यूपी में 45 हजार होमगार्ड भर्ती: बड़ा अपडेट, इन उम्मीदवारों को मिलेगी प्राथमिकता
स्वैच्छिक सेवा से मानदेय वाली भूमिका की ओर
मुख्यमंत्री के अनुसार वर्तमान में आपदा मित्र स्वयंसेवी भूमिका में कार्य कर रहे हैं, लेकिन यदि वे आगे चलकर होमगार्ड के रूप में नियुक्त होते हैं तो उन्हें सरकार की ओर से मानदेय भी मिलेगा. राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण अब तक लगभग 19,000 युवाओं को प्रशिक्षित कर चुका है. युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए स्नातक और परास्नातक छात्रों हेतु 2 वर्षीय आपदा प्रबंधन इंटर्नशिप कार्यक्रम भी शुरू किया जा रहा है.
किसानों को राहत राशि का वितरण
शनिवार को आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को आर्थिक सहायता भी दी गई. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना खरीफ-2025 के अंतर्गत हरदोई के गोकर्ण को 2.11 लाख रुपये, हमीरपुर के मोहन लाल को 1.72 लाख रुपये, एटा की विनीता देवी को 1.17 लाख रुपये, जालौन के शिवम राजावत को 1.03 लाख रुपये तथा कन्नौज की सुशीला सिंह को 88 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति सौंपी गई.
कृषि यंत्रीकरण को मिला प्रोत्साहन
कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाने के लिए भी कई लाभार्थियों को अनुदान वितरित हुआ. एग्रीग्रेटर योजना के अंतर्गत रायबरेली के कुलदीप मौर्य को 32 लाख रुपये मिले. कस्टम हायरिंग सेंटर (सीएचसी) के लिए लखनऊ के दीपचंद्र को 22.33 लाख रुपये और मटरू प्रसाद को चार लाख रुपये प्रदान किए गए. फार्म मशीनरी बैंक (एफएमबी) योजना के अंतर्गत रायबरेली के कृपाशंकर शुक्ल तथा सीतापुर के अखिलेश तिवारी को आठ-आठ लाख रुपये दिए गए.
दुर्घटना प्रभावित परिवारों को सहारा
मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के अंतर्गत रायबरेली की प्रीति, सीतापुर की रागिनी वर्मा, उन्नाव की शगुना तथा लखनऊ की इंदरानी और ऊषा को पांच-पांच लाख रुपये की सहायता राशि दी गई.
यह भी पढ़ें: यूपी के इन जिलों में औद्योगिक विस्तार का बड़ा प्लान, 2500 हेक्टेयर जमीन चिन्हित करने का आदेशआपदा मित्रों को बीमा सुरक्षा
कार्यक्रम में चयनित युवा आपदा मित्रों कौशलेंद्र कुमार सिंह (लखनऊ), महक श्रीवास्तव, हज्र फातिमा, सुखमन कौर और शोभित कुमार चौहान (लखीमपुर खीरी) को पांच-पांच लाख रुपये की जीवन बीमा पॉलिसी सौंपी गई. सरकार ने प्रशिक्षित स्वयंसेवकों को इमरजेंसी रिस्पॉन्डर किट, पहचान पत्र और प्रमाण पत्र भी उपलब्ध कराए हैं. किट में लाइफ जैकेट, सर्च टॉर्च, फर्स्ट-एड बॉक्स, हेलमेट और सुरक्षात्मक चश्मा समेत 15 जरूरी उपकरण शामिल हैं.
राज्य सरकार ने इन युवाओं के लिए 3 वर्ष का जीवन और स्वास्थ्य बीमा कराने का निर्णय लिया है. इसी क्रम में राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने National Insurance Company के साथ समझौता किया है, जिसके अंतर्गत प्रत्येक आपदा मित्र को 3 साल के लिए पांच लाख रुपये का बीमा कवर मिलेगा. अब तक 2,959 युवाओं को उन्नत प्रशिक्षण दिया जा चुका है और बाकी को चरणबद्ध तरीके से जोड़ा जाएगा.
जमीनी स्तर पर तैयार हो रही ‘फर्स्ट रिस्पॉन्डर’ टीम
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा के समय सबसे पहले मौके पर पहुंचने वाले प्रशिक्षित स्वयंसेवक बेहद अहम होते हैं. इसी सोच के अंतर्गत राज्य के 25 जिलों में एनसीसी, एनएसएस, एनवाईकेएस और भारत स्काउट एंड गाइड से जुड़े 29,772 युवाओं को इस पहल से जोड़ा गया है, जिन्हें 7 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण दिया गया.
यह ध्यान देने योग्य है कि सरकार आपदा प्रबंधन को केवल राहत कार्य तक सीमित न रखकर इसे कौशल विकास और रोजगार से जोड़ने की रणनीति पर काम कर रही है. यदि प्रस्तावित होमगार्ड भर्ती में आपदा मित्रों को वरीयता मिलती है, तो प्रदेश की आपदा प्रतिक्रिया क्षमता मजबूत होने के साथ युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते भी खुल सकते हैं.
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शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।