यूपी के इन 80 गाँव में 5600 रुपये मीटर बिकेगी जमीन, जानें आपके गांव का क्या है स्टेटस?

यूपी के इन 80 गाँव में 5600 रुपये मीटर बिकेगी जमीन, जानें आपके गांव का क्या है स्टेटस?
यूपी के इन 80 गाँव में 5600 रुपये मीटर बिकेगी जमीन, जानें आपके गांव का क्या है स्टेटस?

उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में स्थित ग्रेटर नोएडा के आसपास तेजी से बदलते विकास परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश में न्यू नोएडा सिटी बसाने की योजना ने रफ्तार पकड़ ली है. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के नजदीक होने की वजह से इस क्षेत्र में लगातार व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ रही हैं. प्रस्तावित फिल्म सिटी, जेवर एयरपोर्ट और नए उद्योगों की संभावनाओं ने इस इलाके को निवेश के बड़े केंद्र के रूप में उभारा है. इसी बढ़ती मांग और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन अब न्यू नोएडा को योजनाबद्ध तरीके से विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. मंजूरी मिलते ही जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज होने की संभावना है.

तेजी से बढ़ रही आबादी बना वजह

अधिकारियों के मुताबिक दादरी-नोएडा-गाजियाबाद विशेष निवेश क्षेत्र (न्यू नोएडा) बसाने का फैसला इलाके में तेजी से बढ़ती आबादी और शहरी विस्तार को देखते हुए लिया गया है. लगातार हो रहे कॉमर्शियल प्रोजेक्ट्स और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के कारण आने वाले वर्षों में यहां जनसंख्या दबाव और बढ़ने की उम्मीद है. ऐसे में एक नए नियोजित शहर की जरूरत महसूस की गई.

जमीन खरीद-बिक्री पर नजर

प्राधिकरण के स्तर पर जमीन की दर तय करने के साथ-साथ क्षेत्र में तेजी से हो रही खरीद-बिक्री को नियंत्रित करने की तैयारी भी चल रही है. अधिकारियों का कहना है कि अनियंत्रित रजिस्ट्री से भविष्य में दिक्कतें आ सकती हैं, इसलिए नई व्यवस्था लागू करने का मसौदा तैयार किया गया है. इस पूरे मामले पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है.

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कैबिनेट मंजूरी के बाद बदला माहौल

न्यू नोएडा के मास्टर प्लान को कैबिनेट से हरी झंडी मिलने के बाद प्रभावित गांवों में जमीन के सौदों में अचानक तेजी देखी गई है. पहले रजिस्ट्री रोकने पर विचार था, परंतु सरकार और प्रशासन ने वर्तमान में अलग व्यवस्था बनाने का संकेत दिया है. प्रस्ताव के मुताबिक, कोई किसान यदि अपनी जमीन बेचना चाहता है तो उसे प्राधिकरण में आवेदन देना होगा. तय समय सीमा में अथॉरिटी उस जमीन को निर्धारित दर पर खरीदने का फैसला करेगी.

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समय सीमा में फैसला नहीं तो किसान को छूट

नई व्यवस्था के अंतर्गत यदि 2 महीने या तय अवधि के भीतर प्राधिकरण जमीन नहीं खरीदता है, तो संबंधित किसान को अन्य खरीदार को जमीन बेचने की अनुमति मिल सकती है. वहीं यदि अथॉरिटी जमीन लेने से इनकार करती है तो उसे कारण भी बताना होगा. योजना है कि चरणबद्ध तरीके से किसानों से समझौता कर जमीन ली जाए और विकास कार्य शुरू किया जाए.

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सीएम ने मांगी पूरी रिपोर्ट

जमीन खरीद और रजिस्ट्री नियंत्रण से जुड़ा प्रस्ताव नोएडा अथॉरिटी ने तैयार कर लिया है. अथॉरिटी के सीईओ कृष्णा करुणेश ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इसकी जानकारी दी है. मुख्यमंत्री ने पूरे मामले में तथ्यात्मक और विस्तृत रिपोर्ट तलब की है. यह ध्यान देने योग्य है कि 18 अक्टूबर 2024 को राज्य कैबिनेट ने न्यू नोएडा मास्टर प्लान 2041 को स्वीकृति दी थी, जिसके पश्चात से इस परियोजना को लेकर गतिविधियां बढ़ गई हैं.

क्षेत्र में खुल सकता है प्रोजेक्ट ऑफिस

योजना को जमीन पर उतारने के लिए संबंधित इलाके में अथॉरिटी का कार्यालय खोलने की तैयारी भी चल रही है. अधिकारियों के अनुसार सिकंदराबाद औद्योगिक क्षेत्र के पास जोखाबाद और सांवली गांव में कार्यालय स्थापित किया जा सकता है. इसके लिए 10 हजार वर्ग मीटर जमीन चिन्हित की जा रही है. मास्टर प्लान में न्यू नोएडा को 4 चरणों में निर्मित करने का प्रस्ताव है, लेकिन जरूरत के अनुसार इसमें बदलाव संभव बताया जा रहा है. 

न्यू नोएडा सिटी बसाने के लिए दादरी और बुलंदशहर के करीब 80 गांवों की जमीन सीधे किसानों से खरीदने की तैयारी चल रही है और 5600 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर प्रस्तावित की गई है. सरकार से अंतिम मंजूरी मिलते ही जमीन अधिग्रहण और विकास प्रक्रिया शुरू हो सकती है. साथ ही भविष्य में क्षेत्र का दायरा बढ़ाकर बागपत और खेकड़ा तहसील के कुछ गांवों को भी शामिल करने पर विचार जारी है, जिससे परियोजना का विस्तार और बड़ा हो सकता है.

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शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।