Basti News: टीईटी अनिवार्यता के विरोध में बीएसए कार्यालय पर गरजे शिक्षक, प्रधानमंत्री को भेजा ज्ञापन
जिले से लेकर दिल्ली तक लड़ी जाएगी शिक्षकों के सम्मान की लड़ाई
शिक्षकों का कहना था कि 1 सितंबर 2025 को सर्वोच्च न्यायालय ने केन्द्र सरकार के 2017 के शासनादेश के क्रम में सेवारत शिक्षकों के लिए भी टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य कर दिया है, जबकि सभी शिक्षक नियुक्ति के समय निर्धारित मानकों को पूरा कर ही सेवा में आए थे. सरकार का यह निर्णय न केवल अन्यायपूर्ण है बल्कि लाखों परिवारों के भविष्य पर संकट खड़ा हो गया है. धरने को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष चन्द्रिका सिंह ने कहा कि शिक्षकों के ऊपर जबरन टीईटी अनिवार्यता की जा रही है.
शिक्षको ने नियुक्ति के सभी सभी मानक पूर्ण किये थे उस समय सभी परीक्षा पास की थी लेकिन आज सरकार की गलत नीतियों के कारण शिक्षक आज हाशिये पर है. कहा कि शिक्षकों के सम्मान की लड़ाई जिले से लेकर दिल्ली तक लड़ी जाएगी. जूनियर शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष विष्णु दत्त शुक्ल ने कहा कि यह संकट का समय है और इस संकट के समय में हम सभी को एकजुट होकर इस काले कानून के खिलाफ लड़ाई लड़नी है.
जिलामंत्री बालकृष्ण ओझा, जिला कोषाध्यक्ष दुर्गेश यादव, रवीश मिश्र ने कहा कि सरकार की उदासीनता को देखते हुए शिक्षकों ने दिल्ली में विशाल धरने को लेकर रणनीति बनाई है और आने वाले समय मे शिक्षक अब रामलीला मैदान में पहुँचकर सरकार की गलत नीतियों का विरोध करेंगे.
यह भी पढ़ें: Basti News: किडनी के उपचार में होम्योपैथ की भूमिका पर डा. वी.के. वर्मा ने प्रस्तुत किया शोध पत्रधरने को शिव रतन, उमाकांत शुक्ल, राजकुमार तिवारी, अविनाश दूबे, राजेश गिरी, अशोक यादव, विवेक कान्त पाण्डेय, सनद पटेल, अटल उपाध्याय, प्रमोद सिंह, बब्बन पाण्डेय, रामसागर वर्मा, विवेक सिंह, सन्तोष पाण्डेय, हरिओम यादव, अखिलेश पाण्डेय, बृजेश त्रिपाठी, हरेंद्र यादव, सत्य प्रकाश, राम प्यारे, सनद पटेल, विजय यादव, अनीश, सुधीर तिवारी, शिव प्रकाश सिंह, सुरेश गौड़, प्रवीण श्रीवास्तव, अनिल पाठक, सीनियर शिक्षक संघ के प्रदेश अध्य्क्ष श्रवण सिंह, जिलाध्यक्ष शिवशंकर पाण्डेय, सेवानिवृत्त शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष उदय भान दूबे, शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष वीरेन्द्र कुमार शुक्ल आदि ने संबोधित किया.
वक्ताओं ने कहा कि शिक्षकों के सम्मान और उनकी रोजी-रोटी की सुरक्षा के लिए पूरा शिक्षक समाज एकजुट है. शिक्षकों को अगर टीईटी से मुक्ति नही मिली तो सरकार को बदलने की भी तैयारी शिक्षक और उनका परिवार करेगा. धरने का संचालन समीउल्लाह अंसारी ने किया.
धरने और पैदल मार्च में मुख्य रूप से कंचनमाला त्रिपाठी, रीता सिंह, रंजन सिंह, दिनेश सिंह, नीलू द्विवेदी, विनीता त्रिपाठी, मंगला मौर्य, रजनीश यादव, रुकुनुद्दीन, कुसुम कुमारी, गीता सिंह, चंद्र द्विवेदी, चंद्रमोहन, पवन यादव, राम रंग, फौजिया सिद्दीकी, चन्दना सिंह, सुनीता चौधरी, दुर्गेंद्र सिंह, पुष्पेंद्र कुमार, धीरज सिंह, देवेंद्र चौधरी, हरिश्चंद्र चौधरी, गौरव चौधरी, आज्ञाराम वर्मा, उपेंद्र पाण्डेय, इंद्रजीत, वेदप्रकाश, फूलचंद चौधरी, राजेश कुमार, वंदना त्रिपाठी, राम सूरत, विनोद कुमार, बालमुकुंद चौधरी, साधना पाठक, शारदा, बी पी आनंद, जितेंद्र कुमार, महादेव वर्मा, सुनील सिंह सहित हजारों की संख्या में लोग शामिल रहे.
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