Durga Puja 2024: बस्ती के इस इलाके में दुर्गा पूजा में स्थापित होती है 10 फीट की प्रतिमा, दूर-दूर से देखने आते हैं लोग
Basti Durga Pooja 2024
Basti Durga Pooja News: उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में शारदीय नवराात्रि दुर्गा पूजा की धूमधाम से मनाई जाती है. इस भव्य उत्सव में बस्ती जिले में भव्य और विराट रूप पंडाल सजते है. आज हम बात करेगे बस्ती शहर के अस्पताल चौराहे के पास की, जहां पर दिव्य रूप में मां दुर्गा की प्रतिमा विराजमान होती है.
देश बन्धु नंदानाथ का जन्म संतकबीरनगर के महुली थाने के पास सन् 28/7/1949 में हुआ था. इनके पिता का नाम स्वः चन्द्रशेखर था. इनके पिता खेती बारी का काम करते थे. देश बन्धु नंदानाथ बनारस विश्वविद्यालय से आयुर्वेद से डिप्लोमा किया है.
18 साल की उम्र में नंदानाथ गोरखधाम मंन्दिर में चले गये. संतो के बीच में रहकर संतो की पोषक में रहने लगे. संत बनने के बाद मोह-माया को त्याग किया, अपने मन को मजबूत बनाया. उन्होंने अपने जीवन की जिम्मेदारी समझी.
संत बनने के बाद इन्होंने जीवन से जुड़ी कई परिक्षाओ को पार किया. इन्होंने ब्रहमचर्य का भी पालन किया, नंदानाथ सात्विक और शुद्ध भोजन करते है. वे दिन में एक बार भोजन करते है. वह घरों में बने भोजन को ही पसन्द करते है. वह नियम के मुताबिक भोेजन लेते है और नियम के मुताबिक न मिलने पर भोजन त्याग देते है.
देश बन्धु नंदानाथ सन् 1968 ई0 में बस्ती में आगमन हुआ. बस्ती में आकर श्री शिव धाम मन्दिर का निर्माण किया. बस्ती कांवारियां धर्मसंघ की शुरुआत की जो श्रावण मास तेरस में भदेश्वर नाथ में इनके नेतृत्व में विराट कार्यक्रम होता है.
यह भी पढ़ें: Uttar Pradesh Panchayat Chunav: चुनाव पर सस्पेंस जारी, योगी सरकार के मंत्री बोले- कोर्ट के आदेश का इंतजारसन् 1970 ई0 में यहां दुर्गापूजा का शुभारंभ हुआ. जिससे आज पूरे उत्तरप्रदेश में एक नामचीन नंदाबाबा दुर्गापूजा पंडाल के नाम से सुप्रसिद्ध हो चुका है. दुर्गा पूजा समिति बस्ती में मन्नत की देवी मां के नाम से विख्यात हुआ. इस मन्दिर में भगवान शिव का मन्दिर हैं. मां दुर्गा की प्रतिमा की भी स्थापना हुई.
भक्तों का मानना है मां के मन्दिर में मन्नत पूरी होती है. दुर्गा पूजा के वक्त यहां अधिक से अधिक भक्तों का तांता लगता है. दुर्गा पूजा में आश्वयकता वाली वस्तुएं बांस, बल्ली, कृपाल रस्सी हर प्रकार की सजावट का सामान सब संस्था का है. दुर्गा पंडाल के बाहर बड़े-बड़े और खूब विशालकाय दो आकर्षित द्वार गेट बनते है.
इस गेट की सुन्दरता बस्ती की खूबसूरती में चार-चांद में तब्दील करता है. दूर-दूर से लोग आकर इसको अपनी दृष्टि से देकर आंखो को खूब आनंद मिलता है. हैरानी की बात यह भी है. कृष्ण जन्मष्टमी से पूर्व ही यहां तैयारी जोरो शोरो से शुरूआत होने लगती है. क्योकि बस्ती जिले में सबसे बड़ा सुन्दरम दृश्य यही का होता है. नंदानाथ के पंडाल में 10 फीट की मां दुर्गा विराजमान होती है.

साथ-साथ में गणेश, लक्ष्मी, कार्तिक, और वीणा वादिनी मां स्वरसती विराजमान होती है. यहां पर दुर्गा पूजा का सुन्दरम् और मनोरम दृश्य होता है जिसे देखकर हर कोई खो जाता है. यहां पर खास बात ये है कि दिपावली के बाद यहां हर साल विशाल स्वादिष्ट व्यंजन का लंगर का आयोजन करवाया जाता है. इस प्रसाद को पाने के लिए भक्त लम्बी कतार लगाकर अपनी बारी का इतंजार करते नजर आते है.
नंदानाथ ने भारतीय बस्ती को जानकारी दी हर साल की भांति इस साल भी कई हजार भक्तो के दिपावली के बाद शुद्ध भोजन का अयोजन रखा जायेगा. लोग नए कपड़े पहनते हैं. स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद लेते हैं. और पंडालों में दर्शन के लिए जाते हैं. जिसके लिए युवा वर्ग काफी उत्साहित रहता है. अगर आप इस नवरात्रि देश के सबसे मशहूर और भव्य दुर्गा पूजा पंडालों के दर्शन के लिए जाना चाहते हैं तो ये जान लें कि भारत देश के उत्तर प्रदेश बस्ती जिले में सबसे सुंदर दुर्गा पंडाल यहीं सजते हैं.
Durga Puja 2024: बस्ती के इस इलाके में दुर्गा पूजा में स्थापित होती है 10 फीट की प्रतिमा, दूर-दूर से देखने आते हैं लोग
Basti Durga Pooja 2024
Basti Durga Pooja News: उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में शारदीय नवराात्रि दुर्गा पूजा की धूमधाम से मनाई जाती है. इस भव्य उत्सव में बस्ती जिले में भव्य और विराट रूप पंडाल सजते है. आज हम बात करेगे बस्ती शहर के अस्पताल चौराहे के पास की, जहां पर दिव्य रूप में मां दुर्गा की प्रतिमा विराजमान होती है.
देश बन्धु नंदानाथ का जन्म संतकबीरनगर के महुली थाने के पास सन् 28/7/1949 में हुआ था. इनके पिता का नाम स्वः चन्द्रशेखर था. इनके पिता खेती बारी का काम करते थे. देश बन्धु नंदानाथ बनारस विश्वविद्यालय से आयुर्वेद से डिप्लोमा किया है.
18 साल की उम्र में नंदानाथ गोरखधाम मंन्दिर में चले गये. संतो के बीच में रहकर संतो की पोषक में रहने लगे. संत बनने के बाद मोह-माया को त्याग किया, अपने मन को मजबूत बनाया. उन्होंने अपने जीवन की जिम्मेदारी समझी.
संत बनने के बाद इन्होंने जीवन से जुड़ी कई परिक्षाओ को पार किया. इन्होंने ब्रहमचर्य का भी पालन किया, नंदानाथ सात्विक और शुद्ध भोजन करते है. वे दिन में एक बार भोजन करते है. वह घरों में बने भोजन को ही पसन्द करते है. वह नियम के मुताबिक भोेजन लेते है और नियम के मुताबिक न मिलने पर भोजन त्याग देते है.
देश बन्धु नंदानाथ सन् 1968 ई0 में बस्ती में आगमन हुआ. बस्ती में आकर श्री शिव धाम मन्दिर का निर्माण किया. बस्ती कांवारियां धर्मसंघ की शुरुआत की जो श्रावण मास तेरस में भदेश्वर नाथ में इनके नेतृत्व में विराट कार्यक्रम होता है.
सन् 1970 ई0 में यहां दुर्गापूजा का शुभारंभ हुआ. जिससे आज पूरे उत्तरप्रदेश में एक नामचीन नंदाबाबा दुर्गापूजा पंडाल के नाम से सुप्रसिद्ध हो चुका है. दुर्गा पूजा समिति बस्ती में मन्नत की देवी मां के नाम से विख्यात हुआ. इस मन्दिर में भगवान शिव का मन्दिर हैं. मां दुर्गा की प्रतिमा की भी स्थापना हुई.
भक्तों का मानना है मां के मन्दिर में मन्नत पूरी होती है. दुर्गा पूजा के वक्त यहां अधिक से अधिक भक्तों का तांता लगता है. दुर्गा पूजा में आश्वयकता वाली वस्तुएं बांस, बल्ली, कृपाल रस्सी हर प्रकार की सजावट का सामान सब संस्था का है. दुर्गा पंडाल के बाहर बड़े-बड़े और खूब विशालकाय दो आकर्षित द्वार गेट बनते है.
इस गेट की सुन्दरता बस्ती की खूबसूरती में चार-चांद में तब्दील करता है. दूर-दूर से लोग आकर इसको अपनी दृष्टि से देकर आंखो को खूब आनंद मिलता है. हैरानी की बात यह भी है. कृष्ण जन्मष्टमी से पूर्व ही यहां तैयारी जोरो शोरो से शुरूआत होने लगती है. क्योकि बस्ती जिले में सबसे बड़ा सुन्दरम दृश्य यही का होता है. नंदानाथ के पंडाल में 10 फीट की मां दुर्गा विराजमान होती है.

साथ-साथ में गणेश, लक्ष्मी, कार्तिक, और वीणा वादिनी मां स्वरसती विराजमान होती है. यहां पर दुर्गा पूजा का सुन्दरम् और मनोरम दृश्य होता है जिसे देखकर हर कोई खो जाता है. यहां पर खास बात ये है कि दिपावली के बाद यहां हर साल विशाल स्वादिष्ट व्यंजन का लंगर का आयोजन करवाया जाता है. इस प्रसाद को पाने के लिए भक्त लम्बी कतार लगाकर अपनी बारी का इतंजार करते नजर आते है.
नंदानाथ ने भारतीय बस्ती को जानकारी दी हर साल की भांति इस साल भी कई हजार भक्तो के दिपावली के बाद शुद्ध भोजन का अयोजन रखा जायेगा. लोग नए कपड़े पहनते हैं. स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद लेते हैं. और पंडालों में दर्शन के लिए जाते हैं. जिसके लिए युवा वर्ग काफी उत्साहित रहता है. अगर आप इस नवरात्रि देश के सबसे मशहूर और भव्य दुर्गा पूजा पंडालों के दर्शन के लिए जाना चाहते हैं तो ये जान लें कि भारत देश के उत्तर प्रदेश बस्ती जिले में सबसे सुंदर दुर्गा पंडाल यहीं सजते हैं.
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शम्भूनाथ गुप्ता पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। 'मीडिया दस्तक' और 'बस्ती चेतना' जैसे प्लेटफॉर्म पर न्यूज़ और वीडियो एडिटिंग टीम में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। न्यूज़ प्रोडक्शन और डिजिटल कंटेंट निर्माण में गहरा अनुभव रखते हैं। वर्तमान में वे 'भारतीय बस्ती' की उत्तर प्रदेश टीम में कार्यरत हैं, जहां वे राज्य से जुड़ी खबरों की गंभीर और सटीक कवरेज में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।