UP में 5757 करोड़ का मेगा हाईवे: कानपुर से कबरई तक बनेगा 118 किमी ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे

UP में 5757 करोड़ का मेगा हाईवे: कानपुर से कबरई तक बनेगा 118 किमी ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे
UP में 5757 करोड़ का मेगा हाईवे: कानपुर से कबरई तक बनेगा 118 किमी ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे

उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में स्थित कानपुर जिले में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक और बड़ी पहल शुरू हो रही है. प्रस्तावित आर्थिक गलियारा न केवल लंबी दूरी की यात्रा को आसान बनाएगा, बल्कि औद्योगिक गतिविधियों को भी नई गति देगा. यह ध्यान देने योग्य है कि इस परियोजना का सबसे बड़ा लाभ कानपुर को मिलने की संभावना जताई जा रही है.

भारत माला के तहत हाईवे निर्माण की तैयारी

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा भारत माला कार्यक्रम के अंतर्गत कानपुर से कबरई (महोबा) तक एक्सेस कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड हाईवे विकसित किया जा रहा है. लगभग 118 किलोमीटर लंबे इस मार्ग के निर्माण पर 5757 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. परियोजना की टेंडर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और निर्माण कार्य को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने की तैयारी है.

4 जिलों की बदलेगी तस्वीर

यह हाईवे कानपुर नगर, कानपुर देहात, हमीरपुर और महोबा से होकर गुजरेगा और आगे सागर हाईवे से जुड़ेगा. अधिकारियों का मानना है कि इससे क्षेत्रीय संपर्क व्यवस्था मजबूत होगी और माल परिवहन पहले की तुलना में कहीं अधिक तेज हो जाएगा.

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रिंग रोड से मिलेगा नेटवर्क का विस्तार

प्रस्तावित मार्ग रमईपुर के पास मगरासा क्षेत्र में रिंग रोड से जुड़ेगा. यह रिंग रोड पहले ही कई प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों को जोड़ने की योजना का हिस्सा है. इसके सक्रिय होने पर प्रयागराज, वाराणसी, दिल्ली, अलीगढ़, कन्नौज, फर्रुखाबाद और झांसी तक पहुंच और सुगम हो जाएगी. इससे कानपुर एक बड़े ट्रांजिट हब के रूप में उभर सकता है.

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औद्योगिक क्षेत्रों के विकास पर फोकस

आर्थिक गलियारे के दोनों ओर विशेष औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की योजना बनाई गई है. इसका उद्देश्य लॉजिस्टिक व्यवस्था को मजबूत करना और उद्योगों को बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है. इससे कच्चे माल की आपूर्ति और तैयार माल की ढुलाई दोनों में समय और लागत की बचत होगी.

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इस कॉरिडोर के शुरू होने पर लखनऊ से भोपाल के बीच लगभग 600 किलोमीटर की दूरी महज करीब 7 घंटे में पूरी की जा सकेगी, जबकि अभी इस सफर में 12 से 14 घंटे लग जाते हैं. इससे न केवल यात्रियों का समय बचेगा, बल्कि व्यापारिक गतिविधियों को भी जबरदस्त रफ्तार मिलेगी.

अधिकारियों का कहना है कि परियोजना के लागू होते ही कानपुर के औद्योगिक स्वरूप को बड़ा विस्तार मिलेगा और पूरे क्षेत्र में निवेश आकर्षित होने की संभावना बढ़ जाएगी.

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शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।