यूपी में इस एयरपोर्ट का होगा विस्तार! आसपास के गांवों के 1000 से ज्यादा आ रहे हैं घर
प्रशासन कई बार प्रयास कर चुका है, मगर जमीन पर काम आगे नहीं बढ़ पाया
विस्तार की कोशिशें फिर तेज
एयरपोर्ट बनने के बाद से ही इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर तक निर्मित करने की चर्चा चल रही है. प्रशासन कई बार प्रयास कर चुका है, मगर जमीन पर काम आगे नहीं बढ़ पाया. अब नए सिरे से तैयारी शुरू की गई है और संबंधित विभागों को सक्रिय किया गया है.
पहले सर्वे ने बढ़ाई थी मुश्किल
पूर्व में हुए सर्वे में सामने आया था कि विस्तार में आसपास के गांवों के 1000 से ज्यादा घर आ रहे हैं. इतनी बड़ी संख्या में मकान प्रभावित होने की खबर से ग्रामीणों में भारी नाराजगी फैल गई थी. किसानों और स्थानीय लोगों ने जोरदार विरोध किया, जिसके पश्चात सरकार को विस्तार की प्रक्रिया पर रोक लगानी पड़ी थी.
नया प्लान, नई उम्मीद
अब जिला प्रशासन ने संशोधित रोडमैप तैयार किया है. एयरपोर्ट डायरेक्टर बृजेश मौर्य के मुताबिक, विस्तार के लिए नया सर्वे कराया जाएगा ताकि कम से कम आबादी प्रभावित हो.
ताजा आकलन के अनुसार, नए प्रस्ताव में करीब 160 घरों के अधिग्रहण की संभावना जताई गई है. सगड़ी तहसील की रिपोर्ट सरकार को भेज दी गई है.
तकनीकी सर्वे बाकी
आगे की प्रक्रिया के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की तकनीकी टीम का सर्वे होना अभी बाकी है. इसी रिपोर्ट के आधार पर अंतिम फैसला लिया जाएगा. प्रशासन को उम्मीद है कि यह चरण जल्द शुरू होगा.
2022 से चल रही है कवायद
बताया जा रहा है कि मंदुरी एयरपोर्ट को इंटरनेशनल बनाने की प्रक्रिया वर्ष 2022 से ही चल रही है. उस समय आसपास के किसानों की जमीन अधिग्रहित करने की योजना बनी थी. लेकिन किसानों के कड़े विरोध और खिरिया बाग में हुए लंबे धरने के बाद सरकार को योजना रोकनी पड़ी थी.
उड़ान सेवा भी ठप
रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के अंतर्गत 11 मार्च 2024 को मंदुरी एयरपोर्ट से लखनऊ के लिए 19 सीटर विमान सेवा शुरू की गई थी. यह सेवा करीब 17 महीने तक चली. बाद में अगस्त 2025 में लखनऊ एयरपोर्ट पर निर्माण कार्य का हवाला देकर उड़ान बंद कर दी गई. तब से एयरपोर्ट पर नियमित उड़ानें ठप हैं.
अब पूरा मामला एएआई की तकनीकी रिपोर्ट और शासन की मंजूरी पर टिका है. अगर नया प्रस्ताव पास हो जाता है तो कम घरों के अधिग्रहण के साथ एयरपोर्ट विस्तार का रास्ता खुल सकता है. प्रशासन का कहना है कि इस बार योजना ऐसी बनाई गई है जिसमें ज्यादा से ज्यादा गांवों को बचाने की कोशिश की गई है, जिससे विकास में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े.
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शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।