बस्ती के जिमों में महिला ट्रेनर ही नहीं, पुरुष ट्रेनर्स की देखरेख में हो रही एक्सरसाइज

बस्ती के जिमों में महिला ट्रेनर ही नहीं, पुरुष ट्रेनर्स की देखरेख में हो रही एक्सरसाइज
Photo by bruce mars on Unsplash

बस्ती. जनपद ही नहीं देश भर के अधिकांश जिलों में महिलाओं की सुविधा के लिए जिम ट्रेनर ही नहीं है.  बस्ती शहर में संचालित लगभग आधा दर्जन जिमों में अपने शरीर को चुस्त दुरूस्त रखने के लिए सैकड़ों लोग रोजाना जाते है. युवाओं द्वारा जिमों में कसरत करने की ललक ने इस कारोबार को बढ़ावा दिया. धीरे-धीरे महिलाओं ने भी अपने आप को फिट रखने के लिए जिमों की राह पकड़नी शुरू कर दी. 

   मजे की बात जब शहर के जिमों की पड़ताल की गयी तो वहां महिला जिम ट्रेनर ही नहीं थीें. पुरूष जिम ट्रेनरों की सहायता से खुद की देह को संवारना महिलाओं की मजबूरी   है. ऐसे में खुद को फिट रखने वाली घरेलू महिलाओं, युवतियों को न चाहते हुए भी पुरूष जिम ट्रेनरों की  देखरेख में कसरत करना पड़ता है. 

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    दिल्ली, बिहार , राजस्थान, लखनऊ से आ रही खबरों पर ध्यान दें तो पुरूष जिम ट्रेनरों के सम्पर्क में आने से तमाम महिलाओं के घर बिखर चुके है. वहीं कुछ महिलाएं और युवतियों को पे्रमजाल में फंसाकर जिम ट्रेनर उनका शारिरिक शोषण  करने जैसी खबरें सामने आ रही है.   सामाजिक कार्यकर्ताओं की मानें तो तमाम जिमों में इसकी आड़ में महिलाओं का शारिरिक शोषण होना आम बात है. कहने के लिए  जिमों में महिलाओं के लिए अलग कक्षाएं संचालित होती है. मगर जिस तरह से पुरूष जिम ट्रेनरों की देखरेख में ये होता है इसे सही नहीं ठहराया जा सकता. 

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     सामाजिक अपराधों के बढ़ते मामलों को देखते हुए अब सोशल मीडिया पर  जिमों में महिला ट्रेनरों की मांग उठ रही है. जिससे महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. 

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भारतीय बस्ती
bhartiyabasti.com
21 Sep 2021 By Anoop Mishra

बस्ती के जिमों में महिला ट्रेनर ही नहीं, पुरुष ट्रेनर्स की देखरेख में हो रही एक्सरसाइज

बस्ती. जनपद ही नहीं देश भर के अधिकांश जिलों में महिलाओं की सुविधा के लिए जिम ट्रेनर ही नहीं है.  बस्ती शहर में संचालित लगभग आधा दर्जन जिमों में अपने शरीर को चुस्त दुरूस्त रखने के लिए सैकड़ों लोग रोजाना जाते है. युवाओं द्वारा जिमों में कसरत करने की ललक ने इस कारोबार को बढ़ावा दिया. धीरे-धीरे महिलाओं ने भी अपने आप को फिट रखने के लिए जिमों की राह पकड़नी शुरू कर दी. 

   मजे की बात जब शहर के जिमों की पड़ताल की गयी तो वहां महिला जिम ट्रेनर ही नहीं थीें. पुरूष जिम ट्रेनरों की सहायता से खुद की देह को संवारना महिलाओं की मजबूरी   है. ऐसे में खुद को फिट रखने वाली घरेलू महिलाओं, युवतियों को न चाहते हुए भी पुरूष जिम ट्रेनरों की  देखरेख में कसरत करना पड़ता है. 

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     सामाजिक अपराधों के बढ़ते मामलों को देखते हुए अब सोशल मीडिया पर  जिमों में महिला ट्रेनरों की मांग उठ रही है. जिससे महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. 

 

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अनूप मिश्रा, भारतीय बस्ती के पत्रकार है. बस्ती निवासी अनूप पत्रकारिता में परास्नातक हैं और अपनी शुरुआती शिक्षा दीक्षा गवर्नमेंट इंटर कॉलेज से पूरी की है.