बरेली-आगरा-झांसी कॉरिडोर को हरी झंडी, सफर होगा आधा
बड़े एक्सप्रेसवे से सीधा कनेक्शन
इस कॉरिडोर की सबसे खास बात इसका मल्टी-एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी प्लान है. प्रस्ताव के मुताबिक यह मार्ग शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे के साथ-साथ गंगा और यमुना एक्सप्रेसवे से भी सीधे जुड़ जाएगा. इससे माल परिवहन, व्यापार और निजी यात्रा तीनों को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है. क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी इससे नई गति मिल सकती है.
बरेली पहले से हाईवे से जुड़ा, एक्सप्रेसवे की थी कमी
वर्तमान में बरेली, लखनऊ और दिल्ली से नेशनल हाईवे के जरिए सीधे जुड़ा हुआ है. वहीं उत्तराखंड से बेहतर संपर्क के लिए बरेली-पीलीभीत-सितारगंज हाईवे का निर्माण कार्य जारी है, जिसमें बरेली से पीलीभीत तक लगभग आधा काम पूरा हो चुका है.
फिर भी जिले को अब तक किसी बड़े एक्सप्रेसवे का लाभ नहीं मिला था. इसी कमी को दूर करने के लिए शामली-गोरखपुर ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेसवे पर काम आगे बढ़ाया जा रहा है.
नवाबगंज और बहेड़ी से गुजरेगा नया मार्ग
जानकारी के अनुसार यह नया कॉरिडोर जिले की नवाबगंज और बहेड़ी तहसील से होकर निकाला जा रहा है. प्रस्तावित 5वां कॉरिडोर बनने के बाद बरेली में इसका जुड़ाव शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे से होगा, जबकि बदायूं के पास बिनावर क्षेत्र में यह गंगा एक्सप्रेसवे से सीधे जुड़ेगा.
आगे मथुरा में यही मार्ग यमुना एक्सप्रेसवे से मिल जाएगा, जिससे उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों के बीच यात्रा और भी सुगम हो सकती है.
विभागीय स्तर पर अभी स्पष्टता नहीं
लेकिन इस प्रस्ताव को लेकर आधिकारिक स्तर पर कुछ सवाल भी बने हुए हैं. एनएचएएआई के परियोजना निदेशक नवरत्न और पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता अजय कुमार ने इस विषय पर जानकारी देते हुए कहा कि यह प्रस्ताव उनके विभाग की ओर से नहीं भेजा गया है. इससे संकेत मिलता है कि योजना अभी शुरुआती या विचार चरण में हो सकती है.
बजट और अन्य परियोजनाओं की स्थिति
बीते वर्ष जिले में सड़कों और पुलियों के निर्माण के लिए लगभग 2500 करोड़ रुपये के प्रस्ताव भेजे गए थे, लेकिन स्वीकृति के तौर पर केवल 318 करोड़ रुपये ही मिले. इस राशि से नई सड़कों के निर्माण के साथ मरम्मत कार्य भी कराया गया.
इस बार प्रशासन ने करीब 2700 करोड़ रुपये के प्रस्ताव भेजे हैं. इनमें सैटेलाइट से बैरियर टू तक 6 लेन सड़क के लिए 206 करोड़ रुपये की योजना शामिल है.
6 लेन से 8 लेन की तैयारी
यह ध्यान देने योग्य है कि संबंधित मार्ग को अब 6 लेन के बजाय 8 लेन बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. इससे भविष्य में बढ़ने वाले ट्रैफिक दबाव को संभालने में मदद मिल सकती है.
नाथ कॉरिडोर और अन्य योजनाएं
नाथ कॉरिडोर में तपेश्वर नाथ मंदिर को जोड़ने वाले मार्ग के चौड़ीकरण और अंडरपास निर्माण के लिए 54 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा गया है. यह अंडरपास रेलवे यार्ड के पास बनाया जाना प्रस्तावित है.
इसके अतिरिक्त बरेली-बीसलपुर रोड के चौड़ीकरण की लगभग 500 करोड़ रुपये की बड़ी परियोजना भी सूची में शामिल है. विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों से जुड़े प्रस्तावों को भी प्राथमिकता के आधार पर भेजा गया है.
रोजगार के अवसर
विशेषज्ञों का मानना है कि कॉरिडोर बनने से जिन जिलों से यह मार्ग गुजरेगा, वहां उद्योग, लॉजिस्टिक्स और छोटे व्यवसायों को बढ़ावा मिलेगा. इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं और आसपास के कस्बों का तेजी से विकास संभव है. कुछ अधिकारियों ने अभी इस योजना पर आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, इसलिए अंतिम मंजूरी का इंतजार रहेगा.
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शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।