यूपी में इन कर्मचारियों को नहीं मिलेगा इस महीने का वेतन, जानें वजह
यूपी के 47 हजार कर्मचारियों पर सरकार सख्त
सरकार की ओर से पहले ही सभी कर्मचारियों को निर्देश दिया गया था कि वे अपना वार्षिक संपत्ति विवरण पोर्टल पर अपलोड करें. इसके लिए अंतिम तिथि 31 जनवरी तय की गई थी. अधिकारियों का कहना है कि समय सीमा बीत जाने के बाद भी बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने नियमों का पालन नहीं किया.
मामले पर मुख्य सचिव एस. पी. गोयल ने साफ कहा है कि जब तक संबंधित कर्मचारी अपना संपत्ति विवरण अपलोड नहीं करेंगे, तब तक उनका वेतन जारी नहीं किया जाएगा. साथ ही, ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी. उन्हें प्रमोशन, विजिलेंस क्लियरेंस और विदेश यात्रा जैसी सुविधाओं में भी दिक्कत आ सकती है.
इससे पहले फरवरी में भी 68,236 राज्यकर्मियों का वेतन रोका गया था. सरकार का कहना है कि संपत्ति विवरण देना हर सरकारी कर्मचारी के लिए अनिवार्य प्रक्रिया है, जो हर साल पूरी करनी होती है. सामान्य रूप से यह जानकारी 31 दिसंबर तक जमा करनी होती है, हालांकि इस बार एक बार तारीख बढ़ाई जा चुकी थी.
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में कुल सरकारी कर्मचारियों की संख्या लगभग 17 लाख के आसपास है. इनमें से करीब 16.53 लाख कर्मचारियों ने अपना संपत्ति विवरण जमा कर दिया है. बाकी कर्मचारियों से जल्द से जल्द विवरण अपलोड करने को कहा गया है, ताकि उनका वेतन जारी किया जा सके.
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विकास कुमार पिछले 20 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। उत्तर प्रदेश की राजनीति पर इनकी मजबूत पकड़ है, विधानसभा, प्रशासन और स्थानीय निकायों की गतिविधियों पर ये वर्षों से लगातार रिपोर्टिंग कर रहे हैं। विकास कुमार लंबे समय से भारतीय बस्ती से जुड़े हुए हैं और अपनी जमीनी समझ व राजनीतिक विश्लेषण के लिए पहचाने जाते हैं। राज्य की राजनीति पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक भरोसेमंद पत्रकार की पहचान देती है