IPL 2025: 8 साल में छोड़ दिया था घर, आज आईपीएल में है चमकता सितारा

मध्य प्रदेश की गलियों से होता हुआ वो खिलाड़ी आज आईपीएल का स्टार बन चुका है। जो 100–200 रुपये के लिए मोहताज था, आज वो करोड़ों में खेल रहा है। मैं बात कर रहा हूं आशुतोष शर्मा की। अनसुनी कहानियों के इस एपिसोड में आपको मैं कहानी सुनाऊंगा आईपीएल के नए युवा स्टार आशुतोष शर्मा की। और यकीन मानिए, इनकी कहानी में वाकई दम है। एक ऐसी कहानी है जो यह बता रही है कि अगर आपके अंदर हिम्मत है, हौसला है, तो आप कुछ भी कर सकते हैं। आपके लिए कुछ भी जिंदगी में नामुमकिन नहीं है।
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आशुतोष ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनके पास खाने तक के लिए पैसे नहीं होते थे और पेट पालने के लिए उन्होंने छोटे-मोटे मैचों में अंपायरिंग की और यहां तक कि उन्होंने लोगों के कपड़े तक धोए। लेकिन पूर्व भारतीय क्रिकेटर अमय खुरसिया ने उनकी जिंदगी बदल दी। खुरसिया ने उनके खेल पर काम किया, जिसके दम पर वो मध्य प्रदेश की टीम तक पहुंच पाए।
फिर आता है साल 2020, जब मध्य प्रदेश की टीम में कोच के तौर पर चंद्रकांत पंडित का आगमन होता है, जिसके बाद आशुतोष शर्मा की स्थिति बदलती चली जाती है। आशुतोष का मध्य प्रदेश के तत्कालीन मुख्य कोच चंद्रकांत पंडित के साथ कथित तौर पर मनमुटाव हो गया था। उस समय आशुतोष को परफॉर्मेंस करने के बावजूद टीम में जगह नहीं मिल रही थी और वह डिप्रेशन में चले गए थे।
आशुतोष ने उस समय को याद करते हुए बताया—एक समय ऐसा भी था जब मुझे क्रिकेट के मैदान पर अनुभव भी नहीं लेने दिया जाता था। मैं जिम जाता था और अपने होटल के कमरे में आराम करता था। मैं डिप्रेशन में डूबता जा रहा था और किसी ने मुझे नहीं बताया कि मेरी गलती क्या थी।
मध्य प्रदेश में एक नया कोच शामिल हुआ था और उसकी पसंद-नापसंद बहुत सख्त थी। ट्रायल मैच में 45 गेंदों में 90 रन बनाने के बावजूद मुझे टीम से बाहर कर दिया गया था। मैंने पिछले सीजन में मुश्ताक अली ट्रॉफी में छह मैचों में 350 रन बनाए थे, फिर भी मुझे मैदान पर जाने की अनुमति नहीं दी गई। मैं बहुत डिप्रेस्ड था।
डिप्रेशन में डूबे आशुतोष की जिंदगी तब बदली जब आशुतोष को रेलवे से नौकरी का ऑफर मिला। इस ऑफर ने उनकी जिंदगी बदल दी। इसका उनके प्रदर्शन पर भी असर पड़ा। 2023 के सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के दौरान आशुतोष ने अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ सिर्फ और सिर्फ 11 गेंदों में 50 रन ठोक कर सबसे तेज पचासा बनाने का युवराज सिंह का बड़ा रिकॉर्ड तोड़ दिया।
यही वह पारी थी जिसने उन्हें पंजाब किंग्स के बल्लेबाजी कोच संजय बांगर का ध्यान आकर्षित किया और उन्हें IPL 2024 से पहले नीलामी में पंजाब किंग्स ने ₹20 लाख के बेस प्राइस पर खरीद लिया। आशुतोष एक गजब के मैच विनर बल्लेबाज हैं, जिसका नजारा उसी मैच में देखने को मिल चुका है।
आशुतोष ने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ सिर्फ और सिर्फ 11 गेंदों में अर्धशतक ठोक कर युवराज सिंह का टी20 में सबसे तेज अर्धशतक जमाने का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। युवराज ने T20 में 12 गेंदों पर अर्धशतक का रिकॉर्ड बनाया था। उनकी इस पारी ने उन्हें आईपीएल का टिकट दिलाया था।
2024 के ऑक्शन में पंजाब किंग्स ने आशुतोष को 20 लाख के बेस प्राइस पर खरीद लिया, टीम में शामिल कर लिया। IPL के पिछले सीजन में आशुतोष ने मुंबई इंडियंस के खिलाफ मैच के दौरान बुमराह की गेंद पर भी छक्का लगाया था, अपनी टीम को मैच भी जिताया था और साथ ही साथ एक छाप छोड़ी थी कि आशुतोष शर्मा नाम का क्रिकेटर भी आईपीएल में आ चुका है।
IPL 2025 में एनएसजी के खिलाफ डीसी को एक हारा हुआ मैच जिताने के बाद यह पता चला कि आशुतोष के जो गुरु हैं, वह हैं गब्बर यानी कि शिखर धवन। अपनी टीम के साथ जीत का जश्न मनाने से पहले आशुतोष ने अपने गुरु शिखर धवन का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि शिखर धवन के मार्गदर्शन ने उनके खेल को बेहतर बनाने में बड़ी भूमिका निभाई।
आशुतोष बोले—मैं इस मैन ऑफ द मैच पुरस्कार को अपने गुरु शिखर पाजी को समर्पित करना चाहता हूं। इस जीत में शिखर पाजी की प्रेरणा मेरे लिए अहम रही, जिसने मेरे अंदर आत्मविश्वास बनाए रखने में मदद की।
एक वक्त वो था जब आशुतोष पाई-पाई को मोहताज थे और फिर एक वक्त वो आया जब IPL मेगा ऑक्शन 2025 में दिल्ली कैपिटल्स ने आशुतोष को ₹3 करोड़ 80 लाख देकर अपनी टीम में शामिल किया। यानी कि सीधा लगभग ₹4 करोड़।
डेथ ओवर्स में बड़े हिट्स लगाने में माहिर आशुतोष ने लखनऊ के खिलाफ मैच में तूफानी अंदाज में बल्लेबाजी कर दिल्ली को एक हारा हुआ मैच जिता दिया और दुनिया को बता दिया कि आशुतोष पर दांव लगाकर दिल्ली कैपिटल्स ने बिल्कुल सही फैसला लिया था।
कुछ और डिटेल्स आशुतोष के बारे में आपको बताते हैं जैसे कि आशुतोष का जन्म जो है वो मध्य प्रदेश के रतलाम में हुआ था। मध्य प्रदेश की घरेलू टीम की ओर से लिस्ट ए और टी20 खेल चुके हैं। 8 साल की उम्र से ही क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था। मध्य प्रदेश क्रिकेट एकेडमी में आने के बाद कोच अमय खुरसिया ने आशुतोष की मदद की।
करियर में एक अहम मोड़ तब आया जब वह रेलवे टीम में शामिल हुए। उन्हें अपने कौशल को निखारने के लिए सही अनुभव और अवसर मिला। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन ने मैच विनर के रूप में आशुतोष को पहचान दिलाई और अपने आक्रामक बैटिंग अंदाज से चयनकर्ताओं को उन्होंने दिल जीता। आईपीएल में उनको सेलेक्ट कर लिया गया और आज आशुतोष एक बड़े आईपीएल के स्टार बन चुके हैं।
और कोई बड़ी बात नहीं है कि क्योंकि युवा हैं, अपने प्रदर्शन से लगातार छाप छोड़ रहे हैं, तो आने वाले वक्त में टीम इंडिया की टिकट भी उनको मिल जाए और टीम इंडिया की जर्सी में भी आशुतोष शर्मा छा जाए—कोई बड़ी बात नहीं है। यह वक्त है, बहुत जल्द बदलता है।