यूपी में इस रेलवे स्टेशन के काम में तेजी, टूटेंगी यह बिल्डिंग
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक जैसे ही यूनियन अपने कार्यालय नए भवन में ले जाएंगी, पुराने भवनों को गिराने का काम शुरू कर दिया जाएगा. इन भवनों के हटने के बाद स्टेशन परिसर में पर्याप्त जगह मिल जाएगी और निर्माण कार्य भी तेजी से आगे बढ़ सकेगा.
नए भवन की मांग पर अड़ी थीं यूनियन
काफी समय से नार्दन रेलवे मेस यूनियन और उत्तरीय रेलवे मजदूर यूनियन के पुराने भवन स्टेशन परिसर में बने हुए थे. यूनियन पदाधिकारी इन भवनों को तब तक खाली करने को तैयार नहीं थे, जब तक उन्हें नया कार्यालय नहीं मिल जाता. मजदूर यूनियन के शाखा मंत्री पंकज दुबे और नार्दन रेलवे मेस यूनियन के पूर्व शाखा मंत्री एस.सी. द्विवेदी इसी मांग पर अड़े हुए थे.
इस वजह से नए स्टेशन भवन के निर्माण का काम भी प्रभावित हो रहा था. रेलवे प्रशासन और यूनियन के बीच कई बार बातचीत भी हुई.
डीआरएम ने भी की थी बातचीत
1 महीने पहले मंडल रेल प्रबंधक सुनील कुमार वर्मा सुलतानपुर आए थे. उस दौरान उन्होंने यूनियन पदाधिकारियों से मुलाकात कर कार्यालय को रेलवे कॉलोनी में शिफ्ट करने को बोला गया था, लेकिन उस समय बात नहीं बन सकी.
अब यूनियन पदाधिकारियों ने नया भवन तैयार होने के बाद कार्यालय स्थानांतरित करने का फैसला किया है. शाखा मंत्री पंकज दुबे ने बताया कि 10 तारीख तक कार्यालय को नए भवन में शिफ्ट कर दिया जाएगा.
यात्रियों को मिलेगी राहत
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुराने भवन हटने के बाद स्टेशन परिसर में आवाजाही आसान हो जाएगी. स्थानीय लोगों का कहना है कि अभी स्टेशन के पास रास्ता काफी पतला है. इस कारण अक्सर वाहनों की भीड़ लग जाती है.
ट्रेन आने और जाने के समय स्टेशन के बाहर जाम जैसी स्थिति बन जाती है. ऑटो और ई-रिक्शा की भीड़ से यात्रियों को काफी परेशानी होती है.
जाम की समस्या भी होगी कम
स्टेशन अधीक्षक बी.एस. मीना ने इस विषय पर जानकारी देते हुए बताया कि यूनियन भवन हटने के बाद स्टेशन परिसर में रास्ता खुला हो जाएगा. इससे यात्रियों को आने-जाने में आसानी होगी और वाहनों की आवाजाही भी सुचारु हो सकेगी.
उन्होंने कहा कि अभी स्टेशन के बाहर जाम लगना आम बात है, लेकिन भवन हटने के बाद स्थिति काफी बेहतर हो जाएगी. यात्रियों को भी राहत मिलेगी और स्टेशन परिसर ज्यादा व्यवस्थित नजर आएगा.
सुलतानपुर जंक्शन से हर दिन बड़ी संख्या में लोग सफर करते हैं. यहां से दिल्ली, मुंबई, चंडीगढ़ समेत कई बड़े शहरों के लिए ट्रेनें चलती हैं. प्रति दिन 18 हजार यात्री स्टेशन से गुजरते हैं. ऐसे में स्टेशन परिसर में जगह की कमी लंबे समय से महसूस की जा रही थी.
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शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।