बस्ती में विकास योजनाओं पर सख्ती: अधिकारियों को समयबद्ध काम पूरा करने का आदेश

अस्पतालों में लगेंगे CCTV, योजनाओं की प्रगति पर नजर

बस्ती में विकास योजनाओं पर सख्ती: अधिकारियों को समयबद्ध काम पूरा करने का आदेश
बस्ती में विकास योजनाओं पर सख्ती: अधिकारियों को समयबद्ध काम पूरा करने का आदेश

आयुक्त सभागार में मंडलायुक्त अखिलेश सिंह की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश शासन की प्राथमिकताओं और जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक हुई. बैठक में विभागवार विकास कार्यों की समीक्षा की गई और तय लक्ष्यों के मुकाबले उपलब्धियों, वित्तीय व भौतिक प्रगति तथा लंबित मामलों पर विस्तार से चर्चा की गई.

मंडलायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सरकार की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय पर और पारदर्शी तरीके से पहुंचे. उन्होंने पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, जल निगम, नियोजन, पंचायतीराज, पंचम वित्त आयोग, पर्यटन, लोक निर्माण, लोक शिकायत, यूपीसीएलडीएएफ, कृषि एवं सहकारिता, छात्रवृत्ति, जल जीवन मिशन, फैमिली आईडी, 15वां वित्त आयोग, ओडीओपी और फार्मर रजिस्ट्री जैसी योजनाओं की समीक्षा की. अधिकारियों से कहा गया कि विभागीय लक्ष्य के अनुसार प्रगति बनाए रखें ताकि जिले की रैंकिंग प्रभावित न हो.

जल जीवन मिशन की समीक्षा के दौरान निर्देश दिया गया कि चल रही योजनाओं को जल्द पूरा कराया जाए. छात्रवृत्ति योजना में किसी प्रकार की लापरवाही न बरतने और समय से काम पूरा करने को कहा गया. मुख्यमंत्री विवाह योजना की भी समीक्षा कर जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए.

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मुख्य चिकित्साधिकारी को अस्पतालों में सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगवाने और उनकी निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए. आईजीआरएस मामलों के निस्तारण में स्पष्ट और तथ्य आधारित रिपोर्ट लगाने को कहा गया, ताकि शिकायतकर्ता को असंतोष न रहे. आईजीआरएस से जुड़े मामलों की कार्यवाही का संचालन अपर आयुक्त प्रशासन मनोज कुमार त्रिपाठी ने किया.

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बैठक में यूनिसेफ के डिविजनल हेल्थ कोऑर्डिनेटर सुरेंद्र शुक्ल ने बताया कि एचबीएनसी कार्यक्रम के तहत नवजात शिशुओं के घर-घर भ्रमण की स्थिति संतोषजनक नहीं है. बस्ती में 72 प्रतिशत, संतकबीर नगर में 88 प्रतिशत और सिद्धार्थनगर में 78 प्रतिशत भ्रमण दर्ज किया गया, जो तय मानक से कम है. मंडल स्तर पर 85 प्रतिशत आशाओं ने भ्रमण किया है. एचबीवाईसी कार्यक्रम के तहत लाभार्थियों को आईएफए सिरप, जिंक और ओआरएस उपलब्ध कराना जरूरी है.

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डिलीवरी के बाद मंत्रा पोर्टल पर एंट्री की स्थिति अप्रैल से जनवरी तक बस्ती में 95 प्रतिशत, संतकबीर नगर में 85 प्रतिशत और सिद्धार्थनगर में 91 प्रतिशत रही, जिसमें सुधार की जरूरत बताई गई. टीकाकरण व्यवस्था मजबूत करने के लिए पांच नए कोल्ड चेन प्वाइंट स्थापित किए जाने हैं, जिनमें एक बस्ती और चार सिद्धार्थनगर में प्रस्तावित हैं. हालांकि सिद्धार्थनगर में अब तक तीन कोल्ड चेन प्वाइंट स्थापित नहीं हो सके हैं.

0 से 5 साल के बच्चों की मृत्यु रिपोर्टिंग संतकबीर नगर में केवल 10.65 प्रतिशत पाई गई, जिसे बढ़ाने की जरूरत बताई गई.

बैठक का संचालन संयुक्त विकास आयुक्त निर्मल कुमार द्विवेदी ने किया. बैठक में जिलाधिकारी बस्ती कृत्तिका ज्योत्स्ना, जिलाधिकारी सिद्धार्थनगर शिवशरणप्पा जीएन, जिलाधिकारी संतकबीरनगर आलोक कुमार, मुख्य विकास अधिकारी और अन्य मंडल स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे.

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विकास कुमार पिछले 20 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। उत्तर प्रदेश की राजनीति पर इनकी मजबूत पकड़ है, विधानसभा, प्रशासन और स्थानीय निकायों की गतिविधियों पर ये वर्षों से लगातार रिपोर्टिंग कर रहे हैं। विकास कुमार लंबे समय से भारतीय बस्ती से जुड़े हुए हैं और अपनी जमीनी समझ व राजनीतिक विश्लेषण के लिए पहचाने जाते हैं। राज्य की राजनीति पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक भरोसेमंद पत्रकार की पहचान देती है