यूपी के इस जिले में 12 किमी फोरलेन बाइपास को मिली मंजूरी, जाम से मिलेगी राहत
जौनपुर में बदलेगा ट्रैफिक का नक्शा
जौनपुर शहर में वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है. शहर के भीतर संकरी सड़कों और भीड़भाड़ के कारण रोजाना जाम की समस्या आम हो चुकी है. इसी परेशानी को ध्यान में रखते हुए 12.205 किलोमीटर लंबे फोरलेन बाइपास के निर्माण को मंजूरी दी गई है. यह बाइपास शहर के बाहर से गुजरते हुए भारी वाहनों को डायवर्ट करेगा, जिससे अंदरूनी सड़कों पर दबाव कम होगा.
कहां से कहां तक बनेगा बाइपास
यह फोरलेन बाइपास वाराणसी-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर बसारतपुर के आगे से शुरू होकर पूर्वांचल विश्वविद्यालय, सिद्धीकपुर के पास जाकर समाप्त होगा. रास्ते में पैदल यात्रियों और छोटे वाहनों की सुविधा के लिए 2 बड़े और 3 छोटे अंडरपास बनाए जाएंगे, जिससे स्थानीय लोगों को सड़क पार करने में दिक्कत न हो.
गोमती नदी पर बनेगा नया पुल
इस परियोजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा गोमती नदी पर बनने वाला करीब 200 मीटर लंबा पुल है. यह पुल दोनों किनारों को मजबूत तरीके से जोड़ेगा. इसके निर्मित हो जाने से आवागमन आसान होगा, साथ ही व्यापार और स्थानीय गतिविधियों को भी गति मिलेगी.
सर्विस रोड और इंटरचेंज की भी योजना
बाइपास के साथ-साथ 8.76 किलोमीटर लंबी सर्विस रोड और करीब 7.2 किलोमीटर स्लिप रोड का निर्माण किया जाएगा. यातायात को और सुचारू बनाने के लिए फ्लाईओवर और एक बड़ा इंटरचेंज भी प्रस्तावित है, जिससे अलग-अलग दिशाओं में जाने वाले वाहनों को रुकना न पड़े.
यह भी पढ़ें: पर्यटन से व्यापार तक बढ़ेगा विकास, यूपी का यह रूट होगा सिक्स लेन, 27 हजार करोड़ की मंजूरी मिलीव्यापार और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
बेहतर कनेक्टिविटी के कारण जौनपुर के व्यापारी अपना सामान वाराणसी, लखनऊ और आजमगढ़ जैसे बड़े बाजारों तक आसानी से पहुंचा सकेंगे. निर्माण कार्य के दौरान और भविष्य में सड़क किनारे विकसित होने वाली व्यावसायिक गतिविधियों से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे.
आजमगढ़ को भी जाम से मिलेगी राहत
पूर्वांचल के प्रमुख व्यापारिक केंद्र आजमगढ़ में भी ट्रैफिक की समस्या लंबे समय से बनी हुई है. इसे ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने करीब 1279.13 करोड़ रुपये की लागत से 15 किलोमीटर लंबे फोरलेन बाइपास को मंजूरी दी है. यह बाइपास आजमगढ़ को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से सीधे जोड़ेगा.
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा बाइपास
रेलवे फाटक के कारण लगने वाले जाम से निजात दिलाने के लिए एक आरओबी बनाया जाएगा. इसके अलावा एक बड़ा फ्लाईओवर और 2 आधुनिक इंटरचेंज तैयार किए जाएंगे. ग्रामीण इलाकों और छोटे वाहनों की सुरक्षा के लिए दो बड़े अंडरपास और 8 लाइट व्हीकल अंडरपास भी प्रस्तावित हैं. इनके पूरा होने के बाद सफर तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक होगा. साथ ही व्यापार, उद्योग और रोजगार को नई दिशा मिलेगी, जिससे पूरे क्षेत्र की आर्थिक स्थिति मजबूत होने की उम्मीद है.
रूट और कनेक्टिविटी
यह बाइपास एनएच-28 से जुड़ते हुए शहर से करीब 5 किलोमीटर पहले रानी की सराय से शुरू होगा और पूर्वी टेंपल क्षेत्र के पास, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के नजदीक जाकर समाप्त होगा. इससे शहर के भीतर ट्रैफिक का दबाव कम होगा और लंबी दूरी के वाहन बाहर से ही निकल जाएंगे.
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शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।