यूपी में जामा मस्जिद परिसर के 42 दुकानों में लगा ताला, नहीं जमा किया हाउस टैक्स

यूपी में जामा मस्जिद परिसर के 42 दुकानों में लगा ताला, नहीं जमा किया हाउस टैक्स
यूपी में जामा मस्जिद परिसर के 42 दुकानों में लगा ताला, नहीं जमा किया हाउस टैक्स

उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में स्थित झांसी जिले के नगर निगम ने हाउस टैक्स की वसूली को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए बकायेदारों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है. इसी क्रम में शनिवार को नगरा स्थित जामा मस्जिद परिसर की 42 दुकानों को सील कर दिया गया. यह कार्रवाई तब हुई जब मस्जिद कमेटी द्वारा दुकानदारों से नियमित किराया लेने के बाद भी साल 2018 से नगर निगम को हाउस टैक्स जमा नहीं किया गया था.

नगर निगम की टीम के मौके पर पहुंचते ही इलाके में हलचल मच गई. कई दुकानदार अपनी दुकानें खुलवाने के लिए इधर-उधर भागदौड़ करते नजर आए. निगम अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और बकाया रखने वालों पर इसी तरह कार्रवाई होगी.

नोटिस के बाद भी नहीं हुआ भुगतान

नगर आयुक्त आकांक्षा राणा के आदेश पर मुख्य कर निर्धारण अधिकारी अवधेश कुमार अपनी टीम के साथ प्रेमनगर थाना क्षेत्र पहुंचे. जांच में सामने आया कि जामा मस्जिद परिसर की लगभग 40 दुकानों से हर महीने नियमित किराया वसूला जा रहा था, लेकिन टैक्स जमा नहीं किया गया.

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नगर निगम द्वारा काफी बार नोटिस भेजकर बकाया जमा करने को कहा गया था. इसके बाद भी कोई भुगतान नहीं हुआ. मजबूर होकर निगम टीम ने सीलिंग की कार्रवाई शुरू की. अधिकारियों ने साफ किया कि नियमों का पालन सभी पर समान रूप से लागू होता है.

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दुकानदारों ने जताया विरोध

कार्रवाई के दौरान दुकानदारों में नाराजगी देखने को मिली. उनका कहना था कि वे समय से मस्जिद कमेटी को किराया देते रहे हैं, इसलिए उनके खिलाफ कार्रवाई करना गलत है.

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दुकानदारों ने मौके पर कमेटी के जिम्मेदारों को बुलाने की कोशिश की, लेकिन कोई सदस्य वहां नहीं पहुंचा. इससे व्यापारियों की परेशानी और बढ़ गई.

2018 से लंबित था टैक्स

मुख्य कर निर्धारण अधिकारी अवधेश कुमार के अनुसार साल 2018 से जामा मस्जिद की दुकानों पर करीब 4.5 लाख रुपये हाउस टैक्स बकाया था. कई बार नोटिस देने के बाद भी भुगतान नहीं हुआ, इसलिए नियमानुसार दुकानों को सील किया गया. अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि जैसे ही पूरा बकाया जमा होगा, दुकानों की सील खोल दी जाएगी.

दुकानदारों ने खुद भरा बकाया

स्थिति तब और गंभीर हो गई जब दुकानदारों ने आरोप लगाया कि उनसे हर महीने किराया लिया गया, लेकिन टैक्स जमा नहीं किया गया. कमेटी का कोई प्रतिनिधि सामने न आने पर व्यापारियों ने मजबूरी में अपनी जेब से बकाया राशि जमा कर दुकानों की सील खुलवाई.

इस घटना के बाद दुकानदारों में कमेटी के खिलाफ नाराजगी खुलकर सामने आ गई. कई व्यापारियों ने कमेटी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए.

वक्फ बोर्ड तक जाएगी शिकायत

पीड़ित दुकानदारों का कहना है कि दुकानों से वसूले गए किराए का हिसाब सार्वजनिक किया जाना चाहिए. उनका आरोप है कि कमेटी ने पारदर्शिता नहीं बरती. व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि वे इस मामले की शिकायत वक्फ बोर्ड तक ले जाएंगे और कमेटी को भंग करने की मांग करेंगे. मौके पर बढ़ते तनाव को ध्यान में रखते हुए पुलिस बल भी तैनात किया गया.

हंसारी जोन में भी बड़ी कार्रवाई

इधर, नगर आयुक्त आकांक्षा राणा के आदेश पर जोन-2 हंसारी में भी बड़े बकायेदारों के खिलाफ अभियान चलाया गया. इस्लामगंज स्थित मस्जिद मार्केट पर 3,66,598 रुपये गृहकर बकाया था.

नगर निगम की टीम जब सीलिंग की कार्रवाई के लिए पहुंची तो क्षेत्र में हड़कंप मच गया. कार्रवाई के दौरान ही कमेटी के मैनेजर ने बकाया राशि जमा कर दी, जिसके बाद सीलिंग रोक दी गई.

अन्य बकायेदारों पर भी दबाव

नगर निगम की सख्ती का असर अन्य क्षेत्रों में भी देखने को मिला. वार्ड नंबर 10 के महावीरन मोहल्ले में स्थित भवन संख्या 1920 को पहले बकाया के चलते सीज किया गया था. बाद में विवाहघर श्रीजी वाटिका के संचालकों ने 5,64,876 रुपये जमा कर दिए, जिसके बाद सील खोल दी गई.

नगर निगम ने साफ संकेत दे दिए हैं कि हाउस टैक्स बकाया रखने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा. अधिकारियों का कहना है कि नोटिस के बाद भी भुगतान न करने वालों पर सीधे सीलिंग और जब्ती जैसी कार्रवाई की जाएगी, इसलिए सभी बकायेदार समय रहते अपना टैक्स जमा कर दें.

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शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।