UPPCL सिस्टम फेल! भुगतान के बाद भी 5885 घरों की बिजली कटी
Uttar Pradesh News
लखनऊ में पॉवर कॉरपोरेशन के ऑटोमेटिक सिस्टम की गड़बड़ी से अचानक हड़कंप मच गया. ऑटोमेटिक प्रणाली के चलते करीब 5885 प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं की बिजली काट दी गई.
भुगतान के बावजूद घंटों नहीं आई बिजली
सबसे बड़ी समस्या यह रही कि कई उपभोक्ताओं ने पहले ही बिजली का भुगतान कर दिया था, इसके बावजूद उनकी सप्लाई काट दी गई. तकनीकी खराबी के कारण लोगों को घंटों तक बिजली का इंतजार करना पड़ा, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ.
दफ्तरों पर उपभोक्ताओं का हंगामा
बिजली कटौती से नाराज उपभोक्ताओं ने पॉवर कॉरपोरेशन के चारों वर्टिकल कार्यालयों पर पहुंचकर जोरदार विरोध प्रदर्शन और हंगामा किया. लोगों का कहना है कि बिना किसी गलती के उन्हें परेशानी झेलनी पड़ रही है.
पहले भी आ चुकी हैं भारी बिल की शिकायतें
यह कोई पहला मामला नहीं है. इससे पहले भी उत्तर प्रदेश के कई जिलों से ठंड के महीनों में 40-40 हजार रुपये तक के बिजली बिल आने की शिकायतें सामने आ चुकी हैं. इन मामलों को लेकर उपभोक्ताओं ने लगातार सवाल उठाए हैं, लेकिन समस्याएं अभी भी पूरी तरह हल नहीं हो सकी हैं.
क्या कहता है विभाग?
पॉवर कॉरपोरेशन की ओर से इसे तकनीकी खामी बताया जा रहा है. अधिकारियों का कहना है कि समस्या को ठीक कर लिया गया है और भविष्य में ऐसी स्थिति न हो, इसके लिए सिस्टम को अपडेट किया जा रहा है.
UPPCL सिस्टम फेल! भुगतान के बाद भी 5885 घरों की बिजली कटी
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लखनऊ में पॉवर कॉरपोरेशन के ऑटोमेटिक सिस्टम की गड़बड़ी से अचानक हड़कंप मच गया. ऑटोमेटिक प्रणाली के चलते करीब 5885 प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं की बिजली काट दी गई.
भुगतान के बावजूद घंटों नहीं आई बिजली
सबसे बड़ी समस्या यह रही कि कई उपभोक्ताओं ने पहले ही बिजली का भुगतान कर दिया था, इसके बावजूद उनकी सप्लाई काट दी गई. तकनीकी खराबी के कारण लोगों को घंटों तक बिजली का इंतजार करना पड़ा, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ.
दफ्तरों पर उपभोक्ताओं का हंगामा
बिजली कटौती से नाराज उपभोक्ताओं ने पॉवर कॉरपोरेशन के चारों वर्टिकल कार्यालयों पर पहुंचकर जोरदार विरोध प्रदर्शन और हंगामा किया. लोगों का कहना है कि बिना किसी गलती के उन्हें परेशानी झेलनी पड़ रही है.
पहले भी आ चुकी हैं भारी बिल की शिकायतें
यह कोई पहला मामला नहीं है. इससे पहले भी उत्तर प्रदेश के कई जिलों से ठंड के महीनों में 40-40 हजार रुपये तक के बिजली बिल आने की शिकायतें सामने आ चुकी हैं. इन मामलों को लेकर उपभोक्ताओं ने लगातार सवाल उठाए हैं, लेकिन समस्याएं अभी भी पूरी तरह हल नहीं हो सकी हैं.
क्या कहता है विभाग?
पॉवर कॉरपोरेशन की ओर से इसे तकनीकी खामी बताया जा रहा है. अधिकारियों का कहना है कि समस्या को ठीक कर लिया गया है और भविष्य में ऐसी स्थिति न हो, इसके लिए सिस्टम को अपडेट किया जा रहा है.
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शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।