यूपी के इस जिले में बना नया पुल, शहर की रफ्तार को मिलेगा नया मार्ग
उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में स्थित बाराबंकी जिले के यातायात को मजबूत और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है. जमुरिया नदी पर आधुनिक तकनीक से तैयार किया गया नया बॉक्स कल्वर्ट ब्रिज अब वाहनों के लिए खोल दिया गया है. शनिवार रात से शुरू हुए ट्रायल के बाद इस पुल पर आवाजाही शुरू हो गई है और लोग राहत महसूस कर रहे हैं.
फोर लेन परियोजना का अहम हिस्सा बना नया सेतु
यह नया पुल नगर के भीतर प्रस्तावित फोर लेन सड़क परियोजना का हिस्सा है. इसके चालू होने से शहर के अंदर से गुजरने वाले वाहनों को सीधा और सुगम मार्ग मिलेगा. पुल को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह भारी ट्रकों और बड़े वाहनों का दबाव भी आसानी से झेल सके.
हाईवे से पीडब्ल्यूडी तक का सफर
नगर पालिका परिषद नवाबगंज के बीच से गुजरने वाला सफेदाबाद से चौपुला तक करीब 16 किलोमीटर लंबा मार्ग पहले लखनऊ-गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग का हिस्सा था. लखनऊ-अयोध्या हाईवे बनने के बाद इस सड़क को राष्ट्रीय राजमार्ग से अलग कर दिया गया और अब इसका रखरखाव लोक निर्माण विभाग के जिम्मे है.
पुराने पुल की जगह नई तकनीक का निर्माण
असैनी से रामनगर तिराहा तक करीब 12 किलोमीटर लंबे हिस्से को फोर लेन में बदला जाना है. इसी मार्ग में जमुरिया नदी पड़ती है. यहां अंग्रेजों के समय बने पुराने पुल को हटाकर अब नई पीढ़ी का बॉक्स कल्वर्ट ब्रिज तैयार किया गया है. इस पुल की बनावट पारंपरिक पुलों से अलग और ज्यादा मजबूत है.
दोहरी छत और मजबूत दीवारों पर टिका ढांचा
नए पुल में ऊपर और नीचे दो अलग-अलग छतें बनाई गई हैं. ऊपर की छत मोटी और मजबूत दीवारों पर टिकी हुई है. पानी की निकासी के लिए 10-10 मीटर की दूरी पर 3 बड़े होल दिए गए हैं. करीब 30 मीटर लंबे इस पुल को चार मोटी दीवारों का सहारा दिया गया है, जिससे इसकी मजबूती कई गुना बढ़ जाती है.
ट्रायल के लिए खोला गया, जल्द मिलेगा लाभ
लोक निर्माण विभाग ने वर्तमान पुल को ट्रायल के तौर पर यातायात के लिए खोल दिया है. आने वाले दिनों में फोर लेन सड़क का काम पूरा होते ही इसका पूरा लाभ लोगों को मिलेगा. लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता राजीव कुमार राय के अनुसार, यह पुल आधुनिक तकनीक का उदाहरण है और भविष्य में यातायात को बड़ी राहत देगा.
सौ साल से ज्यादा उम्र और भारी लागत
इंजीनियरों के मुताबिक इस पुल की अनुमानित उम्र 100 वर्ष से भी अधिक है. नई तकनीक और मजबूत सामग्री के कारण यह लंबे समय तक सुरक्षित रहेगा. जमुरिया नदी पर बने इस सेतु पर करीब 250 करोड़ रुपये की लागत आई है, जो इसे जिले के सबसे मजबूत पुलों में शामिल करती है.
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शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।