यूपी के इन 12 गाँव में ज़मीन ख़रीद,बिक्री पर रोक
तीन राज्यों को जोड़ने वाला एक्सप्रेसवे
लगभग 519 किलोमीटर लंबा गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल को आपस में जोड़ेगा. यह सड़क न सिर्फ यात्रियों के लिए सुविधा बढ़ाएगी, बल्कि व्यापार, रोज़गार और विकास की नई संभावनाएं भी खोलेगी.
गोरखपुर में 8 किलोमीटर का हिस्सा
इस एक्सप्रेसवे का लगभग 8 किलोमीटर हिस्सा गोरखपुर ज़िले से होकर गुज़रेगा. इसके लिए प्रशासन ने पहले ही सर्वे कराकर सड़क का एलाइनमेंट तय कर लिया है. इस मार्ग में कुल 12 राजस्व गांवों की जमीन शामिल की गई है.
कहां से होगी एक्सप्रेसवे की शुरुआत
गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे की शुरुआत जगदीशपुर जंगल कौड़िया बाईपास के करमहा क्षेत्र से होगी. यहीं से यह तेज़ रफ्तार सड़क आगे बढ़ेगी और कई ज़िलों से होती हुई सिलीगुड़ी तक पहुंचेगी.
जमीनों की खरीद-फरोख्त पर सख्ती
एक्सप्रेसवे निर्माण को देखते हुए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है. गोरखपुर के 12 गांवों में कुल 69.57 हेक्टेयर जमीन पर फिलहाल खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी गई है. इन जमीनों की रजिस्ट्री अब अनुमति मिलने के बाद ही हो सकेगी.
निबंधन कार्यालय को दी गई सूची
जमीन की अवैध रजिस्ट्री न हो, इसके लिए निबंधन कार्यालय को भी अलर्ट कर दिया गया है. यहां 577 गाटा नंबरों की सूची भेजी गई है, जिससे किसी भी तरह का लेन-देन रोका जा सके.
अधिकारियों का सख्त निर्देश
विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी हिमांशु वर्मा ने तहसील सदर के उप निबंधक प्रथम और द्वितीय को पत्र भेजकर साफ निर्देश दिए हैं कि संबंधित गाटा नंबर की जमीनों की रजिस्ट्री नहीं की जाए. उनका कहना है कि भूमि अर्जन की प्रक्रिया पूरी होने तक कोई भी क्रय-विक्रय मान्य नहीं होगा.
किस तरह की जमीनें होंगी शामिल
इस परियोजना में सिर्फ निजी कृषि भूमि ही नहीं, बल्कि सरकारी चकमार्ग, नालियां, रास्ते, नवीन परती भूमि और नदी के कुछ हिस्से भी शामिल किए गए हैं.
पहले अधिग्रहण, फिर निर्माण
प्रशासन पहले थ्री-डी सर्वे के माध्यम से जमीनों का पूरा रिकॉर्ड तैयार करेगा. इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के अंतर्गत जमीन अधिग्रहण होगा. और फिर एक्सप्रेसवे निर्माण का काम शुरू किया जाएगा.
स्टांप विभाग की पुष्टि
एआईजी स्टांप संजय दुबे ने इस विषय पर जानकारी देते हुए बताया कि भूमि अधिग्रहण के लिए राजस्व गांवों के गाटा नंबर और रकबे की पूरी सूची मिल चुकी है. इसी आधार पर रजिस्ट्री पर रोक लगाई गई है, ताकि कोई गड़बड़ी न हो.
इन गांवों की जमीनें होंगी अधिग्रहित
गांव का नाम - भूमि (हेक्टेयर में)
- करमहा तप्पा पतरा - 5.4402
- महराजी तामा पतरा - 7.9063
- अगया तप्पा पतरा - 4.6814
- मटिहनिया सुमाली - 8.4705
- नैयापार खुर्द - 4.3276
- उस्का - 2.2417
- भरपुरवा - 5.4738
- महुअवां खुर्द - 4.01510
- राउतपार तप्पा केवटली - 10.55711
- हेमछापर - 5.01312
- लुहसी - 4.284
मुआवज़े को लेकर प्रशासन का भरोसा
विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी हिमांशु वर्मा ने कहा है कि भूमि अर्जन सरकारी नियमों के अनुसार किया जाएगा और प्रभावित किसानों को उचित मुआवज़ा दिया जाएगा. जब तक प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक जमीन की खरीद-फरोख्त पूरी तरह बंद रहेगी.
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शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।