यूपी में भूमि रजिस्ट्री को लेकर अपडेट, मिलेगी छूट
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को स्टांप एवं निबंधन विभाग की गहन समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को स्पष्ट आदेश दिए कि इस योजना को व्यापक स्तर पर लागू करने की दिशा में कार्य किया जाए. उनका कहना था कि यह कदम न सिर्फ महिलाओं की भागीदारी को सुनिश्चित करेगा बल्कि समाज में उनके अधिकारों का भी प्रतीक बनेगा. बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने सर्किल रेट निर्धारण प्रक्रिया में पारदर्शिता और समानता सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया. उन्होंने कहा कि समान परिस्थितियों वाले क्षेत्रों में सर्किल रेट में कोई बड़ा अंतर नहीं होना चाहिए. इसके लिए क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति, विकास की गति, शहरीकरण और आधारभूत ढांचे की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए दरें तय की जानी चाहिए.
मुख्यमंत्री ने भूमि से संबंधित विवादों को कम करने के लिए रजिस्ट्री से पूर्व दस्तावेजों की गहन जांच और भूमि स्वामित्व की पुष्टि को अनिवार्य बनाने के निर्देश दिए. उनका मानना है कि इससे झूठे दावों और फर्जी दस्तावेजों पर रोक लगेगी तथा लोगों को न्याय मिलने में आसानी होगी. साथ ही, रजिस्ट्री प्रक्रिया को आसान और तकनीकी रूप से उन्नत बनाए जाने पर भी विशेष जोर दिया गया. उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटलीकरण और तकनीक के उपयोग से न केवल कार्य में तेजी आएगी, बल्कि समय की भी बचत होगी. राजस्व संग्रह के आंकड़ों पर नजर डालें तो साल 2016-17 में जहां स्टांप शुल्क से 11 हजार करोड़ रुपये की आय हुई थी, वहीं साल 2024-25 में यह बढ़कर 30 हजार करोड़ रुपये से अधिक हो चुकी है। इस वित्तीय वर्ष में विभाग ने 11.67% की वृद्धि दर्ज की है.
यह भी पढ़ें: SI भर्ती परीक्षा विवाद: लखनऊ में आत्मदाह की कोशिश, पेट्रोल पंप पर दीपक शर्मा ने खुद पर डाला डीजलविभाग द्वारा अब तक 45 जिलों में सर्किल रेट का पुनर्मूल्यांकन किया जा चुका है, जबकि बाकी 30 जिलों में यह प्रक्रिया प्रगति पर है. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रक्रिया पूरी तरह से तार्किक और लाभकारी होनी चाहिए ताकि जनता को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिल सके. प्रदेश के रजिस्ट्री कार्यालयों के हालात सुधारने के लिए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन कार्यालयों के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ किया जाए. उन्होंने यह भी कहा कि इन कार्यालयों में पर्याप्त स्टाफ की तैनाती होनी चाहिए, जिससे कार्य समय पर और प्रभावी ढंग से हो सके. साथ ही, पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी रजिस्ट्री कार्यालयों में सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से सक्रिय रहें.
यह भी पढ़ें: UP में आज 90 हजार जरूरतमंद परिवारों को बड़ी सौगात, CM योगी खातों में भेजेंगे 900 करोड़ रुपयेअब स्टांप का निर्माण ऑनलाइन किया जा रहा है. कृषि बंधक दस्तावेजों की ई-फाइलिंग, संपत्ति के भारमुक्त प्रमाण पत्र, डिजिलॉकर में विवाह पंजीकरण प्रमाणपत्र और निबंधन शुल्क का ई-भुगतान जैसी सेवाएं डिजिटल रूप से उपलब्ध हैं. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि आम जनता से जुड़ी सभी सेवाएं पूरी तरह ऑनलाइन हों, जिससे नागरिकों को सरकारी दफ्तरों में समय व्यर्थ न करना पड़े. इसके अतिरिक्त, एक और बड़ा निर्णय मुख्यमंत्री ने पैतृक संपत्ति के विभाजन को लेकर लिया. उन्होंने निर्देश दिए कि जब संपत्ति परिवार के सदस्यों, जीवित व्यक्ति अथवा तीन पीढ़ियों के भीतर बांटी जाती है, तो उस पर अधिकतम 5000 रुपये का ही स्टांप शुल्क लिया जाएगा. यही सीमा पंजीकरण शुल्क पर भी लागू की जाए. यह निर्णय न केवल आर्थिक रूप से लोगों को राहत देगा, बल्कि इससे परिवारों के मध्य संपत्ति विवादों की संख्या में भी कमी आएगी.
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शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।