यूपी के इन जिलों में औद्योगिक विस्तार का बड़ा प्लान, 2500 हेक्टेयर जमीन चिन्हित करने का आदेश

यूपी के इन जिलों में औद्योगिक विस्तार का बड़ा प्लान, 2500 हेक्टेयर जमीन चिन्हित करने का आदेश
यूपी के इन जिलों में औद्योगिक विस्तार का बड़ा प्लान, 2500 हेक्टेयर जमीन चिन्हित करने का आदेश

उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई गति देने के उद्देश्य से यूपीडा ने औद्योगिक गलियारा (आईएमएलसी) परियोजना के विस्तार की प्रक्रिया तेज कर दी है. इसके अंतर्गत 11 जिलों में अतिरिक्त 25 हजार हेक्टेयर भूमि चिन्हित करने के निर्देश जारी किए गए हैं. सभी जिलों से 1 हफ्ते के भीतर प्रारंभिक प्रस्ताव उपलब्ध कराने को कहा गया है, जिससे आगे की कार्रवाई समयबद्ध ढंग से आगे बढ़ सके.

समीक्षा बैठक में प्रगति का लिया गया जायजा

हाल ही में हुई समीक्षा बैठक में यूपीडा के एसीईओ शशांक चौधरी ने परियोजना की स्थिति पर विस्तृत चर्चा की. बैठक में पुराने नोड्स पर चल रहे भूमि क्रय और अधिग्रहण की प्रगति की समीक्षा की गई, साथ ही नए जिलों से मांगे गए प्रस्तावों की स्थिति भी देखी गई. अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि एक्सप्रेसवे और लिंक एक्सप्रेसवे के किनारे उपलब्ध भूमि का प्राथमिकता के आधार पर चिन्हांकन किया जाए.

पहले चरण में 85% भूमि का काम पूरा

परियोजना के शुरुआती चरण में पांच हजार हेक्टेयर से अधिक भूमि चिन्हित की गई थी. अधिकारियों के अनुसार इसमें से करीब 85% भूमि का क्रय कार्य पूरा हो चुका है. अब नए लक्ष्य के अनुरूप जिलों के नोडल एडीएम को मौके पर जाकर सर्वे कराने और शीघ्र प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे यूपीडा की टीम द्वारा परीक्षण कर आगे की प्रक्रिया शुरू की जा सके.

CM Yogi ने 2.51 लाख किसानों को दी बड़ी राहत, किसानों के खाते में  पहुंचे 460 करोड़ रुपए यह भी पढ़ें: CM Yogi ने 2.51 लाख किसानों को दी बड़ी राहत, किसानों के खाते में पहुंचे 460 करोड़ रुपए

इन जिलों को सूची में किया गया शामिल

आईएमएलसी के विस्तार के लिए जिन नए जिलों को प्राथमिक सूची में रखा गया है, उनमें मैनपुरी, फर्रुखाबाद, बुलंदशहर, जौनपुर, भदोही, वाराणसी, मिर्जापुर, सोनभद्र, चंदौली, मुजफ्फरनगर और लखनऊ शामिल हैं. इसके अतिरिक्त निवेश में बाकी जिलों में शामली, बिजनौर, बरेली, सीतापुर, रामपुर, कासगंज, सहारनपुर, बागपत और हाथरस को भी महत्व दिया गया है.

यूपी को मिली देश की सबसे तेज ट्रेन, मिलेंगी ये सुविधाएं यह भी पढ़ें: यूपी को मिली देश की सबसे तेज ट्रेन, मिलेंगी ये सुविधाएं

जाम से राहत दिलाने की उम्मीद

अछल्दा की रेलवे क्रॉसिंग 13-बी पर लंबे समय से जाम की समस्या बनी रहती है. स्थानीय लोग वर्षों से बाईपास ओवरब्रिज की मांग कर रहे थे. बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए सरकार ने करीब 73.5 करोड़ रुपये की लागत से इस परियोजना को मंजूरी दी है. इससे पहले 2 जनवरी को सेतु निगम, पीडब्ल्यूडी, सिंचाई विभाग, रेलवे और बिजली विभाग की संयुक्त टीम ने प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण किया था.

यूपी में इन कर्मचारियों को मिलेगा बोनस, 10 दिन ड्यूटी पर 4500 रुपये यह भी पढ़ें: यूपी में इन कर्मचारियों को मिलेगा बोनस, 10 दिन ड्यूटी पर 4500 रुपये

अधिकारियों का कहना है कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होते ही निर्माण कार्य को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा. ओवरब्रिज बनने के बाद कस्बे को जाम की समस्या से काफी राहत मिलने की उम्मीद है और क्षेत्र में आवागमन अधिक सुगम हो सकेगा.

अछल्दा में बाईपास ओवरब्रिज के लिए प्रक्रिया शुरू

दूसरी तरफ औरैया जिले के अछल्दा कस्बे में प्रस्तावित बाईपास ओवरब्रिज परियोजना पर भी काम आगे बढ़ गया है. शासन की मंजूरी मिलने के बाद सेतु निगम और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू कर दी है. अधिकारियों के अनुसार लगभग 1800 मीटर लंबे ओवरब्रिज के लिए जमीन की नापतौल और सीमा निर्धारण किया जा रहा है.

ओवरब्रिज की चौड़ाई 17 मीटर प्रस्तावित

परियोजना से जुड़े इंजीनियरों के मुताबिक ओवरब्रिज की चौड़ाई लगभग 17 मीटर होगी, जिसमें करीब 51 फुट चौड़ी सड़क विकसित की जाएगी. टीम ने निर्धारित सीमा पर खूटे गाड़कर सर्वे कार्य शुरू कर दिया है. भूमि अधिग्रहण पूरा होने के बाद रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी और उसी आधार पर किसानों को मुआवजा दिया जाएगा.

On

About The Author

Shobhit Pandey Picture

शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।