यूपी के इस जिले में हाइवे को मिली रफ्तार, 4000 किसानों को मिले 195 करोड़; निर्माण तेज
गांवों से गुजरने वाले मार्ग पर फोकस
करीब 38.5 किलोमीटर लंबा यह हाईवे 35 गांवों की सीमा से होकर गुजरेगा. इस परियोजना के लिए हजारों किसानों की जमीन अधिग्रहित की गई है. अधिकारियों के मुताबिक, हाईवे के निर्माण में किसी तरह की देरी न हो, इसके लिए हर स्तर पर निगरानी रखी जा रही है.
किसानों से सीधा संवाद कर रहा प्रशासन
भूमि अधिग्रहण से प्रभावित किसानों के साथ प्रशासन लगातार संपर्क बनाए हुए है. अधिकारी गांव-गांव जाकर समस्याएं सुन रहे हैं और मौके पर ही समाधान करने की कोशिश की जा रही है.
सख्ती के साथ हो रहा भुगतान
पिछले समय में एनएचएआई से जुड़े मुआवजा वितरण में अनियमितताओं के मामलों के बाद प्रशासन अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है. हर भुगतान को जांच-परख के बाद ही किसानों के खातों में भेजा जा रहा है, ताकि किसी तरह की गड़बड़ी दोबारा न हो.
जिलाधिकारी खुद कर रहे निगरानी
जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र इस पूरी प्रक्रिया की नियमित समीक्षा कर रहे हैं. उनके निर्देश पर मुआवजे का भुगतान चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है, जिससे किसी भी किसान को अनावश्यक इंतजार न करना पड़े.
यह भी पढ़ें: यूपी के इस जिले में बनेगी 300 एकड़ की नई इंडस्ट्रियल टाउनशिप, उद्यमियों को मिलेगी फ्री होल्ड जमीनअब तक हजारों किसानों को मिल चुका पैसा
इस हाईवे परियोजना के लिए करीब 6500 किसानों की भूमि ली गई है. इनमें से लगभग 4000 किसानों को अब तक करीब 195 करोड़ रुपये की धनराशि दी जा चुकी है. शेष लगभग 2500 किसानों को भुगतान करने की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है और जल्द ही राशि उनके खातों में पहुंच जाएगी.
अधिकांश गांवों का अवार्ड घोषित
प्रशासन की ओर से 34 गांवों के लिए भूमि अधिग्रहण से जुड़ा अवार्ड भी घोषित कर दिया गया है. इससे संबंधित किसानों को भुगतान का रास्ता साफ हो गया है और कानूनी अड़चनें भी दूर हो गई हैं.
सिटी बाइपास पर भी भारी निवेश
135-ए शाहगंज-जौनपुर हाईवे के साथ-साथ जिले में 28 किलोमीटर लंबे सिटी बाइपास के निर्माण पर भी काम चल रहा है. इस परियोजना में सिर्फ मुआवजे के लिए करीब 386 करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं. इनमें से 95 करोड़ रुपये पहले ही किसानों को वितरित किए जा चुके हैं.
जल्द दिखेगा हाईवे का बदला रूप
प्रशासन का कहना है कि मुआवजे को लेकर जिन किसानों की शिकायतें थीं, उनका समाधान कर लिया गया है. अब निर्माण कार्य में तेजी आएगी और यह महत्वपूर्ण परियोजना जल्द धरातल पर नजर आएगी.
सीआरओ अजय अंबष्ट ने बताया कि जिन किसानों को अब तक मुआवजा नहीं मिला है, उनके खातों में भी शीघ्र धनराशि भेज दी जाएगी. प्रशासन की प्राथमिकता है कि किसी भी किसान को उसका हक पाने में देरी न हो.
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शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।