Basti News: समाजवादियों ने जयन्ती पर संत गाडगे को किया नमन्ः योगदान पर चर्चा
यह सब उन्होंने भीख मांग-मांगकर बनावाया किंतु अपने सारे जीवन में इस महापुरुष ने अपने लिए एक कुटिया तक नहीं बनवाई। उन्होंने धर्मशालाओं के बरामदे या आसपास के किसी वृक्ष के नीचे ही अपनी सारी जिंदगी बिता दी। वे स्वच्छता अभियान के सबसे बड़े नायक हैं। उनके जीवन से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है।
पूर्व विधायक राजमणि पाण्डेय, विधायक राजेन्द्र चौधरी, कविन्द्र चौधरी ‘अतुल’, दयाशंकर मिश्र, जावेद पिण्डारी, मो. स्वालेह, मो0 सलीम, जमील अहमद, गीता भारती, आर.डी. निषाद, हरीश गौतम, पंकज निषाद आदि ने कहा कि संत गाडगे बाबा के जीवन का एकमात्र ध्येय था- लोक सेवा। दीन-दुखियों तथा उपेक्षितों की सेवा को ही वे ईश्वर भक्ति मानते थे। धार्मिक आडंबरों का उन्होंने प्रखर विरोध किया।
उनका विश्वास था कि ईश्वर न तो तीर्थस्थानों में है और न मंदिरों में व न मूर्तियों में। दरिद्र नारायण के रूप में ईश्वर मानव समाज में विद्यमान है। उनके जीवन से हम सबको सेवा और समर्पण के क्षेत्र में प्रेरणा लेनी चाहिये। कहा कि संत गाडगे नशाखोरी, छुआछूत जैसी सामाजिक बुराइयों तथा मजदूरों व किसानों के शोषण के भी वे प्रबल विरोधी थे।
कार्यक्रम के बाद सपा नेताओं ने पानी टंकी के निकट स्थित संतगाडगे की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।
संत गाडगे को नमन् करने वालों में मुख्य रूप से अरविन्द सोनकर, गुलाब सोनकर, राम सिंह यादव, मो. हाशिम, सोनू शर्मा, रमेश गौतम, नितराम चौधरी, चन्दन कन्नौजिया, मन्नू सिंह, राम सुरेश यादव, मोनू यदुवंश, राजेन्द्र यादव, नसीबुल्लाह, रणजीत यादव, मुरलीधर पाण्डेय, ‘रिन्टू’, सुशील यादव, देवताराम यादव, दीनानाथ चौरसिया, युनूस आलम, डब्बू यादव, घनश्याम यादव, मंशाराम कन्नौजिया, राम प्रकाश सुमन, रन ,बहादूुर यादव, मान सिंह यादव, राहुल सिंह, विजय लक्ष्मी, सावित्री देवी, सुशीला गौतम, रोहित सिंह, डा. वीरेन्द्र यादव आदि शामिल रहे। कार्यक्रम के अंत में सपा नेता राम बहाल चौधरी और राम आशीष वर्मा के माता जी के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित किया गया।
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