Varanasi Ropeway: जल्द शुरू होगा रोपवे, आरओबी का होगा निर्माण
आरओबी से मिलेगा सीधा रास्ता
परियोजना से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, कैंट रेलवे स्टेशन परिसर से रोपवे स्टेशन तक पहुंच आसान बनाने के लिए रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) बनाया जाएगा. इस ऊपरी मार्ग के बनने से ट्रेन से उतरने वाले यात्री बिना मुख्य सड़क के ट्रैफिक में उतरे सीधे रोपवे स्टेशन तक पहुंच सकेंगे. इससे न सिर्फ समय बचेगा बल्कि भीड़ और जाम की समस्या भी कम होगी.
बताया जा रहा है कि प्रारंभिक योजना में आरओबी शामिल नहीं था, लेकिन हाल ही में हुई समीक्षा बैठक के बाद इसे प्रोजेक्ट में जोड़ा गया है जिससे यात्रियों की आवाजाही और अधिक सुगम हो सके.
ट्रैफिक और भीड़ प्रबंधन पर विशेष फोकस
हाल में हुई उच्चस्तरीय बैठक में ट्रैफिक प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण को लेकर विस्तार से मंथन किया गया. विशेषज्ञ संस्थानों से सुझाव लेने के बाद परियोजना के सर्कुलेशन प्लान में सुधार किए गए हैं. उद्देश्य यह है कि रोपवे शुरू होने के बाद आसपास की मुख्य सड़कों पर दबाव न्यूनतम रहे.
स्टेशन क्षेत्रों में बदलेगा यातायात ढांचा
योजना के अंतर्गत कैंट स्टेशन, काशी विद्यापीठ स्टेशन और रथयात्रा क्षेत्र के आसपास नया सर्कुलेशन एरिया निर्मित किया जाएगा. यहां यात्रियों के लिए ड्रॉप-ऑफ और पिक-अप जोन अलग-अलग निर्धारित होंगे. पार्किंग की समुचित व्यवस्था भी बनाई जाएगी जिससे मुख्य मार्गों पर अनावश्यक वाहन खड़े न हों.
यह भी पढ़ें: UP Budget 2026: Lucknow Metro विस्तार, Namo Bharat Train और नक्शा पास नियमों में बड़ी राहतइसके अलावा ऑटो, टैक्सी और निजी वाहनों की सुचारु आवाजाही बनाए रखने के लिए अतिरिक्त लेन तैयार करने की भी तैयारी है.
एयरपोर्ट मॉडल पर होगी सुरक्षा
रोपवे स्टेशनों की सुरक्षा व्यवस्था को अत्याधुनिक बनाया जा रहा है. प्रवेश से पहले यात्रियों के सामान की जांच एक्स-रे स्कैनर से होगी, जबकि हर यात्री की स्क्रीनिंग डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर से की जाएगी. जरूरत पड़ने पर हैंड-हेल्ड डिटेक्टर से अतिरिक्त जांच भी होगी.
स्टेशनों पर सीसीटीवी निगरानी, कंट्रोल रूम से लाइव मॉनिटरिंग, अलग एंट्री-एग्जिट गेट, आपातकालीन निकास मार्ग और फायर सेफ्टी सिस्टम भी स्थापित किए जाएंगे ताकि किसी भी स्थिति से तुरंत निपटा जा सके.
एसएसएफ संभालेगी सुरक्षा
सुरक्षा प्रबंधन के लिए क्विक रिएक्शन टीम तैनात करने की योजना है और पूरी जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स (एसएसएफ) को देने की तैयारी है. सुरक्षा प्रोटोकॉल को अंतिम रूप देने के लिए संबंधित एजेंसियों से भी परामर्श लिया गया है.
अधिकारियों का मानना है कि इन नए प्रावधानों के लागू होने के बाद रोपवे परियोजना न केवल यात्रियों के लिए सुविधाजनक होगी, बल्कि वाराणसी की ट्रैफिक व्यवस्था को भी नई दिशा मिलेगी.
ताजा खबरें
About The Author
शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।