संजय जायसवाल अब नहीं लड़ पाएंगे कोई भी चुनाव? 22 साल पुराने मामले में आया फैसला
उत्तर प्रदेश स्थित बस्ती में रुधौली विधानसभा से पूर्व विधायक संजय प्रताप जायसवाल को एमपी एमएलए को कोर्ट ने 3 साल की सजा सुनाई है. कोर्ट के इस फैसले के बाद अब वह 6 साल तक कोई चुनाव तब तक लड़ सकते जब तक कि हाईकोर्ट फैसले पर स्टे न लगा दे.
पूर्व विधायक संजय जयसवाल, पूर्व विधायक आदित्य विक्रम सिंह समेत 6 लोगों को 3 साल की सजा सुनाई गई है. एमपी एमएलए कोर्ट ने मारपीट मामले में सजा सुनाई. साल 2003 में एमएलसी चुनाव में मतगणना के दौरान तत्कालीन डीएम अनिल कुमार द्वितीय से अभद्रता हुई थी. आरोप मतगणना में डीएम पर धांधली कराने का लगा था. 3 दिसम्बर 2003 को एमएलसी की मतगणना में मारपीट हुई थी.
इस मामले में संजय जयसवाल,आदित्य विक्रम सिंह, महेश सिंह, त्र्यंबक पाठक, अशोक सिंह, इरफान को सजा सुनाई गई है. त्र्यंबक पाठक और महेश सिंह ब्लॉक प्रमुख रह चुके हैं .
यह भी पढ़ें: बस्ती में दलित मासूम से दुराचार-हत्या का मामला, 1 साल बाद भी खुलासा नहीं, मां ने CBI जांच की उठाई मांगपूर्व विधायक आदित्य विक्रम सिंह की पत्नी कांचना सिंह और मनीष जयसवाल एमएलसी के प्रत्याशी थे. उस वक्त मनीष जयसवाल ने एमएलसी का चुनाव जीता था. इस मामले में एक आरोपी कांचना सिंह की मुकदमे की सुनवाई के दौरान ही निधन हो चुका है. एमपी एमएलए कोर्ट ने लोअर कोर्ट की तीन साल की सजा को रखा बरकरा. अब सजायाफ्ता सभी हाईकोर्ट से जमानत के लिए अपील कर सकते हैं.
मामले में सभी की जमानत याचिका खारिज करते हुए कोर्ट ने उन्हें जेल भेजने का आदेश दे दिया है.
संजय जायसवाल अब नहीं लड़ पाएंगे कोई भी चुनाव? 22 साल पुराने मामले में आया फैसला
उत्तर प्रदेश स्थित बस्ती में रुधौली विधानसभा से पूर्व विधायक संजय प्रताप जायसवाल को एमपी एमएलए को कोर्ट ने 3 साल की सजा सुनाई है. कोर्ट के इस फैसले के बाद अब वह 6 साल तक कोई चुनाव तब तक लड़ सकते जब तक कि हाईकोर्ट फैसले पर स्टे न लगा दे.
पूर्व विधायक संजय जयसवाल, पूर्व विधायक आदित्य विक्रम सिंह समेत 6 लोगों को 3 साल की सजा सुनाई गई है. एमपी एमएलए कोर्ट ने मारपीट मामले में सजा सुनाई. साल 2003 में एमएलसी चुनाव में मतगणना के दौरान तत्कालीन डीएम अनिल कुमार द्वितीय से अभद्रता हुई थी. आरोप मतगणना में डीएम पर धांधली कराने का लगा था. 3 दिसम्बर 2003 को एमएलसी की मतगणना में मारपीट हुई थी.
इस मामले में संजय जयसवाल,आदित्य विक्रम सिंह, महेश सिंह, त्र्यंबक पाठक, अशोक सिंह, इरफान को सजा सुनाई गई है. त्र्यंबक पाठक और महेश सिंह ब्लॉक प्रमुख रह चुके हैं .
पूर्व विधायक आदित्य विक्रम सिंह की पत्नी कांचना सिंह और मनीष जयसवाल एमएलसी के प्रत्याशी थे. उस वक्त मनीष जयसवाल ने एमएलसी का चुनाव जीता था. इस मामले में एक आरोपी कांचना सिंह की मुकदमे की सुनवाई के दौरान ही निधन हो चुका है. एमपी एमएलए कोर्ट ने लोअर कोर्ट की तीन साल की सजा को रखा बरकरा. अब सजायाफ्ता सभी हाईकोर्ट से जमानत के लिए अपील कर सकते हैं.
मामले में सभी की जमानत याचिका खारिज करते हुए कोर्ट ने उन्हें जेल भेजने का आदेश दे दिया है.
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