यूपी-बिहार सफर होगा आसान: 134 KM एक्सप्रेसवे का 84% निर्माण पूरा
क्षेत्र के विकास में परिवर्तन
यह एक्सप्रेसवे आवागमन के साथ-साथ पूर्वांचल और बिहार के बीच आर्थिक गतिविधियों को रफ्तार देने वाला महत्वपूर्ण कॉरिडोर माना जा रहा है. आधुनिक तकनीक और बेहतर डिजाइन के साथ तैयार हो रहा यह मार्ग आने वाले वर्षों में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को संभालने में सक्षम होगा. व्यापार, परिवहन और आपात सेवाओं को इससे सीधा फायदा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.
यात्रियों को मिलेगा तेज और सुरक्षित सफर
परियोजना पूरी होने के बाद लंबी दूरी तय करने वालों को काफी राहत मिलेगी. कम समय में गंतव्य तक पहुंचना संभव होगा और ईंधन की भी बचत होगी. अधिकारियों के मुताबिक एक्सप्रेसवे के किनारे आवश्यक सुविधाएं चरणबद्ध तरीके से विकसित की जा रही हैं, जिससे सफर आरामदायक और सुरक्षित रहे.
कहां तक पूरा हुआ निर्माण
निर्माण कार्य लगभग 84% पूरा हो चुका है और लक्ष्य रखा गया है कि जून तक इस एक्सप्रेसवे का संचालन शुरू कर दिया जाए. 4-लेन में बन रहे इस मार्ग की कुल लंबाई करीब 134 किलोमीटर है और इस पर वाहन लगभग 100 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चल सकेंगे. करीब 5300 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना पूर्वी उत्तर प्रदेश को सीधे बिहार से जोड़ देगी और क्षेत्र में जाम की समस्या काफी हद तक कम होने की उम्मीद है.
इस मार्ग के शुरू होने से पटना, लखनऊ और दिल्ली की यात्रा पहले से ज्यादा आसान हो जाएगी. पूरे एक्सप्रेसवे पर ऑटोमैटिक ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लगाया जा रहा है, जिससे स्पीड मॉनिटरिंग और ट्रैफिक नियंत्रण किया जाएगा. इसके साथ ही हाईवे पर लाइट व्यवस्था, एंबुलेंस, क्रेन और रूट पेट्रोलिंग जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध रहेंगी.
यह ग्रीनफील्ड कॉरिडोर वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन के हृदयपुर क्षेत्र से शुरू होकर बिहार के सारण जिले के सहबलपुर तक करीब 117.120 किलोमीटर तक फैलेगा. वहीं करीनुद्दीनपुर स्टेशन के पास से लगभग 17.270 किलोमीटर का लिंक भरौली गोलंबर होते हुए बक्सर से जोड़ा जाएगा. परियोजना के अंतर्गत कुल 14 प्रमुख मार्ग आपस में कनेक्ट होंगे. एनएचआई के अधिकारी पीयूष अग्रवाल (पीडी) ने इस विषय पर जानकारी देते हुए कहा है कि "किसी भी ग्रामीण सड़क को बंद नहीं किया गया है और स्थानीय आवाजाही बनाए रखने के लिए जगह-जगह सर्विस रोड तैयार की गई है."
14 प्रमुख सड़कों से बनेगा संपर्क
इस ग्रीनफील्ड कॉरिडोर के तैयार होने के बाद क्षेत्र का सड़क नेटवर्क और मजबूत होगा. यह एक्सप्रेसवे प्रमुख मार्गों से जुड़ेगा:-
- वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन
- लखनऊ-हैदरिया पूर्वांचल एक्सप्रेसवे
- गाजीपुर-कासिमाबाद मार्ग
- युसूफपुर-कासिमाबाद मार्ग
- मुहम्मदाबाद-नसीरपुर मार्ग
- गाजीपुर-बलिया एनएच-31 (पूर्व निर्मित)
- मुहम्मदाबाद-चितबड़ागांव मार्ग
- कोटवा नारायणपुर-लड्डूडीह मार्ग
- बेयासी बलिया मार्ग
- हल्दी मार्ग
- बलिया-हाजीपुर मार्ग
- मांझी-डुमरी-ताजपुर मार्ग
इनके अतिरिक्त शेष संपर्क मार्गों को मिलाकर कुल 14 प्रमुख सड़कों का नेटवर्क इस एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा, जिससे क्षेत्रीय आवागमन और अधिक सुगम हो जाएगा.
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शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।