Basti Panchayat Chunav: निर्वाचन आयोग के इस फैसले से बदल जाएगी गांवों की राजनीति! पड़ेगा बड़ा असर?
डुप्लीकेट वोटिंग रोकने के लिए प्रशासन सख्त
पुनरीक्षण में बड़ी संख्या में मतदाता जांच के दायरे में
बस्ती जिले की 1187 ग्राम पंचायतों में मतदाता सत्यापन के लिए कुल 1235 बीएलओ तैनात किए गए हैं. इन कर्मचारियों ने घर-घर जाकर मतदाताओं का भौतिक सत्यापन किया है. पहले चरण के बाद आयोग ने 6,52,188 मतदाताओं के विवरण में गड़बड़ी मिलने पर दोबारा जांच के आदेश दिए थे.
इसके बाद पूरी निर्वाचन टीम दोबारा सत्यापन में लग गई. जिले में पंचायत चुनाव के लिए कुल 29.50 लाख मतदाता सम्मिलित हैं. शुरुआती जांच में बड़ी संख्या में नाम संदिग्ध मिलने से प्रशासन की चिंता बढ़ी थी.
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अधिकारियों के अनुसार अब तक करीब 5 लाख मतदाताओं की दोबारा जांच पूरी की जा चुकी है. इनमें से 4,30,980 मतदाता सही पाए गए, जबकि 69,020 नाम डुप्लीकेट निकले. ऐसे नामों को सूची से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
वर्तमान में लगभग 1,52,188 मतदाताओं का सत्यापन बाकी है. प्रशासन के पास अंतिम सूची जारी करने के लिए करीब 50 दिन का समय बचा हुआ है. जिम्मेदार अधिकारियों का दावा है कि मार्च तक शत-प्रतिशत सत्यापन पूरा कर लिया जाएगा.
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निर्वाचन कार्यक्रम के अंतर्गत 15 अप्रैल को ग्राम पंचायत मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन प्रस्तावित है. इसके बाद सूची सभी ब्लॉक मुख्यालयों और संबंधित बीएलओ को उपलब्ध करा दी जाएगी. चुनावी तैयारियों को आगे बढ़ाते हुए जिला निर्वाचन कार्यालय ने कई पदों के लिए नामांकन पत्रों का प्रकाशन भी करा लिया है.
समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए निर्वाचन टीम को प्रयागराज भेजा गया है, जहां से नामांकन पत्रों का बंडल लाकर सुरक्षित रखा जाएगा. अगले महीने से इनका ब्लॉकवार वितरण शुरू होने की संभावना है.
अधिकारी का बयान
सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी सुभाष सिंह ने बताया कि "पंचायत चुनाव को ध्यान में रखते हुए मतदाता सूची का व्यापक सत्यापन कराया जा रहा है. करीब 1.5 लाख मतदाताओं की जांच अभी शेष है, जिसे जल्द पूरा कर लिया जाएगा. उन्होंने कहा कि 15 अप्रैल को अंतिम सूची प्रकाशित कर दी जाएगी और नामांकन पत्र मंगाने की प्रक्रिया भी जारी है.
गाँव में बढ़ी राजनीतिक हलचल
चुनाव की आहट के साथ ही गांवों की राजनीति गर्माने लगी है. संभावित प्रत्याशियों की सक्रियता बढ़ गई है और गांव-गांव बैठकों का दौर शुरू हो गया है. लेकिन अभी तक चुनाव अधिसूचना जारी नहीं हुई है और संभावित तिथि भी घोषित नहीं की गई, इसलिए कई दावेदार खुलकर सामने आने से बच रहे हैं.
ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत सदस्य पदों के लिए आरक्षण निर्धारण की प्रक्रिया भी अभी शुरू नहीं हुई है. प्रशासन शासन स्तर से नई गाइडलाइन का इंतजार कर रहा है.
आरक्षण गाइडलाइन का इंतजार
डीपीआरओ घनश्याम सागर ने इस विषय पर जानकारी देते हुए कहा कि सरकार से दिशा-निर्देश मिलते ही आरक्षण तय करने की प्रक्रिया तत्काल शुरू कर दी जाएगी. ब्लॉकों में ग्राम पंचायतों का जातिवार डेटा पहले ही तैयार कर लिया गया है. नई गाइडलाइन के अनुसार पदों का आरक्षण निर्धारित किया जाएगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी पंचायत चुनाव की तिथि को लेकर सरकार से कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है.
पंचायत चुनाव को लेकर प्रशासन इस बार पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है. पिछले चुनावों में कई गांवों से कथित तौर पर डुप्लीकेट वोटिंग और एक ही व्यक्ति द्वारा दो बार वोट डालने जैसे आरोप सामने आए थे. इन्हीं शिकायतों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने इस बार ऐसी किसी भी गड़बड़ी को रोकने के लिए तैयारी तेज कर दी है.अधिकारियों के मुताबिक, मतदान प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है.
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शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।