यूपी के 12 हजार गांवों को बड़ी सौगात! बस सेवा से लेकर डेयरी प्लांट और नई योजनाओं पर आज कैबिनेट का फैसला
बस सेवा, डेयरी प्लांट और विकास योजनाओं पर चर्चा
प्रदेश में अभी भी बड़ी संख्या में ऐसे गांव हैं जहां Uttar Pradesh State Road Transport Corporation (UPSRTC) की बस सेवा नहीं पहुंचती. उत्तर प्रदेश में लगभग 1 लाख गांव हैं, जिनमें से करीब 12 हजार से अधिक गांवों में बसों का संचालन नहीं होता. ऐसे में गांव के लोगों को शहर जाने के लिए ऑटो, टेंपो या अन्य निजी साधनों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे समय और पैसे दोनों की परेशानी होती है.
सरकार इस समस्या को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना लागू करने की तैयारी कर रही है. इस योजना के तहत UPSRTC के साथ-साथ निजी वाहनों का संचालन भी गांवों तक शुरू कराया जाएगा. इसके लिए निजी ऑपरेटरों को परमिट में छूट या विशेष रियायत देने का प्रस्ताव भी कैबिनेट में आ सकता है.
यह भी पढ़ें: UP Politics:अखिलेश यादव बोले- BJP किसी की सगी नहीं, पहले मुस्लिमों से कागज ढुंढवाए, अब हिन्दुओं से…योजना के तहत बसें सुबह करीब 6 बजे गांव से चलकर आसपास के 10 से 20 गांवों से होते हुए जिला मुख्यालय तक पहुंचेंगी. वहीं जिला मुख्यालय से शाम करीब 4 बजे बस वापस रवाना होगी और रात करीब 9 बजे तक उसी गांव में पहुंचेगी जहां से यात्रा शुरू हुई थी. इससे गांव के छात्रों, महिलाओं, मरीजों और किसानों को शहर आने-जाने में काफी सहूलियत मिलेगी.
इन प्रस्तावों पर भी हो सकती है चर्चा
कैबिनेट बैठक में ग्रामीण परिवहन के अलावा कई अन्य महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी रखे जा सकते हैं. इनमें राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों पर लगाए गए अतिरिक्त टैक्स को कम करने, मोटरयान नियमावली में संशोधन, और आवासों के बकाया टैक्स के लिए एकमुश्त समाधान योजना 2026 लागू करने जैसे प्रस्ताव शामिल हैं.
इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत किफायती आवास और किराये के मकान की नीति को भी मंजूरी मिल सकती है.
कई शहरों में विकास परियोजनाओं को मिलेगी रफ्तार
कैबिनेट में बरेली, वाराणसी, उरई, चित्रकूट, बांदा, प्रतापगढ़, गाजीपुर और मऊ जैसे शहरों में शहरी विस्तार और नए शहर प्रोत्साहन योजना के तहत धनराशि जारी करने का प्रस्ताव भी रखा जा सकता है.
वहीं कानपुर में ट्रांसगंगा सिटी को शहर से जोड़ने के लिए गंगा नदी पर 4 लेन का पुल और संपर्क मार्ग बनाने की योजना पर भी चर्चा संभव है.
डेयरी प्लांट और औद्योगिक निवेश को बढ़ावा
बुंदेलखंड पैकेज के तहत बांदा जिले में 20 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता का डेयरी प्लांट स्थापित करने का प्रस्ताव है. वहीं झांसी में पहले से स्थापित 10 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले डेयरी प्लांट को बढ़ाकर 30 हजार लीटर प्रतिदिन करने की योजना पर भी फैसला हो सकता है.
इसके अलावा मेरठ में एक्सप्रेस-वे के पास इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स क्लस्टर स्थापित करने की योजना को भी मंजूरी मिलने की संभावना है. निवेश प्रोत्साहन नीति 2023 और त्वरित निवेश प्रोत्साहन नीति 2020 के तहत निवेशकों को सब्सिडी देने के प्रस्ताव भी कैबिनेट के सामने रखे जा सकते हैं.
PAC को मिल सकती हैं 46 नई गाड़ियां
कैबिनेट में PAC के लिए 46 नए वाहनों की खरीद को भी मंजूरी दी जा सकती है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा. इसके साथ ही सरकारी कर्मचारियों की आचरण नियमावली, उपभोक्ता संरक्षण परिषद की नियमावली, और टेक्सटाइल एवं गारमेंटिंग पॉलिसी 2022 में संशोधन जैसे प्रस्तावों पर भी चर्चा संभव है.
अगर इन प्रस्तावों को मंजूरी मिलती है तो प्रदेश में ग्रामीण परिवहन, औद्योगिक विकास और शहरी बुनियादी ढांचे को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है. खासकर गांवों तक बस सेवा पहुंचने से लाखों ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी आसान हो सकती है.
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विकास कुमार पिछले 20 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। उत्तर प्रदेश की राजनीति पर इनकी मजबूत पकड़ है, विधानसभा, प्रशासन और स्थानीय निकायों की गतिविधियों पर ये वर्षों से लगातार रिपोर्टिंग कर रहे हैं। विकास कुमार लंबे समय से भारतीय बस्ती से जुड़े हुए हैं और अपनी जमीनी समझ व राजनीतिक विश्लेषण के लिए पहचाने जाते हैं। राज्य की राजनीति पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक भरोसेमंद पत्रकार की पहचान देती है