UP में बड़ा बदलाव! एक्सप्रेसवे किनारे बनने जा रहे Industrial Corridors से लाखों रोजगार

UP में बड़ा बदलाव! एक्सप्रेसवे किनारे बनने जा रहे Industrial Corridors से लाखों रोजगार
UP में बड़ा बदलाव! एक्सप्रेसवे किनारे बनने जा रहे Industrial Corridors से लाखों रोजगार

उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश का महत्वाकांक्षी गंगा एक्सप्रेसवे अब लगभग पुरा होने की ओर बढ़ चुका है. तेज रफ्तार परिवहन के लिए तैयार किया जा रहा यह विशाल प्रोजेक्ट राज्य के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों के बीच दूरी को काफी कम कर देगा. इस प्रोजेक्ट से अगल-बगल के शहरों में जमीन और प्रॉपर्टी बाजार में हलचल तेज होती दिख रही है.

यात्रा समय में आएगी बड़ी कमी

करीब 594 किलोमीटर लंबा यह हाई-स्पीड कॉरिडोर मेरठ से प्रयागराज के मध्य सफर को लगभग 6 से 8 घंटे में पूरा करने में सक्षम होगा. अभी तक इस दूरी को तय करने में काफी अधिक समय लगता है. नई सड़क बनने से माल परिवहन और निजी यात्रा दोनों में तेजी आएगी, जिससे पूरे प्रदेश की आवाजाही व्यवस्था पर सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद है.

12 जिलों को मिलेगा सीधा लाभ

यह एक्सप्रेसवे मेरठ के बिजौली क्षेत्र से शुरू होकर प्रयागराज के जुदापुर दांदू तक जाएगा. इसके रास्ते में मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज जैसे कुल 12 जिले सीधे जुड़ेंगे. बेहतर कनेक्टिविटी से इन जिलों में लॉजिस्टिक्स, परिवहन और व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिलने की संभावना है.

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रियल एस्टेट बाजार में तेज हलचल

इन्फ्रास्ट्रक्चर विशेषज्ञ मानते हैं कि किसी भी क्षेत्र का विकास मजबूत सड़क नेटवर्क से तय होता है. यही वजह है कि एक्सप्रेसवे के आसपास के इलाकों में निवेशकों की रुचि तेजी से बढ़ी है. पिछले 2 सालों में एक्सप्रेसवे से लगभग 10 से 15 किलोमीटर के दायरे में जमीन के दामों में 40 से 60 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. जहां-जहां इंटरचेंज बन रहे हैं, वहां आवासीय और व्यावसायिक प्रॉपर्टी की मांग सबसे ज्यादा देखी जा रही है.

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औद्योगिक हब बनने की तैयारी

राज्य सरकार की योजना केवल सड़क निर्माण तक सीमित नहीं है. एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक क्लस्टर विकसित करने की भी रणनीति बनाई गई है. अमरोहा, बदायूं और हरदोई जिलों में प्रस्तावित औद्योगिक गलियारे भविष्य में बड़े निवेश को आकर्षित कर सकते हैं. उद्योग स्थापित होने पर स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की संभावना जताई जा रही है. निवेशक अभी से औद्योगिक जमीन और आसपास के प्लॉट खरीदने लगे हैं.

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निवेश से पहले बरतें सावधानी

रियल एस्टेट विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि "निवेश के लिए इंटरचेंज के आसपास के क्षेत्रों को प्राथमिकता देना अधिक लाभकारी हो सकता है. मेरठ का बाहरी क्षेत्र, अमरोहा का औद्योगिक बेल्ट और प्रयागराज का प्रवेश क्षेत्र निवेशकों के लिए आकर्षक माने जा रहे हैं. लेकिन किसी भी जमीन की खरीद से पहले संबंधित प्राधिकरण की गाइडलाइंस और स्वामित्व दस्तावेजों की जांच करना जरूरी है, जिससे भविष्य में कानूनी विवाद से बचा जा सके."

वेयरहाउसिंग और ई-कॉमर्स को मिलेगा बढ़ावा

तेज कनेक्टिविटी के कारण वेयरहाउसिंग सेक्टर के लिए भी नए अवसर खुल रहे हैं. ई-कॉमर्स कंपनियां और मैन्युफैक्चरिंग इकाइयां हापुड़ और बुलंदशहर जैसे इलाकों में अपनी मौजूदगी बढ़ाने पर विचार कर रही हैं, क्योंकि यहां से दिल्ली-एनसीआर और लखनऊ दोनों तक पहुंच सुगम हो जाएगी. साथ ही कृषि आधारित उद्योगों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, जिससे खेती योग्य जमीन की मांग में भी तेजी आई है.

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शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।