यूपी का डबल डेवलपमेंट मॉडल: घर भी, रोजगार भी

यूपी का डबल डेवलपमेंट मॉडल: घर भी, रोजगार भी
यूपी का डबल डेवलपमेंट मॉडल: घर भी, रोजगार भी

उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में शहरीकरण तेज रफ्तार से बढ़ रहा है. शहर बड़े हो रहे हैं, आबादी बढ़ रही है और लोगों की जरूरतें भी बदल रही हैं. इसी परिवर्तन को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने अब विकास की ऐसी रणनीति पर काम शुरू किया है, जिसमें आवास, रोजगार और हाई-टेक उद्योग तीनों को साथ लेकर चला जा रहा है.

सरकार की ताज़ा पहल इसी सोच को पर निर्भर है, जहां एक तरफ नई टाउनशिप बसाने की तैयारी है, तो दूसरी तरफ सेमीकंडक्टर जैसे उन्नत उद्योग को भी प्रदेश में लाने की कोशिश तेज हो गई है.

अनियोजित शहरों की चुनौती

पिछले कुछ वर्षों में यूपी के कई शहरों के आसपास बिना योजना के कॉलोनियां तेजी से बसी हैं. गांवों की जमीन पर अवैध प्लॉटिंग और अधूरी सुविधाओं वाली कॉलोनियां शहरी व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही हैं.

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यही वजह है कि सरकार अब नियंत्रित और योजनाबद्ध शहरी विस्तार पर जोर दे रही है. माना जा रहा है कि अगर समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले वर्षों में बुनियादी सुविधाओं पर दबाव और बढ़ सकता है.

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114 टाउनशिप: सिर्फ मकान नहीं, पूरा इकोसिस्टम

इसी भूमि में राज्य में 114 नई टाउनशिप बसाने की योजना तैयार हुई है. शुरुआत में लक्ष्य 100 टाउनशिप का था, लेकिन विकास प्राधिकरणों से मिले प्रस्तावों के आधार पर संख्या बढ़ा दी गई.

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इन टाउनशिप को केवल आवासीय परियोजना नहीं, बल्कि आधुनिक शहरी इकोसिस्टम के रूप में विकसित करने की बात कही जा रही है. भूमिगत बिजली लाइन, पार्क, हरित क्षेत्र और पाथवे जैसी सुविधाएं इसे पारंपरिक कॉलोनियों से अलग बनाएंगी.

ग्रामीण मोर्चे पर भी बड़ा निवेश

जहां शहरों में आवास पर फोकस है, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों के लिए भी सरकार ने बड़ा बजट निर्धारित किया है. विकसित भारत रोजगार गारंटी और आजीविका मिशन (वीबी-जी राम जी) को ग्रामीण विकास विभाग के कुल बजट का लगभग 40% हिस्सा मिला है.

करीब 95,692 करोड़ रुपये का प्रावधान इस बात का संकेत है कि सरकार गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ाकर पलायन रोकने की दिशा में भी काम करना चाहती है.

सेमीकंडक्टर प्लांट: भविष्य की अर्थव्यवस्था पर नजर

सबसे दिलचस्प पहल प्रदेश को सेमीकंडक्टर निर्माण के नक्शे पर लाने की है. गौतमबुद्धनगर के चीडा क्षेत्र में प्रस्तावित इंडिया चिप प्राइवेट लिमिटेड का प्लांट इसी दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है.

यह परियोजना एचसीएल ग्रुप और फॉक्सकॉन टेक्नोलॉजी ग्रुप के संयुक्त निवेश से स्थापित होगी. 48 एकड़ में बनने वाला यह संयंत्र उत्तर प्रदेश को हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग में नई पहचान दिला सकता है.

सरकार अब बहु-स्तरीय विकास मॉडल पर काम कर रही है. शहरों के लिए नियोजित आवास, गांवों के लिए रोजगार सुरक्षा और उद्योगों के लिए हाई-टेक निवेश तीनों मोर्चों पर समानांतर तैयारी चल रही है. यदि टाउनशिप समय पर विकसित होती हैं और सेमीकंडक्टर प्लांट तय समयसीमा में बनता है, तो उत्तर प्रदेश आने वाले वर्षों में शहरी ढांचे और औद्योगिक निवेश दोनों मामलों में मजबूत स्थिति में दिखाई दे सकता है.

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शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।