गोरखपुर से इस रूट के एक्स्प्रेस-वे पर काम शुरू, 100 से ज्यादें गाँव में होगा भूमि अधिग्रहण

गोरखपुर से इस रूट के एक्स्प्रेस-वे पर काम शुरू, 100 से ज्यादें गाँव में होगा भूमि अधिग्रहण
गोरखपुर से इस रूट के एक्स्प्रेस-वे पर काम शुरू, 100 से ज्यादें गाँव में होगा भूमि अधिग्रहण

उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में स्थित बिजनौर जिले में विकास की रफ्तार अब तेज़ हो गई है. पानीपत से गोरखपुर तक निर्मित होने वाले एक्सप्रेसवे को लेकर प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हो गई है. इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत बिजनौर जनपद में भी जमीन अधिग्रहण की तैयारी शुरू कर दी गई है. आने वाले समय में यह एक्सप्रेसवे न सिर्फ लंबी दूरी का सफर आसान करेगा, बल्कि जिले की आर्थिक और सामाजिक तस्वीर भी बदल सकता है.

चार तहसीलों से गुजरेगा एक्सप्रेसवे

प्रदेश में स्थित पानीपत-गोरखपुर एक्सप्रेसवे बिजनौर जिले की 4 प्रमुख तहसीलों से होकर निकलेगा. इनमें बिजनौर, नजीबाबाद, नगीना और धामपुर शामिल हैं. प्रशासन ने एक्सप्रेसवे के तय डिजाइन के अनुसार उन गांवों की पहचान कर ली है, जहां से यह मार्ग गुजरेगा. इसके लिए कुल 131 गांवों की सूची तैयार की गई है, जिनकी भूमि परियोजना के दायरे में आएगी.

55 किलोमीटर लंबा होगा जिले का हिस्सा

जनपद में एक्सप्रेसवे की अनुमानित लंबाई लगभग 55 किलोमीटर बताई जा रही है. इस हिस्से के निर्माण पर लगभग 2,729 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. यह एक्सप्रेसवे मुजफ्फरनगर की ओर से बिजनौर में प्रवेश करेगा और धामपुर तहसील से होते हुए मुरादाबाद की दिशा में आगे बढ़ेगा.

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जमीन अधिग्रहण से पहले पूरी होगी प्रक्रिया

प्रशासन ने साफ किया है कि जमीन अधिग्रहण से पहले सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी. इसके लिए संबंधित विभागों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं. डीएम ने अधिकारियों से कहा है कि अधिग्रहण से पहले रिकॉर्ड अपडेट, सीमांकन और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं को समय पर पूरा किया जाए.

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बैनामे और भूमि उपयोग परिवर्तन पर रोक

एक्सप्रेसवे के लिए चिन्हित गांवों में वर्तमान में जमीन की खरीद-बिक्री और भूमि उपयोग परिवर्तन पर रोक लगा दी गई है. यह रोक तब तक लागू रहेगी, जब तक अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती. इस संबंध में संबंधित तहसीलों के एसडीएम और सब-रजिस्ट्रार को भी पत्र भेजा गया है, जिससे किसी तरह की गड़बड़ी न हो.

प्रशासन का क्या कहना है

जिलाधिकारी जसजीत कौर ने इस विषय पर जानकारी देते हुए बताया कि पानीपत-गोरखपुर एक्सप्रेसवे के लिए आवश्यक भूमि अधिग्रहण से पहले सभी प्रक्रियाओं को पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं. जिन गांवों की जमीन ली जानी है, उनकी सूची तैयार कर संबंधित विभागों को सौंप दी गई है.

किस तहसील में कितने गांव

प्रशासन की ओर से जारी सूची के अनुसार:-

  • बिजनौर तहसील:- 6 गांव
  • नजीबाबाद तहसील:- 50 गांव
  • नगीना तहसील:- 38 गांव
  • धामपुर तहसील:- 37 गांव

इस तरह कुल 131 गांवों की भूमि एक्सप्रेसवे के लिए अधिग्रहण की जद में आएगी. एक्सप्रेसवे परियोजना से जुड़े आगे के फैसले और जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है.

स्थानीय विकास को मिलेगा बड़ा फायदा

इस एक्सप्रेसवे के बन जाने से बिजनौर जिले की कनेक्टिविटी मजबूत होगी. व्यापार, उद्योग और निवेश को बढ़ावा मिलेगा. किसानों को अपनी जमीन का उचित मुआवजा मिलने की उम्मीद है, वहीं युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं.

भारतीय बस्ती
bhartiyabasti.com
29 Jan 2026 By Shobhit Pandey

गोरखपुर से इस रूट के एक्स्प्रेस-वे पर काम शुरू, 100 से ज्यादें गाँव में होगा भूमि अधिग्रहण

उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में स्थित बिजनौर जिले में विकास की रफ्तार अब तेज़ हो गई है. पानीपत से गोरखपुर तक निर्मित होने वाले एक्सप्रेसवे को लेकर प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हो गई है. इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत बिजनौर जनपद में भी जमीन अधिग्रहण की तैयारी शुरू कर दी गई है. आने वाले समय में यह एक्सप्रेसवे न सिर्फ लंबी दूरी का सफर आसान करेगा, बल्कि जिले की आर्थिक और सामाजिक तस्वीर भी बदल सकता है.

चार तहसीलों से गुजरेगा एक्सप्रेसवे

प्रदेश में स्थित पानीपत-गोरखपुर एक्सप्रेसवे बिजनौर जिले की 4 प्रमुख तहसीलों से होकर निकलेगा. इनमें बिजनौर, नजीबाबाद, नगीना और धामपुर शामिल हैं. प्रशासन ने एक्सप्रेसवे के तय डिजाइन के अनुसार उन गांवों की पहचान कर ली है, जहां से यह मार्ग गुजरेगा. इसके लिए कुल 131 गांवों की सूची तैयार की गई है, जिनकी भूमि परियोजना के दायरे में आएगी.

55 किलोमीटर लंबा होगा जिले का हिस्सा

जनपद में एक्सप्रेसवे की अनुमानित लंबाई लगभग 55 किलोमीटर बताई जा रही है. इस हिस्से के निर्माण पर लगभग 2,729 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. यह एक्सप्रेसवे मुजफ्फरनगर की ओर से बिजनौर में प्रवेश करेगा और धामपुर तहसील से होते हुए मुरादाबाद की दिशा में आगे बढ़ेगा.

जमीन अधिग्रहण से पहले पूरी होगी प्रक्रिया

प्रशासन ने साफ किया है कि जमीन अधिग्रहण से पहले सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी. इसके लिए संबंधित विभागों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं. डीएम ने अधिकारियों से कहा है कि अधिग्रहण से पहले रिकॉर्ड अपडेट, सीमांकन और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं को समय पर पूरा किया जाए.

बैनामे और भूमि उपयोग परिवर्तन पर रोक

एक्सप्रेसवे के लिए चिन्हित गांवों में वर्तमान में जमीन की खरीद-बिक्री और भूमि उपयोग परिवर्तन पर रोक लगा दी गई है. यह रोक तब तक लागू रहेगी, जब तक अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती. इस संबंध में संबंधित तहसीलों के एसडीएम और सब-रजिस्ट्रार को भी पत्र भेजा गया है, जिससे किसी तरह की गड़बड़ी न हो.

प्रशासन का क्या कहना है

जिलाधिकारी जसजीत कौर ने इस विषय पर जानकारी देते हुए बताया कि पानीपत-गोरखपुर एक्सप्रेसवे के लिए आवश्यक भूमि अधिग्रहण से पहले सभी प्रक्रियाओं को पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं. जिन गांवों की जमीन ली जानी है, उनकी सूची तैयार कर संबंधित विभागों को सौंप दी गई है.

किस तहसील में कितने गांव

प्रशासन की ओर से जारी सूची के अनुसार:-

  • बिजनौर तहसील:- 6 गांव
  • नजीबाबाद तहसील:- 50 गांव
  • नगीना तहसील:- 38 गांव
  • धामपुर तहसील:- 37 गांव

इस तरह कुल 131 गांवों की भूमि एक्सप्रेसवे के लिए अधिग्रहण की जद में आएगी. एक्सप्रेसवे परियोजना से जुड़े आगे के फैसले और जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है.

स्थानीय विकास को मिलेगा बड़ा फायदा

इस एक्सप्रेसवे के बन जाने से बिजनौर जिले की कनेक्टिविटी मजबूत होगी. व्यापार, उद्योग और निवेश को बढ़ावा मिलेगा. किसानों को अपनी जमीन का उचित मुआवजा मिलने की उम्मीद है, वहीं युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं.

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शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।