमा में रखा गया है. ऋण-जीएसडीपी अनुपात को घटाकर 23.1% तक लाने का लक्ष्य तय किया गया है.
सरकार की योजना
सीएम योगी ने कहा कि यह बजट किसान, युवा और महिला केंद्रित है. उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश अब देश का ग्रोथ इंजन बन चुका है.
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शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।